{"_id":"68932a83e071850c2003fb1a","slug":"maharashtra-cm-fadnavis-meets-vantara-team-says-will-join-government-plea-to-bring-back-elephant-madhuri-2025-08-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Vantara: हथिनी माधुरी को कोल्हापुर वापस भेजने के लिए वंतारा की टीम तैयार, सीएम फडणवीस से की मुलाकात","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Vantara: हथिनी माधुरी को कोल्हापुर वापस भेजने के लिए वंतारा की टीम तैयार, सीएम फडणवीस से की मुलाकात
Wed, 06 Aug 2025 03:42 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: नितिन गौतम
Updated Wed, 06 Aug 2025 03:42 PM IST
सार
सीएम फडणवीस ने बुधवार को एक्स पर साझा एक पोस्ट में कहा 'आज मुंबई में वंतारा टीम के साथ मेरी विस्तृत चर्चा हुई। अच्छी खबर यह है कि उन्होंने मुझे आश्वासन दिया कि वे हथिनी 'माधुरी' को मठ में वापस लाने के लिए माननीय सर्वोच्च न्यायालय में महाराष्ट्र सरकार की याचिका में शामिल होंगे।'
विज्ञापन
देवेंद्र फडणवीस, सीएम, महाराष्ट्र
- फोटो : ANI
विस्तार
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को कहा कि वंतारा की टीम हथिनी माधुरी को कोल्हापुर के मठ में वापस भेजने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि सरकार ने हथिनी माधुरी को वापस मठ भेजने के लिए सुप्रीम कोर्ट में जो याचिका दायर की हुई है, वंतारा की टीम भी उस याचिका में शामिल होगी। वंतारा ने कहा है कि उन्होंने हथिनी को कोल्हापुर के मठ से जामनगर स्थित उनके आश्रय गृह में स्थानांतरित करने का अनुरोध नहीं किया था, बल्कि वह सिर्फ अदालत द्वारा नियुक्त प्राप्तकर्ता आश्रय गृह के रूप में काम कर रहा था।
अदालत ने हथिनी को स्थानांतरित करने का दिया था आदेश
गौरतलब है कि 36 वर्षीय मादा हाथी माधुरी, जो तीन दशकों से भी अधिक समय से कोल्हापुर के श्री जिनसेन भट्टारक पट्टाचार्य महास्वामी जैन मठ में रह रही थी। पिछले सप्ताह एक अदालती फैसले के बाद हथिनी माधुरी को बेहतर देखभाल के लिए वंतारा के राधे कृष्ण मंदिर हाथी कल्याण ट्रस्ट में स्थानांतरित कर दिया गया। एक गैर-सरकारी संगठन द्वारा महाराष्ट्र वन विभाग और सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त उच्चाधिकार प्राप्त समिति (एचपीसी) के समक्ष उसके बिगड़ते स्वास्थ्य और मानसिक पीड़ा पर चिंता व्यक्त किए जाने के बाद, बॉम्बे उच्च न्यायालय ने 16 जुलाई को इस हथिनी को गुजरात के जामनगर स्थित वंतारा के केंद्र में रखने का आदेश दिया था।
वंतारा ने माधुरी की वापसी पर जारी किया बयान
वहीं इस मामले में वंतारा की ओर से भी बयान जारी किया गया है। वंतारा का कहना है कि हम यह स्वीकार करते है कि जैन मठ और कोल्हापुर की जनता के लिए माधुरी का गहरा धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है। दशकों से वह आध्यात्मिक परंपराओं और सामुदायिक जीवन का एक अभिन्न हिस्सा रही हैं। हम जैन मठ के नेतृत्व, श्रद्धालुओं और व्यापक समुदाय की भावनाओं को पहचानते और सम्मान करते हैं ।
विज्ञापन
इस मामले में वंतारा की भूमिका केवल माननीय सुप्रीम कोर्ट और माननीय बॉम्बे हाई कोर्ट द्वारा जारी बाध्यकारी निर्देशों के अनुसार कार्य करने तक सीमित रही है। माधुरी को स्थानांतरित करने का निर्णय न्यायिक प्राधिकरण के तहत लिया गया था और वंतारा की भूमिका केवल देखभाल, पशु चिकित्सा सहायता और पुनर्वास केंद्र के रूप में आवास प्रदान करने तक सीमित रही। वंतारा ने कभी भी इस स्थानांतरण की पहल नहीं की, न ही इसकी सिफारिश की, और न ही धार्मिक प्रथाओं या भावनाओं में हस्तक्षेप करने का कोई इरादा था।
वंतारा जैन मठ और महाराष्ट्र सरकार द्वारा माननीय अदालत में माधुरी की कोल्हापुर वापसी के लिए दायर किसी भी आवेदन का पूरा समर्थन करेगा। यदि अदालत इस पर सहमति देती है, तो वंतारा उसकी सुरक्षित और गरिमामय वापसी के लिए सभी तकनीकी और पशु चिकित्सा सहायता प्रदान करेगा।
सरकार सुप्रीम कोर्ट गई
सर्वोच्च न्यायालय ने 25 जुलाई को उच्च न्यायालय के आदेश को बरकरार रखा। वहीं हथिनी को मठ से वंतारा में शिफ्ट करने का विरोध हो रहा है। रविवार को कोल्हापुर में हजारों लोगों ने एक 'मौन मार्च' निकाला, जिसमें हथिनी माधुरी (जिसे महादेवी भी कहा जाता है) को वापस मठ लाने की मांग की गई। विरोध को देखते हुए राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। सीएम फडणवीस ने बुधवार को एक्स पर साझा एक पोस्ट में कहा 'आज मुंबई में वंतारा टीम के साथ मेरी विस्तृत चर्चा हुई। अच्छी खबर यह है कि उन्होंने मुझे आश्वासन दिया कि वे हथिनी 'माधुरी' को मठ में वापस लाने के लिए माननीय सर्वोच्च न्यायालय में महाराष्ट्र सरकार की याचिका में शामिल होंगे।'
ये भी पढ़ें- Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने डीएमके सरकार को दी बड़ी राहत, मद्रास हाईकोर्ट का आदेश पलटा
वंतारा ने कहा- हमारा हथिनी की कस्टडी लेने का कोई इरादा नहीं था
मुख्यमंत्री ने कहा कि टीम के सदस्यों ने यह भी बताया कि वे समुदाय की धार्मिक भावनाओं का पूरा सम्मान करते हैं। उन्होंने बताया कि टीम ने महाराष्ट्र सरकार के वन विभाग द्वारा चुने गए स्थान पर कोल्हापुर में ही हाथी के लिए एक पुनर्वास केंद्र बनाने की भी इच्छा जताई। वंतारा की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि उन्होंने हथिनी को कोल्हापुर के मठ से जामनगर स्थित उनके आश्रय गृह में स्थानांतरित करने की मांग नहीं की थी, बल्कि वह सिर्फ अदालत के आदेश का पालन कर रहे थे। उनका हथिनी की कस्टडी छीनने का उनका कोई इरादा नहीं है।
विज्ञापन
अदालत ने हथिनी को स्थानांतरित करने का दिया था आदेश
गौरतलब है कि 36 वर्षीय मादा हाथी माधुरी, जो तीन दशकों से भी अधिक समय से कोल्हापुर के श्री जिनसेन भट्टारक पट्टाचार्य महास्वामी जैन मठ में रह रही थी। पिछले सप्ताह एक अदालती फैसले के बाद हथिनी माधुरी को बेहतर देखभाल के लिए वंतारा के राधे कृष्ण मंदिर हाथी कल्याण ट्रस्ट में स्थानांतरित कर दिया गया। एक गैर-सरकारी संगठन द्वारा महाराष्ट्र वन विभाग और सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त उच्चाधिकार प्राप्त समिति (एचपीसी) के समक्ष उसके बिगड़ते स्वास्थ्य और मानसिक पीड़ा पर चिंता व्यक्त किए जाने के बाद, बॉम्बे उच्च न्यायालय ने 16 जुलाई को इस हथिनी को गुजरात के जामनगर स्थित वंतारा के केंद्र में रखने का आदेश दिया था।
