Maharashtra News: आईआईटी बॉम्बे के हॉस्टल में मिली छात्र की लाश, नासिक में 3.8 तीव्रता का भूकंप
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) से फिर बुरी खबर सामने आई है। आईआईटी बॉम्बे के हॉस्टल में छात्र का शव मिला है। मुंबई आईआईटी में बीटेक द्वितीय वर्ष के छात्र सोहिल राजकुमार सांगवान का शव मंगलवार रात कमरे में सीलिंग फैन से चादर के सहारे लटका मिला। वह राजस्थान के पिलानी के रहने वाले थे। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
पांच साल में 70 छात्रों व स्टाफ ने दी जान
ग्लोबल आईआईटी एलुमनाई सपोर्ट ग्रुप की रिपोर्ट के अनुसार आईआईटी संस्थानों में आत्महत्या के मामलों में चिंताजनक वृद्धि हुई है। रिपोर्ट के अनुसार 5 वर्षों में लगभग 70 छात्रों और स्टाफ ने अपनी जान गंवाई है। इनमें हालिया महीनों व वर्षों में आईआईटी कानपुर और आईआईटी गुवाहाटी सबसे ज्यादा प्रभावित रहे हैं।
महाराष्ट्र के नासिक में 3.8 तीव्रता का भूकंप, तड़के महसूस हुए झटके
महाराष्ट्र के नासिक जिले में गुरुवार तड़के भूकंप के झटके महसूस किए गए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 3.8 मापी गई। यह भूकंप सुबह 2:37 बजे आया। इसका केंद्र जमीन से केवल 5 किलोमीटर की गहराई में स्थित था।
गहराई कम होने के कारण सतह पर झटके ज्यादा महसूस होते हैं। हालांकि, इस भूकंप से किसी भी तरह के नुकसान या जान-माल की हानि की खबर नहीं है। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और लोगों से नासिक में शांति बनाए रखने की अपील की गई है।
FDA कर्मचारियों ने मंत्री से की शिकायत
महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन की मुंबई और नागपुर लैब के 27 अधिकारियों और कर्मचारियों ने मंत्री नरहरी जिरवाल को शिकायत पत्र भेजकर नई दो-शिफ्ट व्यवस्था, बढ़े कार्य घंटे और कर्मचारियों की कमी पर गंभीर चिंता जताई है। कर्मचारियों का कहना है कि सुबह 7 बजे से दोपहर 3 बजे और दोपहर से रात 8 बजे तक की शिफ्ट, शनिवार को भी अनिवार्य ड्यूटी तथा बिना अनुमति अवकाश न लेने के निर्देशों से उनकी शारीरिक-मानसिक सेहत और पारिवारिक जीवन प्रभावित हो रहा है। उनका दावा है कि सैंपल जांच का बैकलॉग केवल काम के घंटे बढ़ाने से नहीं, बल्कि रिक्त पद भरने और पर्याप्त सपोर्ट स्टाफ उपलब्ध कराने से खत्म होगा। कर्मचारियों ने दो-शिफ्ट प्रणाली वापस लेने, पुराना कार्यालय समय और शनिवार-रविवार की साप्ताहिक छुट्टियां बहाल करने के साथ पिछले एक महीने के अतिरिक्त कार्य को आधिकारिक मान्यता देने की मांग की है। वहीं, FDA कमिश्नर तुकाराम मुंडे ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह व्यवस्था लैब की कार्यक्षमता बढ़ाने, काम का बेहतर प्रबंधन करने और हर सैंपल की जांच रिपोर्ट 48 घंटे के भीतर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लागू की गई है। उन्होंने कहा कि तकनीकी लैब के लिए सामान्य सरकारी कार्यालयों से अलग कार्य व्यवस्था आवश्यक है और किसी कर्मचारी को उसकी इच्छा के विरुद्ध काम करने के लिए मजबूर नहीं किया जा रहा है।
महाराष्ट्र के ठाणे स्थित मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (एमएसीटी) ने करीब 15 साल पुराने सड़क हादसे में 64 प्रतिशत स्थायी आंशिक दिव्यांगता झेलने वाले युवक को 20.45 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है। हादसे के समय रोहित विष्णु परदेशी 16 वर्ष के थे। अधिकरण ने कार मालिक और न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी को संयुक्त रूप से मुआवजा देने का निर्देश दिया। चूंकि दुर्घटना के समय कार एक नाबालिग बिना ड्राइविंग लाइसेंस के चला रहा था, इसलिए बीमा कंपनी को पहले राशि चुकाने और बाद में कार मालिक से वसूलने का आदेश दिया गया।