{"_id":"6434a5ca69a9f069580b5da5","slug":"land-for-jobs-scam-case-tejashwi-yadav-ed-questioning-latest-updates-in-hindi-2023-04-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Land For Jobs Scam: तेजस्वी यादव से करीब नौ घंटे पूछताछ, नौकरी के बदले जमीन घोटाला मामले में ईडी ने पूछे सवाल","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Land For Jobs Scam: तेजस्वी यादव से करीब नौ घंटे पूछताछ, नौकरी के बदले जमीन घोटाला मामले में ईडी ने पूछे सवाल
Tue, 11 Apr 2023 10:30 PM IST
गुलाम अहमद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गुलाम अहमद
Updated Tue, 11 Apr 2023 10:30 PM IST
सार
रेलवे में नौकरी के बदले जमीन घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बिहार के उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव मंगलवार को दिल्ली में प्रवर्तन निदेशालय के दफ्तर पहुंचे।
विज्ञापन
तेजस्वी यादव
- फोटो : Facebook
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
रेलवे में नौकरी के बदले जमीन घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बिहार के उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव दिल्ली में प्रवर्तन निदेशालय कार्यालय पहुंचे। सूत्रों ने बताया कि ईडी ने सीबीआई की प्राथमिकी के आधार पर पीएमएलए के तहत आपराधिक धारा में एक नया मामला दर्ज किया है। इसी मामले में एजेंसी ने तेजस्वी से करीब नौ घंटे पूछताछ की।
विज्ञापन
बता दें कि बीते 26 मार्च को इसी मामले में सीबीआई ने तेजस्वी यादव से दिल्ली में पूछताछ की थी। सीबीआई की करीब आठ घंटे तक चली पूछताछ के बाद तेजस्वी ने कहा था कि जब भी जांच हुई है हमने सहयोग किया है और जो सवाल किए गए उसके हमने जवाब दिए। ये निराधार चीजें हैं। सच्चाई यह है कि कोई घोटाला हुआ ही नहीं है। उसी दिन तेजस्वी यादव की बड़ी बहन और सांसद मीसा भारती भी पूछताछ के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समक्ष पेश हुई थीं। कहा गया था कि उनका बयान धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत दर्ज किया गया।
विज्ञापन
नौकरी के बदले जमीन घोटाला मामले में सीबीआई राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव और उनकी पत्नी राबड़ी देवी से भी पूछताछ कर चुकी है। इसके अलावा ईडी ने राजद प्रमुख के परिवार के परिसरों में छापे मारे थे। ईडी ने छापेमारी के बाद कहा था कि उसने एक करोड़ रुपये की आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक नकदी बरामद की और अपराध में इस्तेमाल 600 करोड़ रुपये के लेनदेन का पता लगाया है। लालू प्रसाद के परिवार और उनके सहयोगियों की तरफ से रियल एस्टेट समेत विभिन्न क्षेत्रों में किए गए और निवेश का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है।
विज्ञापन
क्या है नौकरी के बदले जमीन घोटाला
यह कथित घोटाला उस समय हुआ जब लालू प्रसाद कांग्रेस नीत केंद्र की यूपीए-1 सरकार में रेल मंत्री थे। आरोप है कि 2004-09 की अवधि के दौरान भारतीय रेलवे के विभिन्न क्षेत्रों में समूह ‘डी’ पदों पर विभिन्न व्यक्तियों को नियुक्त किया गया था और इसके बदले में संबंधित व्यक्तियों ने तत्कालीन रेल मंत्री प्रसाद के परिवार के सदस्यों को और इस मामले में लाभार्थी कंपनी ‘एके इंफोसिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड’ को अपनी जमीन हस्तांतरित की थी।