कांग्रेस सत्ता में आई तो बंद होगी मोदी सरकार की आयुष्मान भारत योजना !
कांग्रेस पार्टी सत्ता में आती है तो मोदी सरकार की आयुष्मान भारत योजना बंद हो जाएगी। पार्टी नेता जयराम रमेश का दावा है कि आयुष्मान भारत योजना में अनेक कमियां हैं। इसमें लोगों का फायदा कम, जबकि बीमा कंपनियों और प्राइवेट अस्पतालों की जमकर कमाई हो रही है। उन्होंने इसे निजी कंपनियों के लिए संजीवनी बताया है।
कांग्रेस पार्टी की सरकार बनते ही जन स्वास्थ्य को मूल अधिकार का दर्जा दिया जाएगा। जिस तरह से लोगों के पास राइट टू इन्फ़ॉरमेशन (आरटीआई) और राइट टू एजुकेशन (आरटीई) है, उसी तरह उन्हें राइट टू हेल्थ (आरटीएच) प्रदान करेंगे। अगले सप्ताह जारी हो रहे अपने चुनावी घोषणा पत्र में कांग्रेस पार्टी ने आरटीएच को शामिल किया है।
शनिवार को पार्टी मुख्यालय में आयोजित एक प्रेसवार्ता में जयराम रमेश ने कहा, मोदी सरकार यह दावा कर रही है कि आयुष्मान भारत योजना में दस करोड़ से ज्यादा परिवारों को फायदा पहुंचा है। हर परिवार को सालाना पांच लाख रुपये तक स्वास्थ्य बीमा मिलेगा।
बतौर जयराम, मोदी ने तो 23 सितंबर 2018 को यह भी कहा था कि आयुष्मान भारत दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना होगी। इसमें 50 करोड़ से ज्यादा लोगों को लाभ मिलेगा। सच्चाई यह है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना (आरएसबीवाई) तथा राज्य की विभिन्न स्वास्थ्य बीमा योजनाओं की तुलना में मोदी सरकार द्वारा लागू प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएमजेएवाई) के तहत कवर किए गए परिवारों की संख्या कम है।
नेशनल हेल्थ अथॉरिटी के अनुसार, 2017-18 में राज्य और केंद्र की योजनाओं के तहत 11.2 करोड़ परिवार (56 करोड़ लोग) कवर किए गए। पीएमजेएवाई 10.7 करोड़ परिवारों (54 करोड़ लोगों) को कवर करती है। छत्तीसगढ़ में आरएसबीवाई और मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना (एमएसबीवाई) के तहत 40 लाख परिवारों को कवर किया गया था, लेकिन पीएमजेएवाई के लागू होने के बाद इसे घटाकर 37 लाख परिवारों तक सीमित कर दिया गया। वजह, राज्य सरकार को स्वास्थ्य बीमा से वंचित हुए लोगों को कवर करने के लिए राज्य के खजाने से प्रीमियम देना पड़ेगा।
जयराम बोले, 11 सौ रुपये के प्रीमियम में पांच लाख रुपये का बीमा कवर नहीं मिलेगा
कांग्रेस नेता ने कहा, पीएम नरेंद्र मोदी ने हर परिवार को 5 लाख रुपये का बीमा कवर दिया है। यह एक बड़ा झूठ है। यदि कोई परिवार, जिसके मुखिया की आयु 30 वर्ष है और वह निजी क्षेत्र से बीमा समान कवरेज वाला बीमा लेता है, तो उसका प्रीमियम कम से कम 5,252 रुपये प्रतिवर्ष है। ज्यादातर प्लान 10,000 रुपये से 15,000 रुपये के बीच हैं। पीएमजेएवाई यह प्लान 1100 रुपये में देने का वादा कर रही है, जिसमें केंद्र सरकार का योगदान 660 रुपये होगा।
छत्तीसगढ़ में राज्य सरकार ने जांच के द्वारा यह पाया है कि 1,100 रुपये का प्रीमियम केवल 50,000 रुपये का बीमा कवर ही देता है। इस वजह से मरीजों को पीएमजेएवाई के तहत उचित स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिलेंगी, क्योंकि इसमें आउटपेशेंट सेवा के प्रावधान को कवरेज से बाहर रखा गया है। सच्चाई यह है कि अपने देश में 87 प्रतिशत लोगों की जरुरत आउटपेशेंट के तौर पर होती है।
पीएमजेएवाई के तहत ये बीमारियां कवर नहीं होती
पीएमजेएवाई के तहत जो बीमा मिलता है, उनमें कई सामान्य बीमारियों को नजरंदाज कर दिया गया है। इन बीमारियों में शुगर, हीमोग्लोबिन की नियमित जाँच, हाई ब्लड प्रेशर का प्रारम्भिक इलाज शामिल नहीं हैं। इन्हें पीएमजेएवाई के तहत कवर नहीं किया गया है। आपको पीएमजेएवाई से पैसे तभी मिल सकेंगे, जब आपकी स्थिति बहुत ज्यादा खराब होकर आपको डायबिटिक फुट जैसी बीमारी हो जाए, जिसमें मरीज का पैर भी काटना पड़ सकता है।
जयराम रमेश ने कहा, "कांग्रेस की सरकार में आरटीएच के तहत संपूर्ण स्वास्थ्य सुरक्षा योजना लागू की जाएगी।जब स्वास्थ्य सुरक्षा एक मूल अधिकार बन जाएगा तो उक्त सभी बीमारियों का संपूर्ण इलाज संभव हो सकेगा।"