{"_id":"6676c2218bb1348dab03b03b","slug":"maharashtra-congress-leader-patole-claims-bjp-is-cheating-marathas-and-obcs-on-reservation-issue-2024-06-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharashtra: कांग्रेस नेता पटोले का दावा- भाजपा आरक्षण मुद्दे पर मराठा और ओबीसी को दे रही धोखा","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Maharashtra: कांग्रेस नेता पटोले का दावा- भाजपा आरक्षण मुद्दे पर मराठा और ओबीसी को दे रही धोखा
Sat, 22 Jun 2024 05:53 PM IST
मेघा झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: मेघा झा
Updated Sat, 22 Jun 2024 05:53 PM IST
सार
मराठा समुदाय के आरक्षण मुद्दे और ओबीसी आरक्षण मुद्दे पर भाजपा के रुख को महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले ने धोखा बताया है।
विज्ञापन
महाराष्ट्र में कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले ने शनिवार को कहा कि भाजपा आरक्षण के मुद्दे पर मराठा समुदाय और अन्य पिछड़ा वर्ग को धोखा दे रही है। नाना पटोले ने दावा किया कि उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और राज्य भाजपा अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले के आरक्षण के मुद्दे पर अलग-अलग रुख हैं।
दरअसल पिछले दिनों महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण को लेकर आंदोलन हुआ था। इसके बाद ओबीसी के दो कार्यकर्ताओं ने भी अनशन शुरू कर दिया था। जहां मराठा समुदाय के लोग आरक्षण की मांग कर रहे थे। वहीं ओबीसी कार्यकर्ताओं की मांग थी कि मराठों को आरक्षण मिले लेकिन ओबीसी आरक्षण प्रभावत नहीं होना चाहिए।
अब महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले ने भाजपा पर आरोप लगाया है कि वे आरक्षण मुद्दे पर मराठा और ओबीसी समुदाय को धोखा दे रहे हैं। उन्होंने कहा, "भारतीय जनता पार्टी आरक्षण के मुद्दे पर मराठा और ओबीसी समुदायों को धोखा दे रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले का कहना है कि 50 प्रतिशत से अधिक आरक्षण को बरकरार नहीं रखा जा सकता। वहीं उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का कहना है कि 50 प्रतिशत से अधिक आरक्षण दिया जा सकता है।
विज्ञापन
नाना पटोले ने दावा किया कि भाजपा नेताओं के बीच आरक्षण के मुद्दे पर दो अलग-अलग राय हैं। उन्हें अपना वास्तविक रुख स्पष्ट करना चाहिए।" कांग्रेस नेता ने कहा कि पटना उच्च न्यायालय के फैसले से यह स्पष्ट हो गया है कि 50 प्रतिशत से अधिक आरक्षण मान्य नहीं होगा। इसलिए बावनकुले और फडणवीस के अलग-अलग रुख के कारण भाजपा का असली चेहरा उजागर हो गया है।
जातिवार जनगणना शुरू करने की मांग
कांग्रेस नेता ने कहा, "सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक सर्वेक्षणों के माध्यम से जातिवार जनगणना करना और 50 प्रतिशत की सीमा को हटाना ही आरक्षण मुद्दे का एकमात्र समाधान है।" नाना पटोले ने कहा कि भाजपा केंद्र और महाराष्ट्र में सत्ता में है, इसलिए उसे मराठा, ओबीसी, धनगर, आदिवासी, हलबा और अन्य समूहों की कोटा मांगों के साथ न्याय करने के लिए जातिवार जनगणना शुरू करनी चाहिए।
विज्ञापन
दरअसल पिछले दिनों महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण को लेकर आंदोलन हुआ था। इसके बाद ओबीसी के दो कार्यकर्ताओं ने भी अनशन शुरू कर दिया था। जहां मराठा समुदाय के लोग आरक्षण की मांग कर रहे थे। वहीं ओबीसी कार्यकर्ताओं की मांग थी कि मराठों को आरक्षण मिले लेकिन ओबीसी आरक्षण प्रभावत नहीं होना चाहिए।
विज्ञापन
अब महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले ने भाजपा पर आरोप लगाया है कि वे आरक्षण मुद्दे पर मराठा और ओबीसी समुदाय को धोखा दे रहे हैं। उन्होंने कहा, "भारतीय जनता पार्टी आरक्षण के मुद्दे पर मराठा और ओबीसी समुदायों को धोखा दे रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले का कहना है कि 50 प्रतिशत से अधिक आरक्षण को बरकरार नहीं रखा जा सकता। वहीं उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का कहना है कि 50 प्रतिशत से अधिक आरक्षण दिया जा सकता है।
विज्ञापन
नाना पटोले ने दावा किया कि भाजपा नेताओं के बीच आरक्षण के मुद्दे पर दो अलग-अलग राय हैं। उन्हें अपना वास्तविक रुख स्पष्ट करना चाहिए।" कांग्रेस नेता ने कहा कि पटना उच्च न्यायालय के फैसले से यह स्पष्ट हो गया है कि 50 प्रतिशत से अधिक आरक्षण मान्य नहीं होगा। इसलिए बावनकुले और फडणवीस के अलग-अलग रुख के कारण भाजपा का असली चेहरा उजागर हो गया है।
जातिवार जनगणना शुरू करने की मांग
कांग्रेस नेता ने कहा, "सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक सर्वेक्षणों के माध्यम से जातिवार जनगणना करना और 50 प्रतिशत की सीमा को हटाना ही आरक्षण मुद्दे का एकमात्र समाधान है।" नाना पटोले ने कहा कि भाजपा केंद्र और महाराष्ट्र में सत्ता में है, इसलिए उसे मराठा, ओबीसी, धनगर, आदिवासी, हलबा और अन्य समूहों की कोटा मांगों के साथ न्याय करने के लिए जातिवार जनगणना शुरू करनी चाहिए।