Maharasthra Rain: महाराष्ट्र हुआ पानी-पानी; कहीं सड़कें तो कहीं घर डूबे, भारी बारिश के बीच चार लोगों की मौत
बारिश के कारण सड़कों, रेलवे पटरियों और लोगों के घरों में पानी भर गया है। कुछ जगहों पर तो लोगों को बचाने के लिए विभाग को नाव तक की जरूरत पड़ गई।
विस्तार
महाराष्ट्र के कई शहरों में लगातार बारिश का कहर जारी है। मुंबई, पुणे, पालघर समेत कई अन्य जगहों पर हालात बद से बदतर हो गए हैं। राज्य की राजधानी की सार्वजनिक परिवहन सेवाएं काफी प्रभावित हुई हैं। लगातार बारिश के कारण सड़कों, रेलवे पटरियों और लोगों के घरों में पानी भर गया है। कुछ जगहों पर तो लोगों को बचाने के लिए विभाग को नाव तक की जरूरत पड़ गई है। भारी बारिश से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस बीच मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। कुछ जगहों पर स्कूल-कॉलेजों की छुट्टी कर दी गई है।
एनडीआरएफ और भारतीय सेना की टीमें जलमग्न इलाकों में फंसे स्थानीय लोगों को बचाने के लिए पुणे के एकता नगर पहुंची।
#WATCH | Maharashtra | Teams of NDRF and Indian Army have reached Pune's Ekta Nagar to rescue locals stranded in inundated areas pic.twitter.com/iVx7Y1ds4e
— ANI (@ANI) July 25, 2024
एयर इंडिया ने मुंबई में बारिश को देखते हुए सोशल मीडिया मंच एक्स पर ताजा जानकारी साझा की। बताया, 'भारी बारिश के कारण मुंबई आने-जाने वाली उड़ानें प्रभावित हो सकती हैं। धीमे यातायात और जलभराव को देखते हुए हवाईअड्डों पर आने के लिए थोड़ा पहले निकलने की सलाह दी जाती है।'
करंट लगने से मौत
बिगड़े मौसम के मिजाज का अंदाजा इसी बात से लगा सकते हैं कि यहां चार लोगों की मौत की खबर सामने आई है। भारी बारिश के कारण पुणे ग्रामीण के अधरवाड़ी गांव में चट्टानें खिसकने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। जबकि हादसे में एक अन्य घायल भी हो गया। वहीं, गुरुवार तड़के तीन लोगों की बिजली का करंट लगने से मौत हो गई। वे भारी बारिश के कारण डूबे अपने ठेले को हटाने की कोशिश कर रहे थे।
इन लोगों की हुई मौत
पुलिस ने बताया कि घटना डेक्कन जिमखाना इलाके में हुई। तीनों मृतक बाबा भिड़े पुल के पास सड़क किनारे ठेले पर अंडे बेच रहे थे। डेक्कन जिमखाना पुलिस थाने के एक अधिकारी ने बताया कि भारी बारिश के कारण उनका ठेला पानी में डूब गया था। उसे पानी से निकालते समय बिजली का करंट लग गया। उन्होंने बताया कि घटना के बाद तीन लोगों- अभिषेक घाणेकर, आकाश माने और शिव परिहार को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
राज्य में वर्षा एवं बाढ़ की स्थिति पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा, 'पुणे में स्थिति बहुत खराब है। लोगों के घरों में पानी भर गया है रोड पर पानी है। बांध में बारिश का पानी भर गया है। वहां एनडीआरएफ सहित सभी अधिकारियों को मैंने सूचित किया है। टीमें वहां काम रही है। मैंने आर्मी के मेजर जनरल अनुराग विज से भी बातचीत की है। कर्नल संदीप से बात की है और उन्हें अपनी टीम को अलर्ट पर रखने को कहा है। लोगों को एयरलिफ्ट करने की भी तैयारी की गई है। प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है और उनके खाने पीने की व्यवस्था करने को कहा है।'
जनजीवन अस्त-व्यस्त
पुणे में बुधवार रात से लगातार बारिश हो रही है। भारी बारिश के कारण शहर के कुछ हिस्सों में जलभराव हो गया है। तस्वीरों से साफ समझ आ रहा है कि यहां के हालात कितने खराब हैं। लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। आवासीय क्षेत्रों में बारिश का पानी घुसने के बाद पुणे अग्निशमन विभाग को लोगों को बचाने के लिए इन्फ्लेटेबल रबर बोट की मदद लेनी पड़ी।
#WATCH | Maharashtra: Water enters houses following heavy rainfall in Pune City
— ANI (@ANI) July 25, 2024
Visuals from Ekta Nagar and Vitthal Nagar in Pune. pic.twitter.com/WWWFEhMLeK
अंधेरी सबवे करना पड़ा बंद
वहीं, मुंबई के अंधेरी में जलभराव हो गया है। यहां का सबवे भारी बारिश के चलते वाहनों की आवाजाही के लिए बंद कर दिया गया है।
पालघर के कलेक्टर कार्यालय ने बताया कि आईएमडी ने आज के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसे देखते हुए जिले के सभी स्कूल और कॉलेज बंद करने का फैसला लिया है। वहीं, पुणे शहर में भारी बारिश के कारण अग्निशमन विभाग ने आज सुबह शहर के निंबजनगर इलाके में फंसे 70 लोगों को बचाया।
#WATCH | Pune: The fire department rescued 70 stranded people from the Nimbjanagar area of Pune city earlier today, as the city received heavy rainfall.
— ANI (@ANI) July 25, 2024
Visuals Source: Pune Fire Department pic.twitter.com/NLxZmLEnSV
रायगढ़ पुलिस ने बताया कि महाड एमआईडीसी थाना क्षेत्र में कास्बे शिवथार और समर्थ शिवथर के बीच छोटा पुल भारी बारिश के कारण बह गया है। हालांकि कोई यात्री यातायात नहीं है, स्थानीय किसानों की जमीनें पुल के दूसरी तरफ हैं। सुरक्षा उपाय के रूप में सड़क को बैरिकेड किया गया है।'