दूसरे चरण के मतदान के लिए मंगलवार को नामांकन का आखिरी दिन है। बिहार में दूसरे चरण में पांच सीटों पर चुनाव होना है। भागलपुर, बांका, पूर्णिया, किशनगंज और कटिहार में 18 अप्रैल को मतदान होना है। ये पांचों सीटें इस बार एनडीए के लिए साख का सवाल होंगी। 2014 लोकसभा चुनाव में जब पूरे देश में मोदी लहर थी, तो भी बिहार की इन पांचों सीटों पर भाजपा जीत का स्वाद नहीं चख पाई थी। भागलपुर और बांका में तो भाजपा को करीब 10 हजार मतों के मामूली अंतर से शिकस्त झेलनी पड़ी थी। इस बार एनडीए सभी सीटों पर जीत हासिल करना चाहेगी।
पिछली बार जदयू, एनडीए में शामिल नहीं थी और भाजपा के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी। पूर्णिया में भाजपा उम्मीदवार के खिलाफ ही जदयू को जीत हासिल हुई थी। भागलपुर और बांका सीट पर राजद की जीत हुई थी। वहीं, किशनगंज में कांग्रेस और कटिहार में एनसीपी ने बाजी मारी थी। इस बार जदयू फिर से एनडीए में शामिल है, जबकि एनसीपी नेता रहे कटिहार के मौजूदा सांसद तारिक अनवर कांग्रेस में शामिल हो चुके हैं।
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shahnawaz Hussain
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भागलपुर:
भागलपुर में राजद उम्मीदवार शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल ने भाजपा के कद्दावर नेता और भागलपुर के सांसद रहे शाहनवाज हुसैन को हरा दिया था। इस अप्रत्याशित हार का भाजपा को भी अंदाजा नहीं था।
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राजद नेता तेजस्वी यादव, बांका सांसद जयप्रकाश नारायण यादव और भागलपुर सांसद बुलो मंडल
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बांका:
बांका में पुतुल देवी के पक्ष में नरेंद्र मोदी प्रचार करने उतरे थे, इसके बावजूद वह राजद उम्मीदवार जयप्रकाश नारायण यादव से करीब 10 हजार वोटों से हार गई थीं। यहां सीपीआई उम्मीदवार संजय कुमार ने भी कड़ी टक्कर दी थी।
कटिहार:
कटिहार में एनसीपी उम्मीदवार तारिक अनवर ने भाजपा के निखिल चौधरी(पूर्व सांसद) को हराया था। यहां से जदयू ने भी भाजपा और एनसीपी के विरोध में डॉ रामप्रकाश महतो को चुनावी मैदान में उतारा था। भाजपा और जदयू का वोट बंटने का फायदा तारिक अनवर को मिला था।
किशनगंज:
किशनगंज में पिछली बार कांग्रेस से मो. असरारुल हक(अब दिवंगत) ने चुनाव जीता था। उन्होंने भाजपा प्रत्याशी डॉ. दिलीप जायसवाल को करीब 20 हजार वोटों से हराया था। यहां पर जदयू प्रत्याशी अख्तारुल इमान के कारण त्रिकोणीय मुकाबला हो गया था।