महाराष्ट्र में कोरोना: 24 घंटों में 67 हजार से ज्यादा नए मामले, 568 मरीजों की गई जान
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देश में कोरोना वायरस संक्रमण के सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य महाराष्ट्र में पिछले 24 घंटों में संक्रमण के 67,013 नए मामले दर्ज किए गए। इसके अलावा इसी अवधि में 62,298 मरीज ठीक हुए और 568 की मौत हो गई। राज्य में अब कोरोना के कुल मामलों की संख्या 40 लाख 94 हजार 840 हो गई है। महाराष्ट्र में अब कोरोना के सक्रिय मामलों का आंकड़ा छह लाख 99 हजार 858 हो गया है। राज्य में अभी तक 33 लाख 30 हजार 747 मरीज ठीक हो चुके हैं। राज्य में आज रात आठ बजे से सख्त पाबंदियां लागू कर दी गई हैं।
महाराष्ट्र में 18 अप्रैल को संक्रमण के 68,631 नए मामले आए थे जो एक दिन में सबसे ज्यादा संख्या है। वहीं, बुधवार को राज्य में 67,468 मामले आए थे। अधिकारी ने बताया कि 568 लोगों की मौत में से 309 लोगों की मौत पिछले 48 घंटों में हुई है जबकि 158 लोगों की मौत पिछले सप्ताह हुई है, बाकी बचे लोगों की मौत दो सप्ताह पहले की है। राजधानी मुंबई में 7367 नए मामले आए और 75 लोगों की मौत हुई है। शहर में अभी तक कुल 6,09,080 लोगों के संक्रमित होने और संक्रमण से 12,583 लोगों की मौत होने की पुष्टि हुई है।
Maharashtra reports 67,013 new #COVID19 cases, 62,298 recoveries and 568 deaths in the last 24 hours
विज्ञापन विज्ञापन
Total cases: 40,94,840
Active cases: 6,99,858
Total recoveries: 33,30,747 pic.twitter.com/TcOkDzEvm4 — ANI (@ANI) April 22, 2021
ठाकरे ने श्रम संगठनों से कहा, कोविड-19 सतर्कता समितियां गठित करें
मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने श्रम संगठनों से कामगारों की सुरक्षा के लिए फैक्टरी परिसरों में कोविड-19 सतर्कता समितियां गठित करने को कहा है। ठाकरे ने गुरुवार को श्रम संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ वर्चुअल बैठक के दौरान यह कहा। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार यह सुनिश्चित करने की दिशा में काम कर रही है कि महामारी के कारण औद्योगिक उत्पादन और व्यापार प्रभावित नहीं हो और आर्थिक च्रक्र बेपटरी नहीं होने पाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मजदूर वर्ग और किसानों ने राज्य के विकास और प्रगति में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा, ‘वे महाराष्ट्र के विकास के आभार स्तंभ हैं। मैं श्रम संगठनों से अपील करता हूं कि वे कोविड से बचाव के नियमों का पालन करने के संबंध में जागरूकता फैलाएं। हमें सतर्क रहने की जरूरत है।’ उन्होंने संगठनों से यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि सभी कामगारों को संक्रमण रोधी टीका लगे।
सरकार संचालित विश्वविद्यालयों में होगी ऑनलाइन परीक्षा
महाराष्ट्र के उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री उदय सामंत ने गुरुवार को कहा कि राज्य में सरकार संचालित 13 विश्वविद्यालय स्नातक कक्षाओं के छात्रों के लिए परीक्षाओं का ऑनलाइन आयोजन करेंगे। उन्होंने कहा कि वह परीक्षा संबंधी कार्य को आवश्यक सेवा श्रेणी में शामिल करने का आग्रह भी सरकार से करेंगे।
उदय सामंत ने कहा, ‘राज्य में कोविड-19 संक्रमण के प्रसार की कड़ी को तोड़ने के लिए कड़े प्रतिबंध लागू किए गए हैं। इसलिए, हमने स्नातक कक्षाओं के छात्रों के लिए परीक्षाएं ऑनलाइन माध्यम से आयोजित करने का फैसला किया है।’ उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों के कुलपतियों से विमर्श के बाद यह निर्णय किया गया है।
मुंबई में स्टेशनों पर प्रवेश-निकास बिंदु सीमित करेगा रेलवे
कोविड-19 को लेकर राज्य सरकार की नई पाबंदियां शुरू होने के बाद रेलवे की योजना मुंबई में प्रवेश, निकास बिंदुओं की संख्या सीमित करने की है। ऐसा इसलिए किया जाएगा जिससे लोकल ट्रेन में अनधिकृत लोगों को यात्रा करने से रोका जा सके। राज्य सरकार के ‘संक्रमण की कड़ी तोड़ने’ के आदेश के तहत केवल सरकारी नौकरशाह, चिकित्साकर्मी, उपचार की जरूरत वाले लोगों और दिव्यांग व्यक्तियों को ही गुरुवार की रात आठ बजे से एक मई की सुबह सात बजे तक लोकल ट्रेन से यात्रा करने की अनुमति होगी।
अधिकारियों के मुताबिक, केवल उन लोगों को ट्रेन टिकट और पास जारी किए जाएंगे जिन्हें राज्य सरकार ने लोकल ट्रेन से यात्रा के लिए अधिकृत किया है। मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शिवाजी सुतार ने कहा, ‘हमने रेलवे स्टेशनों पर कर्मचारियों को राज्य सरकार के नए दिशानिर्देशों को लेकर आदेश जारी किया है।’ अधिकारी ने बताया कि टिकट केवल टिकट काउंटरों पर जारी किए जाएंगे और एटीवीएस, जेटीबीएस (जन साधारण टिकट बुकिंग सेवा) और यूटीएस जैसे बुकिंग के अन्य मोड अगले आदेश तक काम नहीं करेंगे।
पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सुमित ठाकुर ने कहा कि आरपीएफ ने जीआरपी और मुंबई पुलिस की मदद से प्रवेश और निकास बिंदुओं को सीमित करने का काम शुरू कर दिया है। आरपीएफ, जीआरपी और टिकट जांच करने वाले कर्मी लोगों को स्टेशन पर प्रवेश से पहले उनके पहचान पत्र की जांच करेंगे। ठाकुर ने कहा, ‘हम नए दिशानिर्देशों का पालन करेंगे। राज्य सरकार ने लोकल ट्रेन में तीन श्रेणी के लोगों को यात्रा करने की अनुमति दी है। लोकल ट्रेन में वैध पहचान पत्र वाले लोगों को यात्रा की अनुमति होगी।’