{"_id":"6389f6f76896f92e5456c80b","slug":"madras-high-court-directs-tamil-nadu-government-to-ban-mobile-phones-of-devotees-in-all-temples-of-the-state","type":"story","status":"publish","title_hn":"Madras High court: कोर्ट का तमिलनाडु सरकार को निर्देश, राज्य के सभी मंदिरों में भक्तों के मोबाइल पर लगे पाबंदी","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Madras High court: कोर्ट का तमिलनाडु सरकार को निर्देश, राज्य के सभी मंदिरों में भक्तों के मोबाइल पर लगे पाबंदी
Sun, 04 Dec 2022 05:34 AM IST
Jeet Kumar
एएनआई, मदुरै
एएनआई, मदुरै
Published by: Jeet Kumar
Updated Sun, 04 Dec 2022 05:34 AM IST
विज्ञापन
madras high court
- फोटो : सोशल मीडिया
मद्रास हाईकोर्ट ने पवित्रता और सुरक्षा का हवाला देकर तमिलनाडु के मंदिरों में मोबाइल फोन पर प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया है। न्यायमूर्ति आर महादेवन और न्यायमूर्ति जे सत्यनारायण प्रसाद की पीठ ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान राज्य के हिंदू धार्मिक और धर्मार्थ बंदोबस्त विभाग (एचआरसीई) को यह निर्देश दिया।
विज्ञापन
याचिकाकर्ता एम सीतारमन ने अदालत से अनुरोध किया था कि तूतीकोरिन जिले में मौजूदा अरुलमिगु सुब्रमण्यम स्वामी मंदिर के परिसर में मोबाइल फोन पर प्रतिबंध लगाने के लिए संबंधित विभाग व सक्षम प्राधिकारी को प्रभावी कदम उठाने का निर्देश दिया जाए। याचिकाकर्ता की दलील थी कि यह एक प्राचीन धर्म स्थल है, जहां शांतिपूर्ण तरीके से नि:शुल्क दर्शन की व्यवस्था है, लेकिन दीपरथनाई, पूजा और अन्य अनुष्ठान के दौरान वीडियोग्राफी और तस्वीरें खींचने के लिए कैमरे का इस्तेमाल किए जाने से पूजा-पाठ में बाधा उत्पन्न होती है। याचिकाकर्ता ने कहा, यह मंदिर भगवान मुरुगा के छह अधिष्ठानों में से एक है। आगम (अनुष्ठान) नियमों के मुताबिक मूर्तियों की तस्वीरें लेना अनैतिक है। इसके अलावा इससे मंदिर और इसमें मौजूद मूल्यवान सामान की सुरक्षा खतरे में आती है। एजेंसी
विज्ञापन
पीठ ने मंदिर में मोबाइल पर पाबंदी लागू करने का निर्देश देते हुए कहा कि केरल में गुरुवायुर स्थित श्रीकृष्ण मंदिर, मदुरै के मीनाक्षी अम्मन मंदिर और आंध्र प्रदेश में तिरुपति स्थित श्री वेंकटेश्वर मंदिर में मोबाइल फोन पर प्रतिबंध लगा है, तो यहां भी इस पर अमल किया जा सकता है। याचिका के संबंध में तूतीकोरिन के पुलिस अधीक्षक और जिला कलेक्टर की तरफ से मोबाइल पर प्रतिबंध के अनुपालन की रिपोर्ट मिलने के आधार पर अदालत ने याचिका का निस्तारण कर दिया।
विज्ञापन
पीठ ने कहा, संविधान के अनुच्छेद 25 के तहत सभी लोगों को स्वतंत्र रूप से धर्म को मानने, अभ्यास करने और प्रचार करने का अधिकार दिया गया है। इस अधिकार को व्यवहार में लाने के स्थान के तौर पर मंदिरों के परिसर कुछ नियमों के अधीन हो सकते हैं। यह धार्मिक स्वतंत्रता में दखल नहीं है। तमिलनाडु मंदिर प्रवेश प्राधिकरण अधिनियम, 1947 के नियम भी मंदिर में अनुशासन और मर्यादा बनाए रखने के लिए ट्रस्ट या सक्षम प्राधिकारी की तरफ से आचार संहिता बनाए जाने की बात करते हैं। लिहाजा, मोबाइल फोन पर प्रतिबंध को अक्षरशः लागू किया जाना चाहिए।