विज्ञापन
वंतारा ने माधुरी की वापसी पर जारी किया बयान
वहीं इस मामले में वंतारा की ओर से भी बयान जारी किया गया है। वंतारा का कहना है कि हम यह स्वीकार करते है कि जैन मठ और कोल्हापुर की जनता के लिए माधुरी का गहरा धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है। दशकों से वह आध्यात्मिक परंपराओं और सामुदायिक जीवन का एक अभिन्न हिस्सा रही हैं। हम जैन मठ के नेतृत्व, श्रद्धालुओं और व्यापक समुदाय की भावनाओं को पहचानते और सम्मान करते हैं ।
विज्ञापन
इस मामले में वंतारा की भूमिका केवल माननीय सुप्रीम कोर्ट और माननीय बॉम्बे हाई कोर्ट द्वारा जारी बाध्यकारी निर्देशों के अनुसार कार्य करने तक सीमित रही है। माधुरी को स्थानांतरित करने का निर्णय न्यायिक प्राधिकरण के तहत लिया गया था और वंतारा की भूमिका केवल देखभाल, पशु चिकित्सा सहायता और पुनर्वास केंद्र के रूप में आवास प्रदान करने तक सीमित रही। वंतारा ने कभी भी इस स्थानांतरण की पहल नहीं की, न ही इसकी सिफारिश की, और न ही धार्मिक प्रथाओं या भावनाओं में हस्तक्षेप करने का कोई इरादा था।
वंतारा जैन मठ और महाराष्ट्र सरकार द्वारा माननीय अदालत में माधुरी की कोल्हापुर वापसी के लिए दायर किसी भी आवेदन का पूरा समर्थन करेगा। यदि अदालत इस पर सहमति देती है, तो वंतारा उसकी सुरक्षित और गरिमामय वापसी के लिए सभी तकनीकी और पशु चिकित्सा सहायता प्रदान करेगा।
सरकार सुप्रीम कोर्ट गई
सर्वोच्च न्यायालय ने 25 जुलाई को उच्च न्यायालय के आदेश को बरकरार रखा। वहीं हथिनी को मठ से वंतारा में शिफ्ट करने का विरोध हो रहा है। रविवार को कोल्हापुर में हजारों लोगों ने एक 'मौन मार्च' निकाला, जिसमें हथिनी माधुरी (जिसे महादेवी भी कहा जाता है) को वापस मठ लाने की मांग की गई। विरोध को देखते हुए राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। सीएम फडणवीस ने बुधवार को एक्स पर साझा एक पोस्ट में कहा 'आज मुंबई में वंतारा टीम के साथ मेरी विस्तृत चर्चा हुई। अच्छी खबर यह है कि उन्होंने मुझे आश्वासन दिया कि वे हथिनी 'माधुरी' को मठ में वापस लाने के लिए माननीय सर्वोच्च न्यायालय में महाराष्ट्र सरकार की याचिका में शामिल होंगे।'
ये भी पढ़ें- Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने डीएमके सरकार को दी बड़ी राहत, मद्रास हाईकोर्ट का आदेश पलटा
वंतारा ने कहा- हमारा हथिनी की कस्टडी लेने का कोई इरादा नहीं था
मुख्यमंत्री ने कहा कि टीम के सदस्यों ने यह भी बताया कि वे समुदाय की धार्मिक भावनाओं का पूरा सम्मान करते हैं। उन्होंने बताया कि टीम ने महाराष्ट्र सरकार के वन विभाग द्वारा चुने गए स्थान पर कोल्हापुर में ही हाथी के लिए एक पुनर्वास केंद्र बनाने की भी इच्छा जताई। वंतारा की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि उन्होंने हथिनी को कोल्हापुर के मठ से जामनगर स्थित उनके आश्रय गृह में स्थानांतरित करने की मांग नहीं की थी, बल्कि वह सिर्फ अदालत के आदेश का पालन कर रहे थे। उनका हथिनी की कस्टडी छीनने का उनका कोई इरादा नहीं है।
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन