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राजनाथ, सोनिया, राहुल, स्मृति के भाग्य का फैसला आज, यूपी की 14 सहित देश की 51 सीटों पर मतदान
Mon, 06 May 2019 03:34 AM IST
गौरव द्विवेदी
हिमांशु मिश्र, अमर उजाला, नई दिल्ली
हिमांशु मिश्र, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गौरव द्विवेदी
Updated Mon, 06 May 2019 03:34 AM IST
सार
- भाजपा के लिए अभी नहीं तो कभी नहीं का मुकाबला
- बीते चुनाव में 51 सीटों में 39 सीटों पर अपने दम पर हासिल की थी जीत
- राजनाथ, सोनिया, राहुल, स्मृति के भाग्य का फैसला आज
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लोकसभा चुनाव 2019 (फाइल फोटो)
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विस्तार
लोकसभा चुनाव के 5वें चरण के तहत 7 राज्यों की 51 सीटों पर सोमवार को होने वाला मतदान भाजपा के लिए अभी नहीं तो कभी नहीं का मुकाबला है। बीते चुनाव में पार्टी ने अपने दम पर 39 तो राजग ने इनमें से 42 सीटों पर कब्जा जमाया था। पांचवां चरण इसलिए भी अहम है कि इसमें गृह मंत्री राजनाथ सिंह, यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी सहित 5 केंद्रीय मंत्रियों और दो पूर्व सीएम के भाग्य का फैसला होगा।
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बीते चुनाव की बात करें तो भाजपा ने यूपी की 14 में से 12, राजस्थान की 12 में से 12, मध्यप्रदेश की 7 में से 7, बिहार की 5 में से 5 (1 लोजपा-1 रालोसपा), झारखंड की 4 में से 4 और जम्मू-कश्मीर की 2 में से 1 सीटों पर जीत हासिल की थी। जाहिर तौर पर पुराना प्रदर्शन दुहराने के लिए भाजपानीत राजग को हर हाल में अपनी जीत का पुराना ट्रैक रिकार्ड बनाए रखना होगा।
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कांग्रेस के अस्तित्व का सवाल
यूपी की दृष्टि से देखें तो यहां कांग्रेस के लिए यह चुनाव अस्तित्व का सवाल है। कांग्रेस के सामने गांधी परिवार से जुड़ी अमेठी और रायबरेली की सीटों को बचाए रखने की चुनौती है। बीते चुनाव में कांग्रेस को इन्हीं दो सीटों से संतोष करना पड़ा था। सपा-बसपा के उम्मीदवार न देने से रायबरेली में सोनिया की राह आसान हो गई है, मगर अमेठी में स्मृति ईरानी कांग्रेस अध्यक्ष राहुल को कड़ा टक्कर दे रही है। बीते साल ही राजस्थान और मध्यप्रदेश की सत्ता पर कब्जा जमाने के बाद अब कांग्रेस को साबित करना है कि विधानसभा चुनाव के परिणाम महज संयोग की बात नहीं थी। इसके अलावा झारखंड और बिहार में भी कांग्रेस के सामने कई चुनौतियां हैं।
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वोट ट्रांस्फर हुए तो भाजपा को बड़ा नुकसान
यूपी की जिन 14 सीटों पर चुनाव है, उनमें से दो अमेठी और रायबरेली पर कांग्रेस का कब्जा है। बाकी की सभी 12 सीटें इस समय भाजपा के पास है। आंकड़ों केलिहाज से देखें तो अगर सपा और बसपा के वोट एक दूसरे को ट्रांस्फर हुए तो भाजपा की मुसीबत बढ़ जाएगी। बीते चुनाव में कौशांबी सीट पर सपा-बसपा का संयुक्त वोट भाजपा के वोट से डेढ़ लाख से भी ज्यादा था। इसी प्रकार महागठबंधन की बढ़त बांदा में यह अंतर करीब 74 हजार, दौरहरा में 1.83 लाख, मोहनलाल गंज में करीब एक लाख, सीतापुर में 1.5 लाख, बहराइच में 1259, कैसरगंज में 68 हजार थी।
प. बंगाल में टीएमसी की परीक्षा
इस चरण में प. बंगाल की जिन 7 सीटों पर मतदान होना है, उन सीटों पर टीएमसी से क्लीन स्वीप किया था। इस बार टीएमसी के सामने भाजपा, कांग्रेस और वाम दल बड़ी चुनौती है। टीएमीसी को भी पिछले चुनाव परिणाम को दुहराने केलिए इन सभी सीटों पर जीत का परचम लहराना होगा।
इस चरण में ये हैं प्रमुख उम्मीदवार
राजनाथ सिंह, सोनिया गांधी, राहुल गांधी, स्मृति ईरानी, राज्यवर्धन राठौर, अर्जुन मेघवाल, वीरेंद्र कुमार, जयंत सिन्हा, प्रहलाद पटेल, जितिन प्रसाद, बाबूलाल मरांठी, अर्जुन मुंडा।
इन राज्यों की इन सीटों पर वोट
यूपी 14, राजस्थान 12, मध्यप्रदेश 7, प. बंगाल 7, बिहार 5, झारखंड 4, जम्मू कश्मीर 2