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महाराष्ट्र: वृद्ध मां-बाप की देखभाल नहीं की तो 'डिफाल्टर' घोषित होंगे बच्चे, सरकार ने बनाई नीति
ब्यूरो, अमर उजाला, नागपुर
Updated Thu, 12 Jul 2018 08:26 PM IST
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महाराष्ट्र में वृद्ध मां-बाप की देखभाल नहीं करने वाले बच्चों को 'डिफाल्टर' घोषित कर दिया जाएगा। लेकिन, जो बच्चे अपने बुजुर्ग की अच्छे से देखभाल करेंगे उन्हें आयकर में छूट दी जाएगी।
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सूबे की देवेंद्र फडणवीस सरकार ने आयकर में छूट का प्रस्ताव तैयार किया है, जिसे जल्द ही केंद्र सरकार की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल के लिए इस तरह की पॉलिसी तैयार करने वाला महाराष्ट्र संभवत: पहला राज्य है।
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महाराष्ट्र सरकार के सामाजिक न्याय विभाग की ओर से जारी परिपत्र में सरकारी योजनाओं के लिए पात्र वरिष्ठ नागरिकों की उम्र 65 साल से घटाकर 60 साल कर दी गई है।
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इसके साथ ही विभिन्न विभागों को वरिष्ठ नागरिकों को वित्तीय फायदा देने के लिए निर्देशित किया गया है। वहीं, अकेले रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों की सूची स्थानीय पुलिस और सामाजिक कार्यकर्ताओं के माध्यम से तैयार की जाएगी।
सूबे में वरिष्ठ नागरिकों के लिए व्यापक पॉलिसी साल 2013 में ही तैयार की गई थी लेकिन, उसे अब लागू किया जा रहा है। इस पॉलिसी के तहत सभी सरकारी अस्पतालों में 5 फीसदी बेड वरिष्ठ नागरिकों के लिए आरक्षित रखे जाएंगे। जहां उन्हें मुफ्त में डायलिसिस की भी सेवा दी जाएगी। वहीं, सभी जिलों में कम से कम चार वृद्धाश्रम बनाए जाएंगे।