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संसद का पहला सत्र: पीएम मोदी ने पहना नीला मास्क, 45 सांसदों ने ही एप से हाजिरी लगाई

Tue, 15 Sep 2020 03:17 AM IST
अनवर अंसारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अनवर अंसारी Updated Tue, 15 Sep 2020 03:17 AM IST
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Loksabha: PM Narendra Modi wears blue mask, many members reached Lok Sabha with face shield
नीला मास्क लगाकर सदन में पहुंचे पीएम मोदी - फोटो : PTI

कोरोना वायरस महामारी से जुड़े दिशानिर्देशों का पालन करते हुए सोमवार को संसद के मानसून सत्र का आगाज हुआ। लोकसभा की बैठक में शामिल हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मंत्री और सदस्य मास्क पहनकर पहुंचे और सामाजिक दूरी की अनुपालन सुनिश्चित की।

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प्रधानमंत्री मोदी ने नीले रंग का थ्री प्लाई मॉस्क पहन रखा था तो वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और लोक जनशक्ति पार्टी के प्रमुख चिराग पासवान मधुबनी मास्क पहने नजर आए। तृणमूल कांग्रेस के कल्याण बनर्जी तथा कुछ सदस्य फेस शील्ड पहनकर सदन में पहुंचे।
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लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी सफेद रंग का मास्क पहनकर अपने आसन पर पहुंचे। सदन में सदस्यों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर सीट के आगे प्लास्टिक शील्ड कवर लगाया गया था। सदन में बैठने की बदली हुई व्यवस्था के बीच कई सदस्यों को उनके स्थान तक पहुंचने में सहायक मदद करते भी दिखे।

लोकसभा चैंबर में करीब 200 सदस्य मौजूद थे तो लगभग 30 सदस्य गैलरी में थे। लोकसभा चैंबर में ही एक बड़ा टीवी स्क्रीन लगाया गया है जिसके माध्यम से राज्यसभा चैंबर में बैठे लोकसभा के सदस्य भी नजर आ रहे थे।

पहली बार नहीं हुआ प्रश्नकाल,  45 सांसदों ने ही एप से हाजिरी लगाई

कोरोना महामारी के खौफ के बीच शुरू हुए संसद के मानसून सत्र में न केवल सदन की बैठक व्यवस्था से लेकर कार्यवाही तक बदली-बदली नजर आई। संसद परिसर में प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्री, सांसद से लेकर कर्मचारी और सुरक्षा बल फेस मास्क पहने और दो गज दूरी का पालन करते दिखे। हालांकि, सत्र से पहले ही 25 सांसद और दोनों सदनों के अधिकारी, कर्मचारी और मीडियाकर्मी सहित 56 लोग कोरोना से संक्रमित मिले। संक्रमित सांसदों में 17 लोकसभा और आठ राज्यसभा के हैं। पहले दिन लोकसभा की कार्यवाही में 359 सांसदों ने हिस्सा लिया, मगर सिर्फ 45 सांसदों ने ही एप से हाजिरी लगाई। चार घंटे की कार्यवाही में सभी सांसदों ने बैठकर सवाल-जवाब किए। संसद में पहली बार कार्यवाही के लिए दोनों सदनों और दीर्घाओं का इस्तेमाल किया गया। हमेशा रौनक में रहने वाला मीडिया स्टैंड पूरी तरह खाली था।

लोकसभा में जैसे ही कार्यवाही शुरू हुई, पहली बार प्रश्नकाल नहीं होने पर विपक्ष ने हंगामा करते हुए इसे लोकतंत्र के खिलाफ बताया। लोकसभा में कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा, प्रश्नकाल सदन की कार्यवाही का अहम हिस्सा है। विशेष परिस्थितियों का हवाला देकर दरअसल लोकतंत्र का गला घोंटने की कोशिश की जा रही है। एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि सरकार ने हमारे सवाल पूछने का अधिकार छीन लिया है। वहीं, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने सरकार का बचाव करते हुए कहा, असाधारण परिस्थितियों में संसदीय कार्यवाही चलानी पड़ रही है।  

प्रधानमंत्री की नीतियों पर संदेह : सिब्बल
संसद के मानसून सत्र की शुरुआत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन पर कांग्रेस सांसद कपिल सिब्बल ने कहा है कि पीएम की नीतियों और फैसलों पर संदेह है। सिब्बल ने ट्वीट कर कहा कि प्रधानमंत्री कहते हैं, उम्मीद है संसद एक साथ यह संदेश देगा कि देश जवानों के साथ खड़ा है। हम कहते हैं देश का हर नागरिक जवानों के साथ खड़ा है। हम उन्हें सैल्यूट करते है, लेकिन पीएम की नीतियों पर मुझे संदेह है।

ग्रामीण बच्चों  को स्मार्टफोन, डाटा दे सरकार
अपना दल की सांसद अनुप्रिया पटेल ने कोरोना काल में अभावों के कारण ग्रामीण बच्चों के ऑनलाइन शिक्षा का लाभ नहीं उठा पाने का मामला उठाया। शून्यकाल में उन्होंने कहा कि स्मार्टफोन और डाटा प्लान के अभाव में ग्रामीण इलाकों के बच्चों के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है। बड़ी संख्या में बच्चे ऑनलाइन शिक्षा का लाभ नहीं उठा पा रहे। ऐसे में सरकार को गरीब बच्चों को स्मार्ट फोन और डाटा प्लान की सुविधा उपलब्ध करानी चाहिए। पटेल ने यूनेस्को की एक रिपोर्ट के हवाले से कहा कि दुनिया के 151 देशों में कोरोना के कारण स्कूली शिक्षा बुरी तरह प्रभावित हुई है। खासतौर से भारत में स्थिति ज्यादा दुरूह है।

