महाराष्ट्र : संकट से उबारने को उद्धव की पत्नी भी मैदान में उतरीं, बागी विधायकों की पत्नियों से साध रही हैं संपर्क
ठाणे में बागी नेता एकनाथ शिंदे के समर्थक भी मैदान में उतर गए हैं। ठाणे शिवसेना प्रमुख व पूर्व महापौर नरेश म्हस्के ने शिंदे के समर्थन में पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। टकराव की आशंका के बीच संवेदनशील इलाकों में पुलिस की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
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महाराष्ट्र में सरकार के साथ पार्टी को बचाने की जंग में अब मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की पत्नी रश्मि ठाकरे भी मैदान में उतर गई हैं। उन्होंने बागी विधायकों की पत्नियों से संपर्क साधना शुरू किया है। शिवसेना ने डैमेज कंट्रोल के लिए एक साथ कई महिम शुरू की है। एक तरफ मान मनौव्वल और कानूनी दांवपेच की रणनीति बनाई है तो दूसरी तरफ बागियों को धमकियां भी दी जा रही हैं।
बागियों को मनाने की अब तक की हर कोशिश बेकार रही है। इसलिए रश्मि ठाकरे बागियों की पत्नियों को फोन कर रही हैं और उनसे अपने पति को वापस बुलाने के लिए कह रही हैं। कहा जा रहा है कि रश्मि ठाकरे पर्दे के पीछे से शिवसेना संगठन को संचालित करती हैं। सूत्रों का कहना है कि रश्मि को हालांकि बागी विधायकों की पत्नियों की तरफ से सकारात्मक जवाब नहीं मिल रहा है।
शिवसैनिकों पर शिंदे समर्थकों का भी जवाबी हमला
शिवसेना समर्थकों के सड़क पर उतरने के साथ ही बागी विधायकों के समर्थकों ने भी जवाबी हमला शुरू कर दिया है। उद्धव के समर्थकों ने मुंबई में रविवार को बाइक रैली निकाली। वहीं, पुणे में शिवसेना कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया और बागियों के खिलाफ नारेबाजी की। शिवसैनिकों ने कहा गद्दारों को माफ नहीं करेंगे।
उधर, शनिवार को बागी विधायक तानाजी सावंत के कार्यालय में तोड़फोड़ पर रविवार को सावंत के समर्थन में छात्र संगठन के कार्यकर्ताओं ने शिवसेना पर जवाबी हमला बोला। ठाणे में बागी नेता एकनाथ शिंदे के समर्थक भी मैदान में उतर गए हैं। ठाणे शिवसेना प्रमुख व पूर्व महापौर नरेश म्हस्के ने शिंदे के समर्थन में पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। टकराव की आशंका के बीच संवेदनशील इलाकों में पुलिस की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
राज्यपाल ने बागियों के परिवार की सुरक्षा का दिया आदेश
राज्यपाल भगतसिंह कोश्यारी को रविवार को अस्पताल से छुट्टी मिल गई। कोश्यारी ने राजभवन पहुंच कर महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक और मुंबई पुलिस आयुक्त को बागी विधायकों के परिवार की सुरक्षा का आदेश दिया।
आघाड़ी को भरोसा, मुंबई आएंगे तो टूट जाएंगे विधायक
महाराष्ट्र में सियासी घमासान के बीच शिवेसना के नेतृत्व वाली आघाड़ी सरकार के नेताओं को भरोसा है कि गुवाहाटी गए बागी विधायक जब मुंबई लौटेंगे तब वह टूट जाएंगे। इसी के सहारे सरकार को बचा लेने की उम्मीद की जा रही है।
वहीं, बागी गुट के नेता एकनाथ शिंदे शिवसेना के दो तिहाई विधायकों के (37) को हर हाल में अपने पक्ष में रखना चाहते हैं। रविवार को दिल्ली पहुंचे आघाड़ी सरकार के शिल्पकार और एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने कहा कि उद्धव ठाकरे सरकार चला पाएंगे कि नहीं, यह तब पता चलेगा जब बागी विधायक गुवाहाटी से वापस लौटेंगे।
पवार ने कहा, उम्मीद है जब बागी विधायक मुंबई लौटेंगे तो उद्धव से मिलेंगे। उसके बाद स्थिति बदल जाएगी। माना जा रहा है कि इसी फार्मूले के तहत संजय राउत बार-बार बागी विधायकों को मुंबई लौटने की चुनौती दे रहे हैं। उधर, अस्पताल से लौटते ही राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी सकि्रय हो गए हैं।