फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Locust Sprinkler devices to be deployed on Air Force helicopters for anti-locust operation

टिड्डियों से निपटने के लिए वायुसेना ने कसी कमर, हेलिकॉप्टरों पर तैनात किए जाएंगे छिड़काव उपकरण

Mon, 08 Jun 2020 09:01 AM IST
अनवर अंसारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अनवर अंसारी Updated Mon, 08 Jun 2020 09:01 AM IST
विज्ञापन
Locust Sprinkler devices to be deployed on Air Force helicopters for anti-locust operation
टिड्डियों का हमला - फोटो : Social media

टिड्डियों के खतरे से निपटने के लिए अब भारतीय वायुसेना के हेलिकॉप्टर तैनात किए जाएंगे। कृषि मंत्रालय टिड्डियों से निपटने के लिए उच्च शक्ति वाले छिड़काव उपकरण का आयात कर रहा है। इसे भारतीय वायुसेना के पांच एमआई-17 हेलीकॉप्टरों पर टिड्डियों के झुंडों पर छिड़काव के लिए लगाया जाएगा।

विज्ञापन


विमानन मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि भारतीय वायुसेना के पांच एमआई-17 हेलीकाप्टरों पर लगाए जाने के लिए यूरोपीय संघ से एक उच्च-शक्ति छिड़काव उपकरण को आयात किया जा रहा है। विभिन्न मंत्रालयों, आईएएफ, सेना विमानन कोर और उद्योग के बीच करीबी सहयोग से हमें 27 वर्षों में सबसे खराब टिड्डियों के हमले के खिलाफ जीतने में मदद करेगा।
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि एक सशक्त समिति हेलीकॉप्टर कंपनियों के साथ बातचीत कर रही है और जल्द ही एक समझौते की उम्मीद है, जो डीजीसीए की मंजूरी के अधीन है। मंजूरी मिलने बाद इन्हें आयात किया जाएगा और हेलीकॉप्टरों पर लगाया जाएगा। 
विज्ञापन
विज्ञापन


यह भी पढ़ें: क्या है टिड्डी दल, कहां से आया और कितना नुकसान पहुंचा सकता है, जानें सबकुछ


विमानन मंत्रालय ने पिछले महीने कृषि मंत्रालय को 'एंटी-लोकस्ट ऑपरेशन' (टिड्डियों के खिलाफ अभियान) के लिए स्प्रे ड्रोन के इस्तेमाल की अनुमति दी थी। अधिकारी ने कहा कि एक अंतर-मंत्रालयीय अधिकार प्राप्त समिति ने बोली लगाने वालों के साथ वार्ता की और पांच ड्रोन कंपनियों को कार्य आदेश जारी किए गए। उन्होंने कहा कि ड्रोन-स्क्वाड अगले हफ्ते की शुरुआत में टिड्डियों के हमले से प्रभावित बाड़मेर, फलोदी, नागौर और बीकानेर पहुंचेंगे।

अधिकारी ने आगे कहा कि दो तीन वर्षों में, जैसे-जैसे मांग बढ़ती है और ड्रोन की कीमतें गिरती हैं। हमें उम्मीद हैं कि हमारे यहां गांव-आधारित उद्यमी आगे आएंगे, जो फसल की मैपिंग, एनालिटिक्स, उपज सुधार सलाह और छिड़काव के लिए ड्रोन सेवाएं प्रदान करेंगे।  

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed