रातभर 'लग्जरी जेल' में रहे AIADMK विधायक, मौका लगते ही बाथरूम से निकल भागे
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तमिलनाडु में जारी राजनीतिक संकट के बीच कार्यवाहक मुख्यमंत्री ओ पनीरसेल्वम और पार्टी प्रमुख शशिकला नटराजन के बीच मची खींचतान में दोनों खेमों की ओर से विधायकों को अपने अपने पक्ष में रखने की कवायद की जा रही है।
इसी खींचतान के बीच शशिकला खेमे की ओर से पोज गार्डन में मीटिंग के बाद 131 विधायकों को अंडरग्राउंड कर दिया गया। बुधवार देर शाम लग्जरी बसों में सवार करके सभी विधायकों को चेन्नई से बाहर कई होटलों में भेज दिया गया। इस सारी कवायद का मकसद यही था कि विधायकों को किसी भी हाल में तोड़ा ना जा सके, जिससे शशिकला का सत्ता का गणित गड़बड़ा न जाए।
एनडीटीवी की खबर के अनुसार विधायकों के एक गुट को चेन्नई से 80 किलोमीटर दूर महाबलीपुरम के एक लग्जरी रिजार्ट में ठहराया गया था। जहां समुंद्र किनारा, मसाज और वाटर स्पोर्ट्स जैसी तमाम सुविधाएं थीं।
हालांकि रिजार्ट के बाहर सुरक्षा व्यवस्था भी काफी कड़ी रही, जिससे कोई भी विधायकों से मिलने न जा सके। हालांकि इतनी कड़ी सिक्योरिटी के बाद भी एक विधायक चंगुल से छुटकारा पाने में कामयाब रहा।
रातभर होती रही विधायकों को तोड़ने की कवायद
खबर के अनुसार एसपी षणमुगंथम नाम के विधायक बाथरूम जाने के बहाने अपने कमरे से निकले लेकिन लौटकर वापस नहीं आए। बाद में उनकी काफी तलाश की गई लेकिन कोई संपर्क नहीं हो सका।
माना जा रहा था कि वह कार्यवाहक मुख्यमंत्री ओ पनीरसेल्वम के खेमे से जुड़ गए जिसमें उनके साथ कुछ विधायक और भी बताए जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार विधायकों के साथ यह चूहा बिल्ली का खेल पूरी रात भर खेला जाता रहा। शशिकला के रणनीतिकार जैसे तैसे विधायकों को अपने साथ जोड़े रखने की कवायद में लगे रहे।
बताया जाता है कि रिजार्ट के बाहर काफी संख्या में पुलिसकर्मी पहरा देते रहे, बताया जाता है कि शशिकला ने इस संबंध में कड़े निर्देश दे रखे थे कि जब तक वह राज्यपाल के सामने विधायकों की परेड नहीं करा देती तब तक कोई भी विधायक कहीं नहीं जाना चाहिए।
दूसरी ओर पेनीरसेल्वम और पार्टी सांसद वी मैत्रियन का दावा है कि कई और विधायक भी शशिकला के रवैये से असंतुष्ट हैं और वो खुलकर पनीरसेल्वम के पक्ष में आ सकते हैं, ये वो विधायक हैं जिन्हें जयललिता का वफादार माना जाता है।