भारत के तेल आयात बिल में आई एक तिहाई की कमी: प्रधान

केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने लोकसभा में एक सवाल के जवाब में बताया कि देश के कच्चे तेल के आयात बिल में मौजूदा वित्त वर्ष के पहले चार महीने में एक तिहाई कमी आई है। उन्होंने कहा, कोरोना महामारी और लॉकडाउन के चलते मांग में कमी आई, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की कीमतों में गिरावट आई। प्रधान ने बताया कि भारत ने अप्रैल-जुलाई के दौरान 12.4 बिलियन डॉलर खर्च करके 57.2 मिलियन टन कच्चे तेल का आयात किया। जबकि इससे पहले के वित्त वर्ष में इसी दौरान 36.2 बिलियन डॉलर खर्च करके 74.9 मिलियन टन कच्चे तेल का आयात किया गया था।

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लोकसभा की कार्यवाही परंपरा के मुताबिक राष्ट्रगान के साथ आरंभ हुई 

गौरतलब है कि कोरोना वायरस महामारी के बीच सामाजिक दूरी सुनिश्चित करने के लिए सदस्यों के लोकसभा चैंबर, गैलरी के साथ राज्यसभा में भी बैठाया गया है। मानसून सत्र के पहले दिन लोकसभा की कार्यवाही परंपरा के मुताबिक राष्ट्रगान के साथ आरंभ हुई।

सदन में प्रधानमंत्री मोदी के पहुंचने पर सत्तापक्षा के सदस्यों ने तालियां बजाकर उनका अभिवादन किया और ‘भारत माता की जय’ के नारे भी लगाए। सत्तापक्ष की तरफ पहली पंक्ति में प्रधानमंत्री मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर मौजूद थे। इसके साथ ही संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और सरकार के कई अन्य मंत्री भी उपस्थित थे।

विपक्ष की तरफ सदन में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी और कई अन्य दलों के नेता मौजूद रहे। हिरासत से रिहा होने के बाद फारूक अब्दुल्ला पहली बार लोकसभा पहुंचे। अधीर रंजन चौधरी, सुप्रिया सुले, दयानिधि मारन और कुछ अन्य सदस्य उनसे गर्मजोशी के साथ मिलते नजर आए। कई अन्य सदस्यों ने भी एक दूसरे का अभिवादन किया।

सदन की कार्यवाही आरंभ होते ही पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, प्रख्यात शास्त्रीय गायक पंडित जसराज, वर्तमान लोकसभा सदस्य वसंत कुमार और 13 पूर्व सदस्यों को श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद कार्यवाही एक घंटे के लिए स्थगित की गई।

प्रश्नकाल के निलंबन से जुड़े प्रस्ताव को लोकसभा से मिली मंजूरी

कांग्रेस और कई अन्य विपक्षी दलों के विरोध के बीच सरकार ने संसद के मानसून सत्र के दौरान प्रश्नकाल एवं गैर सरकारी कामकाज के निलंबन से जुड़े प्रस्ताव लोकसभा में रखा जिसे मंजूरी प्रदान कर दी गई।

विपक्षी दलों ने प्रश्नकाल के निलंबन का विरोध किया और सरकार पर सवालों से बचने का आरोप लगाया जिस पर सरकार ने कहा कि यह असाधारण परिस्थिति है जिसमें राजनीतिक दलों को सहयोग करना चाहिए।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि इस सत्र के दौरान प्रश्नकाल और गैर सरकारी कामकाज नहीं रखने पर अधिकतर दलों के नेताओं ने सहमति दी थी और प्रश्नकाल नहीं होने पर भी सदस्य सरकार से सवाल कर सकते हैं।

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संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि सरकार सवालों से भाग नहीं रही है और वह सभी सवालों का जवाब देने के लिए तैयार है। सदन ने प्रश्नकाल और गैर सरकारी कामकाज के निलंबन से जुड़े प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की।

संसदीय कार्य मंत्री ने जब यह प्रस्ताव रखा तो सदन में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि प्रश्नकाल ‘स्वर्णकाल’ होता है और इसे सदन की आत्मा भी कहा जा सकता है। यह सरकार की जवाबदेही के लिए होता है।

उन्होंने आरोप लगाया कि आजादी के 73 साल के बाद सरकार प्रश्नकाल हटाकर लोकतंत्र का गला घोटने का काम कर रही है। एआईएमआईएम के असदुद्दीन ओवैसी, कांग्रेस के मनीष तिवारी और तृणमूल कांग्रेस के कल्याण बनर्जी ने भी इस प्रस्ताव का विरोध किया।

'अटेंडेंस रजिस्टर' एप से उपस्थिति दर्ज कराएंगे सांसद
लोकसभा में सांसदों की उपस्थिति दर्ज करने के लिए एक नई पहल की शुरुआत की गई है। यह अपनी तरह की पहली पहल है, जिसमें सांसदों को 'अटेंडेंस रजिस्टर' एप की मदद से अपनी उपस्थिति दर्ज करवानी है। लोकसभा सचिवालय ने इसकी जानकारी दी है। 
 



 

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