{"_id":"5c1b6a88bdec2256a47cbb4b","slug":"lok-sabha-elections-2019-ramvilas-and-chirag-paswan-amit-shah-meeting","type":"story","status":"publish","title_hn":"अमित शाह से मिलने पहुंचे रामविलास और चिराग पासवान, नाराजगी होगी दूर!","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
अमित शाह से मिलने पहुंचे रामविलास और चिराग पासवान, नाराजगी होगी दूर!
Thu, 20 Dec 2018 03:40 PM IST
अमित मंडल
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमित मंडल
Updated Thu, 20 Dec 2018 03:40 PM IST
सार
- लोजपा के रुख से भाजपा हरकत में, पासवान-शाह की आज मुलाकात
- चिराग पासवान ने इशारों-इशारों में जताई थी अपनी नाराजगी
- कहा था- नाजुक दौर में एनडीए, सीट शेयरिंग पर नहीं बनी बात
विज्ञापन
लोजपा को मनाने में जुटी भाजपा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
2019 चुनाव से पहले दिल्ली के सियासी गलियारों में हलचल मची हुई है। लोक जनशक्ति पार्टी सुप्रीमो रामविलास पासवान के रुख ने भाजपा को सोचने पर मजबूर कर दिया है। लोजपा की नाराजगी की खबरों के बीच भाजपा हरकत में आ गई है। दिल्ली में रामविलास पासवान और उनके बेटे चिराग पासवान भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात कर रहे हैं। भाजपा नेता भूपेंद्र यादव के साथ ये दोनों नेता अमित शाह से मिलने पहुंचे। इस बैठक में अरुण जेटली भी मौजूद हैं। नए सियासी माहौल में इस मुलाकात को बेहद अहम बताया जा रहा है। सभी की नजरें इस बैठक पर है।
विज्ञापन
चिराग ने ट्वीट कर सहयोगी दलों के प्रति भाजपा के रूख पर चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि भाजपा को अपने सहयोगियों को एकजुट रखने के प्रयास करने होंगे। क्योंकि हाल ही में रालोसपा और टीडीपी जैसे दल एनडीए से अलग हो गए हैं। दूसरे ट्वीट में चिराग ने लिखा कि गठबंधन की सीटों को लेकर कई बार भारतीय जनता पार्टी के नेताओ से मुलाकात हुई परंतु अभी तक कुछ ठोस बात आगे नहीं बढ़ पाई है। इस विषय पर समय रहते बात नहीं बनी तो इससे नुक़सान भी हो सकता है।
शाम आते आते चिराग पासवान ने कहा कि राहुल गांधी की दिल खोलकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी में स्पष्ट तौर पर एक सकारात्मक बदलाव आया है। कांग्रेस को लंबे समय बाद जीत मिली है। इसका श्रेय राहुल गांधी को देना होगा। अगर आप किसी की आलोचना करते हैं तो आपको बेहतर प्रदर्शन करने पर उसकी तारीफ भी करनी चाहिए। उन्होंने मुद्दे को बेहतर तरीके से उठाया।
उन्होंने कहा, जिस तरह से कांग्रेस ने किसानों, बेरोजगारी का मुद्दा उठाया, मुझे लगता है कि उन्होंने बेहतर तरीके से इसे उठाया। हम धर्म और मंदिर में उलझे रहे। मैं फिर सरकार से गुजारिश करता हूं कि हम आने वाले समय में विकास के मुद्दे पर ही फोकस करें।
विज्ञापन
इसस पहले रामविलास पासवान ने भाजपा से नाराजगी की खबरों से इनकार किया है। पासवान ने कहा कि बिहार में सीट शेयरिंग के मुद्दे पर कहा कि कोई नाराजगी नहीं है। चिराग संसदीय बोर्ड के चेयरमैन हैं। वही इस संबंध में बात करेंगे।Union Minister & Lok Janshakti Party (LJP) President Ram Vilas Paswan and LJP leader Chirag Paswan to meet BJP President Amit Shah today in Delhi. (File pics) pic.twitter.com/Ndl1bqP7vY
— ANI (@ANI) December 20, 2018विज्ञापन
विज्ञापन
Union Minister, Ram Vilas Paswan on seat sharing in Bihar: Koi narazgi nahi hai, Chirag Parliamentray Board k chairman hain, wahi is sambandh main baat karenge. pic.twitter.com/SI37YFmRhE
— ANI (@ANI) December 20, 2018
चिराग पासवान ने बढ़ाई हलचल
रामविलास के बेटे चिराग पासवान के कुछ बयानों ने भाजपा-लोजपा के रिश्तों में खटास को सामने लाकर रख दिया। मंगलवार रात को चिराग ने दो ट्वीट कर पार्टी की नाराजगी का संकेत दिया। उन्होंने 2019 चुनाव के मद्देनजर सीट शेयरिंग को लेकर भी शिकायत की। बुधवार शाम को उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की खुलकर तारीफ कर दी। इससे कयास लगने लगे कि पासवान एक बार फिर चुनाव से पहले पाला बदल सकते हैं।चिराग ने ट्वीट कर सहयोगी दलों के प्रति भाजपा के रूख पर चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि भाजपा को अपने सहयोगियों को एकजुट रखने के प्रयास करने होंगे। क्योंकि हाल ही में रालोसपा और टीडीपी जैसे दल एनडीए से अलग हो गए हैं। दूसरे ट्वीट में चिराग ने लिखा कि गठबंधन की सीटों को लेकर कई बार भारतीय जनता पार्टी के नेताओ से मुलाकात हुई परंतु अभी तक कुछ ठोस बात आगे नहीं बढ़ पाई है। इस विषय पर समय रहते बात नहीं बनी तो इससे नुक़सान भी हो सकता है।
शाम आते आते चिराग पासवान ने कहा कि राहुल गांधी की दिल खोलकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी में स्पष्ट तौर पर एक सकारात्मक बदलाव आया है। कांग्रेस को लंबे समय बाद जीत मिली है। इसका श्रेय राहुल गांधी को देना होगा। अगर आप किसी की आलोचना करते हैं तो आपको बेहतर प्रदर्शन करने पर उसकी तारीफ भी करनी चाहिए। उन्होंने मुद्दे को बेहतर तरीके से उठाया।
उन्होंने कहा, जिस तरह से कांग्रेस ने किसानों, बेरोजगारी का मुद्दा उठाया, मुझे लगता है कि उन्होंने बेहतर तरीके से इसे उठाया। हम धर्म और मंदिर में उलझे रहे। मैं फिर सरकार से गुजारिश करता हूं कि हम आने वाले समय में विकास के मुद्दे पर ही फोकस करें।