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राफेल डील मामले में राहुल गांधी लगाने वाले हैं मैजिक तड़का

Wed, 10 Oct 2018 07:37 PM IST
अमर उजाला डिजिटल ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला डिजिटल ब्यूरो, नई दिल्ली Updated Wed, 10 Oct 2018 07:37 PM IST
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Magic Tadka is about to put Rahul in the rafale deal case
Rahul Gandhi
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी राफेल लड़ाकू विमान सौदे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार की गर्दन छोड़ने वाले नहीं है। कांग्रेस अध्यक्ष इसमें मैजिक तड़का लगाने की तैयारी कर रहे हैं। वह 13 अक्टूबर को बेंगलुरु में हिन्दुस्तान एरोनाटिक्स लिमिटेड (एचएएल) जा रहे हैं। राहुल गांधी वहां एचएएल के कर्मचारियों से मिलेंगे और राफेल लड़ाकू विमान सौदे में से एचएएल को बाहर किए जाने के मामले को नये सिरे धार देंगे।
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राहुल गांधी की इस कोशिश को कांग्रेस प्रवक्ता और पूर्व केंद्रीय मंत्री जयपाल रेड्डी सही ठहराते हैं। रेड्डी का कहना है कि एचएएल के सार्वजनिक क्षेत्र की पुरानी, प्रतिष्ठित और अनुभव प्राप्त कंपनी है। उसने सुर्खो, मिग, जगुमार, जैसे विमानों के रखरखाव निर्माण में भूमिका निभाई है और उसे ही इस पूरे एपिसोड से बाहर कर दिया गया। 
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रेड्डी के मुताबिक यदि एचएएल को इस सौदे में शामिल किया गया होता तो 10 हजार लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होते। सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी का मुनाफा बढ़ता। यह देश के लोगों के लिए अच्छा होता। लेकिन मोदी सरकार ने सौदे से एचएएल को बाहर करके 12 दिन पुरानी रिलायंस डिफेंस की इसमें एंट्री करा दी है। इसके पास अनुभव तो है नहीं, इसलिए ये सब कुछ और नहीं कर सकते, केवल पैसे लेने-देने का काम करेंगे।
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अफसरों को घटा-बढ़ाकर सरकार ने किया राफेल खेल : रेड्डी

जयपाल रेड्डी ने कहा कि राफेल लड़ाकू विमान सौदे में सरकार ने जमकर अफसरों को घटाने बढ़ाने का खेल किया। जिस अफसर ने सौदे में विमान की कीमत को लेकर सवाल उठाए उसे ठंडे बस्ते में डालने का तरीका अपनाया और जिसने राह आसान कर दी उसे सरकार ने प्रमोशन और रोजगार दे दिया। 

जयपाल रेड्डी का कहना है कि देश के सात दशक से अधिक के इतिहास में ऐसा कभी नहीं हुआ। सरकार डीजी स्मिता नागराजन को पहले संयुक्त सचिव से एडिशनल सेक्रेटरी बनाया और जब वह रिटायर हुई तो उन्हें यूपीएससी का सदस्य बना दिया। ताकि अगले पांच साल तक उन्हें रोजगार मिला रहे। इसके सामानांतर राजीव वर्मा ने लड़ाकू विमान के सौदे पर आपत्ति जताई थी। 

उन्होंने विमान की अधिक कीमत को लेकर सवाल उठाया था और डासो एविएशन से इनकी कीमत कम करने का आग्रह किया था तो उन्हें स्थानांतरण आदि की सजा झेलनी पड़ रही है। जयपाल रेड्डी ने आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार ने राफेल सौदे को आगे बढ़ाने के लिए इस तरह के हथकंडे अपनाए हैं। यह सब कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा उठाए जा रहे कदम और उनके आरोप का समर्थन कर रहा है। 


यह साफ बता रहा है कि प्रधानमंत्री ने कैसे अनिल अंबानी का पक्ष लिया है। रेड्डी ने कहा कि मामले पर उच्चतम न्यायालय ने संज्ञान लिया है, लेकिन रिपोर्ट तो सरकार की एजेंसियों को ही देनी है। उन्होंने कहा कि इस मामले की निष्पक्ष और न्यायपूर्ण जांच केवल संसद की संयुक्त संसदीय जांच समिति से ही हो सकता है।
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