फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Madden Julian oscillation (MJO) will bring good rain throughout the country

अच्छे मानसून के अनुमान के बाद एक और अच्छी खबर, किसानों को मिलेगा फायदा

Mon, 23 Apr 2018 03:24 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Mon, 23 Apr 2018 03:24 AM IST
विज्ञापन
Madden Julian oscillation (MJO) will bring good rain throughout the country

अच्छे मानसून के अनुमान के बाद एक और अच्छी खबर है कि इस बार जून में मैडेन जूलियन ऑसीलेशन (एमजेओ) भी पूरे देश में अच्छी बारिश लेकर आएगा। इसका सबसे ज्यादा फायदा खरीफ की बुआई करने वाले किसानों को मिलेगा। खरीफ की फसलों में शामिल धान, गन्ना, मक्का, दाल, ज्वार, बाजरा की बुआई में पानी की काफी जरूरत होती है। बारिश नहीं होने पर किसानों को पानी के वैकल्पिक साधनों पर अतिरिक्त खर्च करना पड़ता है, जिसमें अच्छी बारिश से कुछ कमी आएगी।

विज्ञापन


जून में हिंद महासागर पर सक्रिय होगा एमजेओ

111 फीसदी बारिश का जताया गया है अनुमान


दक्षिण-पश्चिमी मानसून पूरे भारत के लिए बहुत अहमियत रखता है। समुद्र में होने वाली कुछ मौसमी घटनाएं दक्षिण-पश्चिम मानसून के लिए जिम्मेदार होती हैं। समुद्र में होने वाली इन घटनाओं में अलनीनो और ला-नीना हैं। मैडेन जूलियन ऑसीलेशन (एमजेओ) भी दक्षिण-पश्चिम मानसून के बनने में अहम भूमिका निभाता है। 

विज्ञापन

अस्थायी होता है एमजेओ

Madden Julian oscillation (MJO) will bring good rain throughout the country

एमजेओ की पहचान 1971 में कोलोराडो के बोल्डर में राष्ट्रीय पर्यावरण शोध केंद्र के वैज्ञानिक रोलैंड मैडेन और पॉल जूलियन ने की थी। एमजेओ औसतन 30 से 60 दिन में पूरी दुनिया में घूम आता है और पृथ्वी को दो हिस्सों में बांट देता हे। एक जहां यह सक्रिय होता है और बारिश कराता है। दूसरा जहां यह मानसून को दबा देता है और बारिश नहीं होने देता। यह 4 से 8 मीटर प्रति सेकेंड की रफ्तार से पूर्व की दिशा में बढ़ता है। एमजेओ भूमध्य रेखा के आसपास बारिश के लिए जिम्मेदार होता है। इस बार जून में यह दक्षिण एशिया पर सक्रिय होगा, जिससे पूरे भारत में अच्छी बारिश होगी। इसके अलावा इससे श्रीलंका, इंडोनेशिया और मालद्वीव में भी अच्छी बारिश होगी। 

मानसून में बारिश को बढ़ा देता है एमजेओ

मानसून के दौरान ला-नीना और एमजेओ मिलकर बारिश को बढ़ा देते हैं। यहां तक कि एमजेओ अलनीनो के बारिश पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव को भी खत्म कर देता है। एमजेओ का परिमाण इसकी केंद्र से दूरी के समानुपाति होता है। एमजेओ का एक अंदरूनी और एक बाहरी घेरा होता है। जब तक यह अंदरूनी घेरे में रहता है, इसका असर काफी कम रहता है। बाहरी घेरे में आते ही यह मौसम में बदलाव लाना शुरू कर देता है। 

चार दिन से हिंद महासागर में है एमजेओ

Madden Julian oscillation (MJO) will bring good rain throughout the country

चार दिन से एमजेओ हिंद महासागर में है। इसी वजह से इंडोनेशिया, श्रीलंका, मालद्वीव और दक्षिण भारत में बारिश हुई है। अगले कुछ दिन तक इन देशों में बारिश के आसार बने रहेंगे। इसके बाद यह अंदरूनी घेरे में लौट जाएगा। इसके बाद जून में एक बार फिर यह हिंद महासागर के ऊपर होगा। तब तक दक्षिण-पश्चिमी मानसून भी भारत के ऊपर तैयार होगा। जून तक ला-नीना भी शांत रहेगा। ठीक तभी एमजेओ बाहरी घेरे में आकर सक्रिय हो जाएगा और पूरे भारत पर जमकर बारिश होगी। स्काईमेट वेदर जून में 111 फीसदी बारिश का पूर्वानुमान जता चुका है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed