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अप्रैल के अंत तक टला महत्वकांक्षी चंद्रयान-2 मिशन
Sat, 12 Jan 2019 09:25 AM IST
Shani Mishra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shani Mishra
Updated Sat, 12 Jan 2019 09:25 AM IST
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चंद्रयान
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भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने शुक्रवार को भारत के दूसरे चंद्रमा मिशन चंद्रयान-2 के टालने की घोषणा कर दी है। इसरो ने कहा कि इसे अप्रैल के अंत से पहले नहीं किया जा सकता है। इसरो ने पहले इस मिशन को जनवरी के अंत या फरवरी की शुरुआत में करने की घोषणा की थी।
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इसरो प्रमुख के. सिवान ने कहा कि अभी हमने कई टेस्ट नहीं पूरे किए हैं। अब लांच अप्रैल या मार्च में हो पाएगा। उन्होंने कहा कि अगर यह लक्ष्य भी नहीं पाया जा सका तो फिर इस मिशन को जून तक के लिए टाल दिया जाएगा। इसरो 2018 में दूसरे कई लांच प्रोजेक्ट्स में लगा रहा जिसका असर इस मिशन पर पड़ा है और इसमें देरी हुई है।
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देश का सबसे महत्वकांक्षी मिशन चंद्रयान-2 को पहले अक्टूबर 2018 के पहले सप्ताह में भेजा जाना था लेकिन तकनीकी गड़बड़ी के चलते ऐसा नहीं हो पाया था। उस वक्त इसे जनवरी 2018 तक टाल दिया गया था । चंद्रयान-2 अंतरिक्ष यान का वजन करीब 3,290 किलोग्राम है और वह चांद के चारों ओर चक्कर लगाते हुए आंकड़े एकत्रित करेगा।
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उन्होंने कहा कि टेलीकॉम मंत्रालय के अनुरोध पर और विमान के अंदर कॉलिंग सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए हमनें पहले ही जीसैट 29, जीसैट11 और जीसैट 20 सैटेलाइट लांच किए हैं। यह डिजिटल इंडिया कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए इंटरनेट की स्पीड को भी बेहतर बनाएंगे। इनका इस्तेमाल विमान के अंदर बात करने के लिए किया जा सकेगा।
सिवान ने कहा कि हिंदुस्तान एरोनॉटिकल लिमिटेड यानी एचएएल और एल एंड टी एक संघ बना रहे हैं जो पोलर सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल (पीएसएलवी) का निर्माण करेगा। यह संघ जीएसएलवी क्लास के रॉकेट भी बनाएगा।
सिवान ने कहा कि सरकार की ओर से विभिन्न योजनाओं के तीस हजार करोड़ रुपये जारी किये गए हैं। इसमें से 10 हजार करोड़ गगनयान के लिए है। इसके अलावा इसरो प्रमुख ने 2019 के दूसरे कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नई तकनीक का पीएसएलवी, चौथे चरण में परखा जाएगा। इसके अलावा जीसैट 20 को सितंबर अक्टूबर में लांच किए जाने की योजना है।