महाराष्ट्र का दंगल : नतीजों के 12 दिन बाद भी सरकार गठन की तस्वीर साफ नहीं
- मुख्यमंत्री पद के लिए अड़ी शिवसेना के सामने एनसीपी की शर्त, पहले छोड़े एनडीए
- नौ नवंबर को खत्म होगा विधानसभा का कार्यकाल, इससे पहले सरकार बनना जरूरी
- भाजपा अह भी शिवसेना के आगे झुकने को तैयार नहीं, सरकार बनाने का किया दावा
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विस्तार
महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर जारी गतिरोध के बीच शिवसेना नेता संजय राउत ने फिर दोहराया कि राज्य का अगला मुख्यमंत्री उनकी पार्टी से ही बनेगा। महाराष्ट्र का फैसला महाराष्ट्र में ही लिया जाएगा। वहीं, एनसीपी ने भी शिवसेना के सामने एनडीए से बाहर निकलने की शर्त रख दी है। एनसीपी प्रवक्ता नवाब मलिक ने कहा कि अगर भाजपा शिवसेना को मुख्यमंत्री पद नहीं देती है तो विकल्प तलाशा जा सकता है, लेकिन इसके लिए शिवसेना को भाजपा और एनडीए का साथ छोड़ना होगा।
इस बीच, भाजपा ने मंगलवार शाम गतिरोध सुलझने के संकेत दिया है। भाजपा नेता सुधीर मुनगंटीवार ने कहा कि किसी भी पल सरकार गठन को लेकर सुखद खबर आ सकती है। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजों में भाजपा-शिवसेना गठबंधन को बहुमत मिलने के 12 दिन बाद भी दोनों दलों में सरकार गठन को लेकर सहमति नहीं बन पाई है। राज्य में नौ नवंबर से पहले सरकार का गठन होना जरूरी है, क्योंकि इसी दिन विधानसभा का कार्यकाल खत्म हो रहा है।
अगला मुख्यमंत्री शिवसेना का ही होगा : राउत
राउत ने महाराष्ट्र की राजनीति बदल रही है और न्याय की इस लड़ाई में उनकी पार्टी की ही जीत होगी। यह तय है कि महाराष्ट्र का अगला मुख्यमंत्री शिवसेना का होगा। एनसीपी नेता शरद पवार के मुख्यमंत्री पद के दावेदार होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह गलत जानकारी है। पवार देश के बड़े नेता हैं, उन्हें फिर से राज्य की राजनीति में न खींचें।
शिवसेना-एनसीपी के ढाई-ढाई साल के मुख्यमंत्री के प्रश्न पर उन्होंने मीडिया से सवाल किया कि क्या सोनिया गांधी या शरद पवार ने उनसे यह बात कही है? राउत ने कहा कि महाराष्ट्र की जनता की इच्छानुसार ही सरकार सत्ता में आएगी।
सावंत के इस्तीफे के बाद पत्ते खोलेगी एनसीपी
एनसीपी सूत्रों ने बताया कि मंगलवार को शिवसेना नेतृत्व से केंद्र में उनके इकलौते मंत्री अरविंद सावंत को इस्तीफा देना होगा। इसके बाद ही एनसीपी अपने पत्ते खोलेगी। इस बीच, मलिक ने शिवसेना विधायकों के पाला बदलने की खबरों पर भाजपा पर निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि अगर भाजपा खरीद फरोख्त का खेल खेलना चाहती है तो चुनाव से पहले भाजपा में शामिल होने वाले नेता भी अपनी मूल पार्टियों में लौटने को तैयार हैं। कई विधायक हमारे संपर्क में हैं। अगर भाजपा खरीद फरोख्त करती है तो उसके पास सिर्फ 25-30 विधायक ही बचेंगे।
फडणवीस के नेतृत्व में बनाएंगे सरकार : भाजपा
हालांकि, भाजपा अब भी शिवसेना की मांग के आगे झुकने को तैयार नहीं है। भाजपा के वरिष्ठ नेता चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि जल्द ही राज्य में देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में सरकार का गठन होगा। राज्य भाजपा कोर टीम की बैठक के बाद पाटिल ने कहा कि जनता ने महायुति (भाजपा-शिवसेना गठबंधन) के पक्ष में जनादेश दिया है। शिवसेना ने अभी तक कोई प्रस्ताव नहीं दिया है। भाजपा के दरवाजे उनके लिए हमेशा खुले हैं। इसमें संदेह नहीं कि फणडवीस ही मुख्यमंत्री बनेंगे।