अनुच्छेद 370: मोदी सरकार के फैसले के साथ कौन सी पार्टियां, कौन विरोध में?
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जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 पर सरकार के बड़े फैसले के विरोध में जहां राज्यसभा में जमकर हंगामा हुआ तो वहीं बहुत सारी पार्टियां इसके समर्थन में खड़ी दिखीं। सदन के बाहर पीडीपी नेताओं ने तो कुर्ता फाड़कर और काली पट्टी बांधकर विरोध किया। कुछ ऐसी पार्टियों ने सरकार का समर्थन कर चौंकाया जो कई मुद्दों पर सरकार के खिलाफ खड़ी रहीं। आपको बता रहे हैं किन पार्टियों ने किया समर्थन और किन पार्टियों ने विरोध।
ये हैं समर्थन करने वाली पार्टियां ः-
बहुजन समाजवादी पार्टी
राज्यसभा में बसपा सांसद सतीश चंद्र मिश्रा ने कहा कि हमारी पार्टी पूरा समर्थन देगी। हम चाहते हैं कि वो बिल पास हो। हमारी पार्टी अनुच्छेद 370 विधेयक और अन्य विधेयक का कोई विरोध नहीं कर रही है।
बीजू जनता दल
पार्टी सांसद प्रसन्न आचार्य ने कहा कि इस फैसले से भारत माता की ताकत बढ़ी है। उन्होंने कहा, हम उस दिन का इंतजार कर रहे हैं जब पाकिस्तान के कब्जा वाले कश्मीर के हिस्से को भी भारत में मिलाया जाएगा। उन्होंने कहा, 'हम भले ही क्षेत्रीय दल हैं और क्षेत्रीय आकांक्षाएं रखते हैं किंतु जब देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा की बात हो तो हम पूरे देश के साथ खड़े हैं। आचार्य ने कहा, इस इस संकल्प का स्वागत करते हैं। जम्मू कश्मीर सही मायनों में आज भारत का अभिन्न अंग बना है।
शिवसेना
राज्यसभा में शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा, आज जम्मू-कश्मीर लिया है। कल बलूचिस्तान, पीओके लेंगे। मुझे विश्वास है देश के प्रधानमंत्री हिंदुस्तान का सपना पूरा करेंगे।
एआईएडीएमके
राज्यसभा में एआईएडीएमके सांसद ए. नवनीतकृष्णन ने कहा, अम्मा को संप्रभुता और अखंडता को बनाए रखने के लिए जाना जाता है। तो एआईएडीएमके दोनों विधेयकों का समर्थन करती है।
आम आदमी पार्टी
आम आदमी पार्टी के प्रमुख और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने धारा 370 हटाने के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने ट्वीट कर कहा, 'हम इस मसले पर सरकार के फैसले का समर्थन करते हैं। आशा करते हैं कि इससे राज्य में शांति और खुशहाली आएगी।'
वाईएसआरसीपी
जगनमोहन रेड्डी की पार्टी वाईएसआरसीपी के सांसद वी. विजयसाई रेड्डी ने सरकार का समर्थन करते हुए कहा कि धारा 370 बहुत सालों से देश को चुभ रही थी। उन्होंने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि अब जम्मू-कश्मीर की समस्या का पूर्ण समाधान हो जाएगा।
बीपीएफ
असम के राजनीतिक दल बीपीएफ के राज्यसभा सांसद विश्वजीत दैमारी ने आर्टिकल 370 हटाने को जम्मू-कश्मीर और देश की सुरक्षा से जोड़ा और कहा कि यह उस राज्य और देश दोनों के लिए जरूरी था।
इन पार्टियों ने किया विरोध
कांग्रेस
कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने पीडीपी सांसदों (जिन्होंने संविधान की कॉपी फाड़ने का प्रयास किया) की निंदा करते हुए कहा कि हम देश के संविधान के साथ खड़े हैं। हम हिंदुस्तान के संविधान की रक्षा के लिए जान की बाजी लगा देंगे, लेकिन आज भाजपा ने संविधान की हत्या कर दी है।
जेडी(यू)
जेडी(यू) नेता केसी त्यागी ने कहा, हमारे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जेपी नारायण, राम मनोहर लोहिया और जॉर्ज फर्नांडीस की परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। इसलिए हमारी पार्टी आज राज्यसभा में लाए गए विधेयक का समर्थन नहीं कर रही है। हमारी सोच अलग है। हम चाहते हैं कि अनुच्छेद 370 को हटाया ना जाए।
नेशनल कॉन्फ्रेंस
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के वाईस प्रेजिडेंट उमर अबदुल्ला ने सरकार के इस कदम की निंदा की है। अबदुल्ला ने क्षेत्र में अधिक सैनिकों की तैनाती का विरोध किया है और कहा है कि ये फैसला अवैध, असंवैधानिक और एकतरफा है।
पीडीपी
महबूबा ने ट्वीट करते हुए कहा कि लोकतंत्र के मंदिर से हमें धोखा मिला और इसके परिणाम भयावह होंगे।
एमडीएमके
एमडीएमके नेता वाइको ने कहा, आप कश्मीर के लोगों की भावनाओं के साथ खेल रहे हैं। जब अतिरिक्त सुरक्षा बल वहां भेजा गया, मैं चिंता में आ गया। कश्मीर कोसोवो, पूर्वी तिमोर और दक्षिण सूडान नहीं बनना चाहिए। मैं इस विधेयक का विरोध करता हूं। यह शर्म, शर्म, शर्म का दिन है... ये लोकतंत्र की हत्या है।
एनसीपी
एनसीपी नेता शरद पवार ने कहा, मुझे लगता है कि सरकार को उन्हें (घाटी के नेताओं) विश्वास में लेना चाहिए था। लेकिन दुर्भाग्य से उन्होंने ऐसा नहीं किया। और तब उन्हें फैसला (अनुच्छेद 370 हटाने का) लेना चाहिए था।