{"_id":"5c55baabbdec2273970e4575","slug":"mallikarjun-kharge-did-not-want-to-see-rishi-kumar-shukla-as-cbi-chief","type":"story","status":"publish","title_hn":"शुक्ला को सीबीआई प्रमुख बनाने पर इसलिए है खड़गे को आपत्ति","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
शुक्ला को सीबीआई प्रमुख बनाने पर इसलिए है खड़गे को आपत्ति
Sun, 03 Feb 2019 07:21 AM IST
अजय सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: अजय सिंह
Updated Sun, 03 Feb 2019 07:21 AM IST
विज्ञापन
Mallikarjun Kharge
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सीबीआई निदेशक की नियुक्ति संबंधी कैबिनेट समिति (सीसीए) के सदस्य और सबसे बड़े विपक्षी दल के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने नवनियुक्त ऋषि कुमार शुक्ला पर आपत्ति जताते हुए सरकार को चिट्ठी लिखी है। उन्होंने चिट्ठी में स्पष्ट किया है कि जिन पांच नामों की सिफारिश की गई है, उनमें भ्रष्टाचार मामलों की जांच में शुक्ला का अनुभव सबसे कम है। इस पद के लिए सीसीए ने शुक्ला के अलावा राजीव राय भटनागर, सुदीप लखटकिया, जावीद अहमद और ए. पी. माहेश्वरी की सिफारिश की थी।
विज्ञापन
खरगे की चिट्ठी के मुताबिक, सभी तरह की जांच के मामलों में यूपी कैडर के अधिकारी जावीद अहमद का सबसे लंबा (303 माह) अनुभव रहा है जबकि भ्रष्टाचार मामलों में भी वह सबसे ज्यादा (160 माह) अनुभवी हैं।
विज्ञापन
हालांकि अहमद मध्य प्रदेश कैडर के अधिकारी शुक्ला से वरिष्ठता क्रम में एक साल पीछे हैं लेकिन शुक्ला ने अपने कैरियर में भ्रष्टाचार के एक भी मामले की जांच नहीं की है। अन्य मामलों की जांच (117 माह) में ही उनका योगदान रहा है। इसके अलावा भटनागर को भ्रष्टाचार मामलों की जांच का 25 माह और अन्य मामलों की जांच का 170 माह का अनुभव है।
विज्ञापन
खरगे ने अपनी चिट्ठी में सुप्रीम कोर्ट बनाम विनीत नारायण मामले पर फैसले का भी जिक्र किया है जिसमें वरिष्ठता, ईमानदारी और भ्रष्टाचार के खिलाफ जांच के अनुभव को मानदंड माना गया है। इस आधार पर समिति ने वरिष्ठता के अलावा भ्रष्टाचार मामलों की जांच में कम से कम 100 माह के अनुभव वाले अधिकारी के चयन की सिफारिश की थी।