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महाराष्ट्र: रैपिडो राइडर बनकर आतंकियों के लिए करता था काम, एटीएस ने संदिग्ध को दबोचा; मोबाइल से मिले अहम सबूत
Sat, 24 Oct 2026 12:07 PM IST
अमन मौर्या
आईएएनएस, मुंबई, महाराष्ट्र
आईएएनएस, मुंबई, महाराष्ट्र
Published by: अमन मौर्या
Updated Sat, 24 Oct 2026 12:07 PM IST
सार
महाराष्ट्र एटीएस ने मुंबई के माहिम से जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े एक संदिग्ध मोहम्मद हसन को गिरफ्तार किया है। उस पर रैपिडो राइडर और इत्र विक्रेता की आड़ में सोशल मीडिया पर कट्टरपंथी विचारधारा और देश-विरोधी भावनाएं फैलाने का आरोप है।
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महाराष्ट्र एटीएस ने जैश से जुड़ा संदिग्ध किया गिरफ्तार
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) ने मुंबई के माहिम इलाके से 33 वर्षीय एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। उस पर प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े होने का संदेह है। आरोपी की पहचान मोहम्मद हसन अबू सरमद अख्तर के रूप में हुई है। उसे महाराष्ट्र एटीएस की कालाचौकी यूनिट ने एक गुप्त सूचना के आधार पर माहिम मेट्रो स्टेशन के पास से पकड़ा। जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपी रैपिडो राइडर और इत्र विक्रेता के तौर पर काम करने की आड़ में कट्टरपंथी विचारधारा का प्रचार कर रहा था। एटीएस का आरोप है कि वह विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए सांप्रदायिक नफरत और देश-विरोधी भावनाएं फैलाने की कोशिश कर रहा था। जांचकर्ताओं को उसके मोबाइल फोन से ऐसी गतिविधियों से जुड़ी सामग्री भी मिली है।
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एजेंसी के मुताबिक, आरोपी एक टेलीग्राम ग्रुप चलाता था। आरोप है कि एक जून को उसने इस ग्रुप पर जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मौलाना मसूद अजहर के भड़काऊ ऑडियो भाषण अपलोड किए थे, जिनमें बाबरी मस्जिद और अन्य मुद्दों का जिक्र था। एटीएस ने यह भी दावा किया कि वह 'इब्न-ए-कासिम' नाम के एक पाकिस्तान-समर्थित कट्टरपंथी टेलीग्राम चैनल का सक्रिय सदस्य था। यह गिरफ्तारी उस घटना के कुछ महीनों बाद हुई है, जब जुलाई में गुजरात एटीएस ने जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े एक आतंकी मॉड्यूल की जांच के दौरान पांच लोगों को हिरासत में लिया था। इन पांच आरोपियों की पहचान बिलाल आबिदभाई शेरा, मोहम्मद अयूब कदीवाला, मोहम्मद पालनपुरी उर्फ खाली अयूब सुनसारा, शफिया रईस मुख्ती और मोहम्मद हसन करदिया के रूप में हुई थी। इन्हें गुजरात के पाटन जिले के सिद्धपुर तालुका के खाडियाल गांव से गिरफ्तार किया गया था।
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अधिकारियों ने बताया कि ये पांचों संदिग्ध उस जांच के दौरान सामने आए थे, जो उसी महीने पहले गिरफ्तार किए गए जैश-ए-मोहम्मद के आठ सदस्यों के मामले में चल रही थी। आरोपियों को न्यायिक मजिस्ट्रेट आरएम के सामने पेश किया गया। मेहसाणा जिले के कडी कस्बे के भाटिया ने उन्हें 24 जुलाई तक एटीएस की हिरासत में भेज दिया। सरकारी वकील पीआर दंतानी ने अदालत को बताया कि आरोपियों की कथित गतिविधियों की जांच के लिए उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ करना जरूरी है। उन्होंने दावा किया कि आरोपियों में से एक ने टाइम बम बनाने की कोशिश की थी और जांचकर्ताओं को अभी बम बनाने का सामान तथा जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा उर्दू साहित्य बरामद करना बाकी है।
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पत्रकारों से बात करते हुए दंतानी ने कहा कि जांच के दौरान पांच आरोपियों के नाम सामने आए हैं। उन्होंने आगे बताया कि एटीएस यह पता लगाना चाहती है कि बम बनाने का कथित सामान कहां से आया, उसे कहां छिपाकर रखा गया था और आरोपियों को प्रतिबंधित संगठन से जुड़ा जिहादी साहित्य कैसे मिला। जांचकर्ता इस बारे में भी जानकारी जुटा रहे थे कि यह साहित्य कहां रखा गया था।
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अधिकारियों ने बताया कि ये पांचों संदिग्ध उस जांच के दौरान सामने आए थे, जो उसी महीने पहले गिरफ्तार किए गए जैश-ए-मोहम्मद के आठ सदस्यों के मामले में चल रही थी। आरोपियों को न्यायिक मजिस्ट्रेट आरएम के सामने पेश किया गया। मेहसाणा जिले के कडी कस्बे के भाटिया ने उन्हें 24 जुलाई तक एटीएस की हिरासत में भेज दिया। सरकारी वकील पीआर दंतानी ने अदालत को बताया कि आरोपियों की कथित गतिविधियों की जांच के लिए उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ करना जरूरी है। उन्होंने दावा किया कि आरोपियों में से एक ने टाइम बम बनाने की कोशिश की थी और जांचकर्ताओं को अभी बम बनाने का सामान तथा जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा उर्दू साहित्य बरामद करना बाकी है।
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