सहारनपुर के कोच से क्रिकेट की बारीकियां सीखी हैं कोहली ने
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टी-20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तानी क्रिकेट टीम के मंसूबों पर पानी फेरने वाले विराट कोहली पर सहारनपुर को भी गर्व है। विराट कोहली ने महज नौ साल की उम्र से बल्ला पकड़ना सहारनपुर निवासी राजकुमार शर्मा से ही सीखा। विराट भी अपनी कामयाबी में इस कोच की अहम भूमिका को कभी नजरअंदाज नहीं करते हैं।
पटेलनगर निवासी राजकुमार शर्मा अपने जमाने के बेहतरीन खिलाड़ी भी रहे हैं। उन्होंने काफी समय कानपुर के ग्रीन पार्क स्टेडियम में भी बिताया। इसके बाद 1980 में दिल्ली चले गए। वहां चार साल दिल्ली की ओर से रणजी खेले और बेहतरीन प्रदर्शन की वजह से ही 1987 में उनका चयन भारतीय टीम में हुआ।
वह एकमात्र अंतरराष्ट्रीय मैच खेले, जो 1987 में पाकिस्तान के खिलाफ हुआ था। इसके बाद उन्होंने दिल्ली में वेस्ट जोन क्रिकेट एकेडमी शुरू की। यहीं पर विराट कोहली अपने पैरेंट्स के साथ नौ साल की उम्र में कोचिंग लेने उनके पास पहुंचे थे।
आज भी अपने कोच का करते हैं सम्मान
अमर उजाला से फोन पर बातचीत में राजकुमार ने बताया कि विराट में शुरू से ही क्रिकेट के प्रति जुनून था। विराट आज भी अपने कोच की हर बात को उतना ही सम्मान देते हैं जितनी शुरुआती दिनों में दिया करते थे।
देश में रहने के अलावा जब वह देश से बाहर खेलने जाते हैं तो जाने से पहले कोच से मुलाकात करते हैं। ज्यादातर बड़े मुकाबलों से पहले वह अपने कोच से फोन पर बात कर टिप्स भी लेते हैं।
राजकुमार ने बताया कि विराट एग्रेसिव खिलाड़ी है, जो मैदान पर जुबान से नहीं, बल्कि बल्ले से जवाब देना पसंद करता है। जब भी वह दिल्ली में रहता है तो अक्सर मैदान पर आकर अभ्यास करता है।