LDF: केरल विधानसभा में PM SHRI योजना पर हंगामा, विजयन ने पुलिस पर गंदा पानी इस्तेमाल करने का लगाया आरोप
पीएम श्री योजना को लेकर केरल में लंबे समय से विवाद बना हुआ है। पिछली एलडीएफ सरकार ने इस योजना को लागू करने के लिए केंद्र सरकार के साथ समझौता किया था, लेकिन बाद में सीपीआई और अन्य दलों के विरोध के बाद इसे रोक दिया गया। इसके बाद से सीपीआई लगातार इस समझौते को रद्द करने की मांग को लेकर आंदोलन कर रही है।
विस्तार
केरल में प्रधानमंत्री स्कूल्स फॉर राइजिंग इंडिया (पीएम श्री) योजना को लेकर विवाद एक बार फिर गहरा गया है। सोमवार को विधानसभा में विपक्षी वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) ने आरोप लगाया कि योजना के विरोध में प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने वाटर कैनन से गंदा और दूषित पानी छोड़ा।
#WATCH | Thiruvananthapuram: All India Students Federation of India (AISF) and All India Youth Federation (AIYF) carry out a protest march to the Keralam Assembly, demanding the withdrawal of the PM SHRI scheme.
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Police used water cannons to stop the protesters. pic.twitter.com/yjY3QVB23v— ANI (@ANI) June 22, 2026
वहीं राज्य सरकार ने मामले की जांच कर पानी का नमूना प्रयोगशाला भेजने की बात कही है। विधानसभा में विपक्ष के नेता पिनाराई विजयन ने इस मुद्दे को उठाते हुए एक बोतल दिखाई, जिसमें कथित तौर पर प्रदर्शन स्थल से एकत्र किया गया पानी था। उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा छोड़ा गया पानी बेहद गंदा था और इससे संक्रामक बीमारियों का खतरा पैदा हो सकता है।
Thiruvananthapuram | Former Keralam CM and LoP Pinarayi Vijayan brings water used by the water cannons to stop the AISF and AIYF protesters, to the state Assembly
— ANI (@ANI) June 22, 2026
He says, "Today, AIYF and AISF jointly conducted a protest march to the Legislative Assembly against the… https://t.co/kkOmgVCNmB pic.twitter.com/kjeB9JBGBH
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विजयन ने कहा कि यह पानी पूरी तरह दूषित दिखाई देता है। ऐसा लगता है कि इसे किसी नहर या अन्य गंदे स्रोत से लिया गया है। उन्होंने आशंका जताई कि इससे अमीबिक मेनिंगोएन्सेफलाइटिस जैसी गंभीर बीमारियां भी फैल सकती हैं। उन्होंने सरकार से मामले को गंभीरता से लेने की मांग की। इस पर राज्य के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने जवाब देते हुए कहा कि पुलिस के वाटर कैनन में इस्तेमाल होने वाला पानी आमतौर पर केरल वाटर अथॉरिटी से लिया जाता है। हालांकि उन्होंने माना कि विधानसभा में दिखाया गया नमूना दूषित लग रहा है और संभव है कि पानी के टैंक में जमा गंदगी के कारण ऐसा हुआ हो।
पानी का नमूना लैब परीक्षण के लिए भेजा गया
इस पर राज्य के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने जवाब देते हुए कहा कि पुलिस के वाटर कैनन में इस्तेमाल होने वाला पानी आमतौर पर केरल वाटर अथॉरिटी से लिया जाता है। हालांकि उन्होंने माना कि विधानसभा में दिखाया गया नमूना दूषित लग रहा है और संभव है कि पानी के टैंक में जमा गंदगी के कारण ऐसा हुआ हो। गृह मंत्री ने बताया कि उन्होंने शहर के पुलिस आयुक्त को मामले की जांच के निर्देश दिए हैं और पानी का नमूना लैब परीक्षण के लिए भेज दिया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद पूरी जानकारी विधानसभा को दी जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जानबूझकर गंदा पानी इस्तेमाल नहीं किया गया।
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सोमवार को AISF और AIYF ने किया प्रदर्शन
इससे पहले सोमवार को विधानसभा के पास ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (AISF) और ऑल इंडिया यूथ फेडरेशन (AIYF) के कार्यकर्ताओं ने पीएम श्री योजना के खिलाफ प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व सीपीआई विधायक और पूर्व मंत्री के. राजन कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि राज्य सरकार केंद्र प्रायोजित पीएम श्री योजना से खुद को अलग करे। के. राजन ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण था, लेकिन पुलिस ने बिना किसी उकसावे के दो बार वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों पर गंदा पानी छोड़ा गया, जबकि ऐसा व्यवहार अपराधियों के साथ भी नहीं किया जाता।