{"_id":"60e38279ac55ad3cf819fdb7","slug":"maharashtra-assembly-12-bjp-mlas-suspended-for-one-year-know-the-secret-of-suspension","type":"story","status":"publish","title_hn":"महाराष्ट्र: 12 भाजपा विधायक एक साल तक निलंबित, क्या है निलंबन का राज","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
महाराष्ट्र: 12 भाजपा विधायक एक साल तक निलंबित, क्या है निलंबन का राज
Tue, 06 Jul 2021 03:36 AM IST
देव कश्यप
सुरेन्द्र मिश्र, मुंबई
सुरेन्द्र मिश्र, मुंबई
Published by: देव कश्यप
Updated Tue, 06 Jul 2021 03:36 AM IST
सार
- विधान परिषद के 12 सदस्यों के मनोनयन में हो रही देरी से भी जोड़कर देखा जा रहा है भाजपा विधायकों का निलंबन
- विधानसभा के पीठासीन स्पीकर से बदसुलूकी पर की गई कार्रवाई
विज्ञापन
महाराष्ट्र विधानसभा
- फोटो : PTI
विस्तार
सोमवार को महाराष्ट्र विधानसभा में हंगामा करने और पीठासीन अध्यक्ष भाष्कर जाधव के साथ अभद्रता करने के आरोप में भाजपा के 12 सदस्यों को निलंबित कर दिया गया। आखिरकार, 12 लोग ही क्यों निलंबित किए गए। इस निलंबन का राज क्या है। इसको लेकर सूबे में सियासी चर्चा शुरू हो गई है कि क्या महा विकास आघाड़ी सरकार के दांव से भाजपा चित हो गई है।
विज्ञापन
राजनीति के जानकार इसे विधान परिषद के 12 सदस्यों के मनोनयन में हो रही देरी से भी जोड़कर देख रहे हैं। दरअसल, सूबे में राज्यपाल को कला, संस्कृति, सामाजिक और साहित्य जगत से संबंधित 12 लोगों को विधान परिषद सदस्य मनोनीत करने का अधिकार है।
विज्ञापन
इस संबंध में राज्य मंत्रिमंडल ने एक प्रस्ताव पारित कर 5 नवंबर, 2020 को राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के पास भेजा था। हालांकि, राज्यपाल ने इस प्रस्ताव को अभी तक मंजूरी नहीं दी है। इस बीच विधान परिषद सदस्यों के मनोनयन को लेकर सुप्रीम कोर्ट मे एक जनहित याचिका भी दायर हुई, लेकिन, अदालत ने यह कहकर याचिका खारिज कर दी कि राज्यपाल मंत्रिपरिषद की सलाह पर काम करते हैं। ऐसे में अदालतें उनके लिए दिशा-निर्देश नहीं बना सकती कि वह कैसे काम करेंगे।
विज्ञापन
भाजपा-शिवसेना की दोस्ती शुरू होने से पहले पड़ी दरार
दो दिन पहले तक भाजपा-शिवसेना के एक साथ आने की अटकलें शुरू थीं। विपक्ष के नेता फडणवीस ने शिवसेना को शत्रु मानने से इनकार किया था तो शिवसेना के संजय राऊत ने भी आमिर खान और किरण राव की तरह दोस्ती बरकरार रहने की बात कही थी। लेकिन दोपहर होते-होते इस दोस्ती में फिर दरार पड़ गई।
दरअसल, विधानसभा में हंगामे से लेकर विधायकों के निलंबन की कार्रवाई में कांग्रेस-एनसीपी की कोई प्रत्यक्ष भूमिका नहीं रही। सदन में हंगामा भाजपा के विधायकों ने किया और जिस पीठासीन अध्यक्ष के साथ अभद्रता के आरोप में 12 सदस्य निलंबित हुए वह पीठासीन अध्यक्ष शिवसेना के भास्कर जाधव थे।