{"_id":"6472412d374956579d054465","slug":"maharashtra-once-a-naxal-girl-clears-class-12-exam-dreams-of-joining-police-force-2023-05-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"महाराष्ट्र: नक्सल दस्ते की सदस्य रही आदिवासी लड़की ने पास की 12वीं की परीक्षा, अब पुलिस बल में शामिल होना सपना","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
महाराष्ट्र: नक्सल दस्ते की सदस्य रही आदिवासी लड़की ने पास की 12वीं की परीक्षा, अब पुलिस बल में शामिल होना सपना
Sat, 27 May 2023 11:13 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: निर्मल कांत
Updated Sat, 27 May 2023 11:13 PM IST
सार
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि गोंदिया जिले के कुरखेड़ा तहसील के लवहारी गांव निवासी राजुला रवेलसिंह हिदामी (19 वर्षीय) ने प्रदेश बोर्ड परीक्षा में 45.83 फीसदी अंक हासिल किए। बोर्ड परीक्षा के परिणाम इस हफ्ते की शुरुआत में घोषित किए गए थे।
विज्ञापन
राजुला रवेलसिंह हिदामी
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
कभी नक्सल दस्ते का हिस्सा रह चुकी आदिवासी लड़की ने 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा पास पास कर ली। अब वह पुलिस बल में शामिल होना चाहती है। लड़की राज्य के गोंदिया जिले की रहने वाली है।
विज्ञापन
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि गोंदिया जिले के कुरखेड़ा तहसील के लवहारी गांव निवासी राजुला रवेलसिंह हिदामी (19 वर्षीय) ने प्रदेश बोर्ड परीक्षा में 45.83 फीसदी अंक हासिल किए। बोर्ड परीक्षा के परिणाम इस हफ्ते की शुरुआत में घोषित किए गए थे।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि अपने गांव के पास जानवरों को चराते वक्त 2016-17 में राजुला को नक्सलियों ने अगवा कर लिया था और उसे जबरन कुरखेड़ा कोरची देवरी (केकेडी) दल में भर्ती किया था। नक्सलियों ने राजुला को हथियार चलाने का प्रशिक्षण दिया था और वह कथित रूप से पुलिस के खिलाफ हिंसा की एक वारदात में भी शामिल थी।
विज्ञापन
अधिकारी ने कहा कि पुलिस की खुफिया विंग को सूचना मिली थी कि राजुला प्रतिबंधित संगठन को छोड़ना चाहती है। इसके चलते 2018 में पुलिस ने उसे बचाने में मदद की। राजुला ने तत्कालीन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संदीप अठोले के समक्ष आत्मसमर्पण किया था। उसकी कम उम्र को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने उसकी काउंसलिंग की और उसे समाज की मुख्यधारा में शामिल होने के लिए राजी किया। अठोले अभी औरंगाबाद में भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो के एसपी हैं। अठोले राजुला के अभिभावक बने थे और आदिवासी विकास परियोजना अधिकारी जितेंद्र चौधरी की मदद से उसे एक आदिवासी आवासीय विद्यालय में दाखिला दिलाने में मदद की।
अधिकारी ने बताया कि नक्सलियों के अगवा किए जाने से पहले राजुला ने कक्षा सात की पढ़ाई की थी। स्कूल में दाखिला लेकर उसने फिर से अपनी पढ़ाई शुरू। उसे कुछ पुलिसकर्मियों ने भी पढ़ाया। उसने 2021 में 10वीं कक्षा पास की और अब वह 12वीं भी पास हो गई है। राजुला ने कहा कि वह स्नातक की पढ़ाई पूरी कर पुलिस बल में शामिल होना चाहती है। उसने कहा कि वह शिक्षा के महत्व को समझ चुकी है और उसने दूसरों से हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में शामिल होने की अपील की।