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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri Violence: Samyukt Kisan Morcha will burn the effigy of PM Narendra Modi and Home Minister Amit Shah on October 15 on Dussehra in protest against the incident

लखीमपुर खीरी हिंसा: किसान मोर्चा ने केंद्र सरकार के खिलाफ भरी हुंकार, लखनऊ महापंचायत से मिशन यूपी के शंखनाद की तैयारी

Sat, 09 Oct 2021 06:06 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Sat, 09 Oct 2021 06:06 PM IST
सार

किसान नेता जोगिंदर सिंह उग्राहन ने कहा कि जबसे किसान आंदोलन शुरू हुआ है वह बहुत ही शांतिपूर्ण तरीके से ही चल रहा है। भाजपा ने इसे खत्म करने के लिए हर कोशिश की, लेकिन इसे खत्म नहीं कर सके। किसानों के आंदोलन को खालिस्तानी, पाकिस्तानी बताकर बदनाम करने की कोशिशें भी कीं, जब इसमें भी सफल नहीं हुई तो सरकार हिंसा पर उतर गई गई है...

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Lakhimpur Kheri Violence: Samyukt Kisan Morcha will burn the effigy of PM Narendra Modi and Home Minister Amit Shah on October 15 on Dussehra in protest against the incident
संयुक्त किसान मोर्चा के पदाधिकारी - फोटो : Agency

विस्तार

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा के बाद किसान संगठन सरकार को घेरने का कोई मौका नहीं चूक रहे हैं। संयुक्त किसान मोर्चा घटना के विरोध में दशहरे के दिन 15 अक्तूबर को पीएम नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह का पुतला जलाएगा। वहीं, 18 अक्तूबर को देशव्यापी रेल रोको का आह्वान किया है। 12 अक्तूबर से उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में कलश यात्रा निकाली जाएगी। इसके अलावा संयुक्त किसान मोर्चा ने 26 अक्तूबर को लखनऊ में महापंचायत भी बुलाई है।

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संयुक्त किसान मोर्चा ने लखीमपुर हिंसा में योगी आदित्यनाथ सरकार पर सवाल खड़े किए। आरोप लगाया कि सरकार ताकतवर लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही है, उल्टा विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है। संयुक्त किसान मोर्चा ने उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी की घटना को पूर्व नियोजित साजिश का हिस्सा बताया है। प्रेस क्लब आफ इंडिया में प्रेस वार्ता को सबोधित करते हुए, योगेंद्र यादव ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा की मांग है कि लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में जल्द ही केंद्रीय गृहराज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी और मुख्य आरोपी उनके बेटे आशीष मिश्रा की गिरफ्तारी हो। हम मांग करते हैं कि अजय मिश्रा टेनी को केंद्रीय गृह राज्य मंत्री पद से बर्खास्त किया जाए। राज्य की योगी सरकार प्रभावशाली लोगों को बचाने में जुटी हुई हैं। मंत्री अजय टेनी को भी गिरफ्तार किया जाना चाहिए, तभी ममाले की निष्पक्ष जांच हो सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि हिंसा की साजिश को उन्होंने ही शुरू किया था।

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किसान नेता दर्शन पाल ने आगे कहा कि 25 सितंबर में केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा लखीमपुर खीरी में विवादित भाषण देते है। उन्होंने कोई इसका कोई रिकार्ड नहीं छोड़ा था लेकिन हमें वो भी सोशल मीडिया से मिल गया है। किसानों को गाड़ी से कुचलकर दोषियों ने डर का माहौल बनाने की कोशिश की थी। लेकिन हम किसान किसी से भी नहीं डरेंगे। इस घटना के साथ मंत्री ने जो दशहत फैलाने की कोशिश की है संयुक्त किसाच मोर्चा इसके विरोध में पूरे देशभर में एक ज्ञापन तैयार कर जल्द ही राष्ट्रपति को भेजेगा।



किसान नेता जोगिंदर सिंह उग्राहन ने कहा कि जबसे किसान आंदोलन शुरू हुआ है वह बहुत ही शांतिपूर्ण तरीके से ही चल रहा है। भाजपा ने इसे खत्म करने के लिए हर कोशिश की, लेकिन इसे खत्म नहीं कर सके। किसानों के आंदोलन को खालिस्तानी, पाकिस्तानी बताकर बदनाम करने की कोशिशें भी कीं, जब इसमें भी सफल नहीं हुई तो सरकार हिंसा पर उतर गई गई है। सरकार ने प्रदर्शनकारी किसानों के खिलाफ सरकार द्वारा हिंसक रूप अपनाया गया है। ये कितना भी हमारे साथ हिंसा कर ले लेकिन हम हिंसा का रास्ता नहीं अपनाएंगे।

किसान नेता राकेश टिकैत ने आगे कहा, जब तक केंद्रीय गृह राज्य मंत्री पद पर रहेंगे तब तक जांच सही से नहीं हो सकती है। जब तक दोनों गिरफ्तार नहीं तब तक हम आंदोलन जारी रहेंगे। वे कहते हैं, आज अजय मिश्रा के बेटे साथ जो हुआ, उसे गिरफ्तारी नहीं कहते हैं, बल्कि उसे निमंत्रण देकर बुलाया गया है।

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