गुरुवयूर में बोले प्रधानमंत्री मोदी, केरल मुझे वाराणसी जितना ही प्रिय है
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केरल के त्रिशूर जिले के गुरुवयूर में स्थित श्रीकृष्ण मंदिर के गर्भगृह में विशेष पूजा अर्चना की। इसके बाद उन्होंने कमल के फूलों से तुलादान किया। वह यहां पारंपरिक वेश-भूषा मुंडू में पहने हुए नजर आए। इसके बाद उन्होंने एक जनसभा को संबोधित किया। लोकसभा चुनाव नतीजे को लेकर उन्होंने कहा कि राजनीतिक पंडित जनता का मूड नहीं समझ पाए और देश ने नकारात्मकता को नकार दिया। उन्होंने केरल सरकार से राज्य में आयुष्मान भारत योजना को लागू करने के लिए कहा ताकि गरीब लोगों को बीमारियों से लड़ने में मदद मिल सके।
क्या-क्या कहा पीएम ने
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भाजपा में भरोसा जताने के लिए मतदाताओं का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि राजनीतिक दल और राजनीतिक पंडित लोकसभा चुनाव से पहले जनता के मूड को भांपने में नाकाम रहे। लोकसभा चुनाव में पार्टी प्रचंड जनादेश के साथ सत्ता में आई है। लगातार दूसरी बार लोकसभा चुनाव जीतने के बाद अपने पहले सार्वजनिक कार्यक्रम में मोदी ने कहा कि राज्य से (भाजपा का) कोई सांसद नहीं चुने जाने के बावजूद उन्होंने अपनी पहली यात्रा के लिए केरल को चुना क्योंकि यह भी उन्हें उत्तर प्रदेश में अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी जितना ही प्रिय है।
हाल में सम्पन्न लोकसभा चुनाव को लोकतंत्र का पर्व बताते हुए मोदी ने केरल की जनता की प्रशंसा की और यहां के मतदाताओं के योगदान के लिये उनका धन्यवाद किया। भाजपा की केरल इकाई की तरफ से आयोजित ‘अभिनंदन सभा’ में उन्होंने कहा कि देश ने देखा है कि चुनाव में जनता जनार्दन होती है।
इससे पहले उन्होंने भगवान कृष्ण के मंदिर में पूजा- अर्चना की। अपनी पार्टी को चुनने के लिए उन्होंने मतदाताओं का शुक्रिया अदा किया और कहा कि राजनीतिक पार्टियां और राजनीतिक पंडित लोगों के मूड को भांप नहीं सके। वे (चुनावी) सर्वेक्षण करने में लगे रहे और जनता ने भाजपा को अपना मजबूत जनादेश दे दिया।
उन्होंने कहा हालिया चुनाव ने साबित किया है कि लोगों ने नकारात्मकता को खारिज किया और सकारात्मकता को स्वीकार किया है। मोदी ने कहा कि 2019 के लोकसभा चुनाव में सकारात्मकता की जीत हुई और नकारात्मकता को खारिज कर दिया गया। इस भावना के साथ हम सभी मिलकर नये भारत का निर्माण करें।
लोकसभा चुनाव के बाद अपनी पहली यात्रा के लिये केरल को चुनने पर मोदी ने कहा कि कुछ लोग हैरान हो रहे होंगे कि यहां तो भाजपा का खाता भी नहीं खुला, फिर भी उन्होंने दक्षिणी राज्य को क्यों चुना। उन्होंने कहा, एक चुना हुआ नेता सर्वमान्य होता है।
मोदी ने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव का अपना स्थान होता है और यह जीतने वाले की जिम्मेदारी होती है कि वह 130 करोड़ लोगों का ख्याल रखे। जिन लोगों ने हमें जिताया है या जिन लोगों ने ऐसा नहीं किया है, दोनों हमारे अपने (लोग) हैं। केरल वाराणसी जितना ही मुझे प्रिय है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा सिर्फ चुनावी राजनीति के लिए काम नहीं करती, बल्कि वह देश निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है और यह सुनिश्चित करना चाहती है कि अंतरराष्ट्रीय जगत में भारत को उसका गौरवपूर्ण स्थान मिले। मोदी ने शनिवार को केरल के दौरे में कहा कि लोगों को आश्चर्य होगा कि संसद में भाजपा का यहां से खाता नहीं खुलने के बावजूद वह इस दक्षिणी राज्य के दौरे पर क्यों आए।
उन्होंने कहा कि मैं केरल के लोगों के प्रति आभार प्रकट करने के लिए यहां आया। हां, हमारी पार्टी को यहां से एक भी सीट नहीं मिली फिर मैं इस राज्य की सेवा करूंगा और यहां के लोगों के साथ अपने संबंध मजबूत करूंगा।
मोदी ने राज्य के दौरे में केरल का परंपरागत पोशाक पहना। उन्होंने कहा कि यह निर्वाचित नेता सभी के लिए एक समान होता है। मोदी ने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव का अपना स्थान है और 130 करोड़ लोगों का ध्यान रखना हमारी जिम्मेदारी है। जिन लोगों ने हमें जिताया, या जिन्होंने हमें वोट नहीं दिया सब हमारे हैं। केरल मुझे उतना ही प्रिय है जितना वाराणसी।
इस मंदिर की खासियत
प्रधानमंत्री मोदी त्रिशूर जिले में स्थित जिस मंदिर में गए थे वह सदियों पुराना है। यह राज्य में हिंदू पूजा के महत्वपूर्ण स्थानों में से एक है। भगवान कृष्ण के इस मंदिर को केरल का द्वारका भी कहा जाता है। इस मंदिर में गैर-हिंदुओं का प्रवेश वर्जित है।
लोकसभा चुनाव में जीत मिलने के बाद प्रधानमंत्री ने पहली बार केरल के भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। पिल्लई ने कहा था, 'प्रार्थना के बाद वह दिन में भाजपा द्वारा आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे और वहां कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे। 11.30 बजे वह केरल से चले जाएंगे।'
प्रधानमंत्री मोदी ऐसे समय पर केरल पहुंचे हैं जब कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी तीन दिन की यात्रा पर अपने निर्वाचन क्षेत्र वायनाड पहुंचे हुए हैं। वह यहां उन्हें सांसद बनाने के लिए लोगों का धन्यवाद करने के लिए पहुंचे हैं। केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट को 20 में से 19 लोकसभा सीटों पर जीत मिली थी। जबकि भाजपा खाता तक नहीं खोल पाई थी।