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PFI: लव जिहाद, जबरन धर्मपरिवर्तन के तार भी जुड़ते रहे हैं संगठन से, 12 साल से जांच एजेंसियों की रडार पर था
Fri, 23 Sep 2022 04:59 AM IST
देव कश्यप
एजेंसी, तिरुवनंतपुरम।
एजेंसी, तिरुवनंतपुरम।
Published by: देव कश्यप
Updated Fri, 23 Sep 2022 04:59 AM IST
सार
केरल के कोझिकोड दंगों में एनडीएफ की भूमिका की भी सुरक्षा एजेंसियों ने जांच की थी। 2002 व 2003 के इन दंगों में मुसलमानों की भीड़ द्वारा हिंदुओं और हिंदुओं द्वारा मुसलमानों की हत्या की गई थी। इसी एनडीएफ से बनी पीएफआई एजेंसियों की रडार पर प्रो. जोसफ का हाथ काटने के बाद आई।
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पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (सांकेतिक तस्वीर)।
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
लव-जिहाद, जबरन धर्म परिवर्तन, आईएस के लिए आतंकी भेजने, अरब देशों से फंड जुटाने के मामलों में भी पीएफआई के कनेक्शन मिले थे। 12 साल पीएफआई पूरे देश में फैल गई जिसपर खुफिया एजेंसियों की अरसे से निगाह थी। अब जाकर एनआईए और ईडी की कार्रवाई के साथ देश को नुकसान पहुंचाती पीएफआई की गतिविधियों की लंबी फेहरिस्त उजागर हो रही है।
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एनडीएफ और सिमी से जुड़े लोगों ने किया गठन
2006 में केरल के नेशनल डवलपमेंट फ्रंट (एनडीएफ), तमिलनाडु के मनिथा नीती पसाराई और कर्नाटक के फोरम फॉर डिग्निटी के अहम पदाधिकारी केरल के मलप्पुरम में मिले। कुछ महीनों बाद तीनों के पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के रूप में विलय की घोषणा हुई। तीनों में कट्टरपंथी मुस्लिम संगठन एनडीएफ का उल्लेख जरूरी है, जिसका गठन 1993 में बाबरी ढांचा गिराए जाने के एक साल बाद हुआ। एनडीएफ बनाने वालों में स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) के सदस्य भी थे, जिसे भारत सरकार प्रतिबंधित कर चुकी है।
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कोझिकोड दंगों में हत्याएं एनडीएफ की भूमिका
केरल के कोझिकोड दंगों में एनडीएफ की भूमिका की भी सुरक्षा एजेंसियों ने जांच की थी। 2002 व 2003 के इन दंगों में मुसलमानों की भीड़ द्वारा हिंदुओं और हिंदुओं द्वारा मुसलमानों की हत्या की गई थी। इसी एनडीएफ से बनी पीएफआई एजेंसियों की रडार पर प्रो. जोसफ का हाथ काटने के बाद आई। गठन के समय कहा गया था कि पीएफआई देश भर में मुसलमानों के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक पिछड़ेपन को दूर करने पर काम करेगी। हालांकि इसे संघ परिवार के विचारों के खिलाफ काम करने वाले संगठन की तरह देखा गया, जिसने सीएए सहित भाजपा सरकार के खिलाफ हुए आंदोलनों में आग बढ़ाने का काम किया।
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इन गतिविधियों ने एजेंसियों का शक बढ़ाया
- पीएफआई पर जांच एजेंसियों की निगरानी कई मामलों में इसके सदस्यों के नाम आने से बढ़ी।
- केरल में लव जिहाद और जबरन लोगों को मुसलमान बनाने के मामलों में उसका नाम आया।
- कुछ लोगों के लापता होने व सीरिया और अफगानिस्तान जाकर आतंकी संगठन आईएस में शामिल करवाने में पीएफआई पर आरोप लगे।
- ईडी व आयकर विभाग ने पीएफआई की फंड जुटाने के लिए हो रही गतिविधियों पर नजर रखना शुरू किया। सामने आया कि इसके पदाधिकारी अरब देशों में इसी उद्देश्य से जाते रहे हैं। उसके कई समर्थक इन देशों में कार्यरत थे। इसके बाद उसे मिल रही राशि की जांच शुरू की गई।