ये हैं दुनिया के सबसे ठंडे स्थान, कहीं 2 महीने तक रहता है अंधेरा तो कहीं बर्फ से बने हैं होटल
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सर्दियों में भारत के लोगों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। श्रीनगर, जम्मू कश्मीर और शिमला में बर्फबारी से हाल खराब है। लेकिन आज हम आपको दुनिया की ऐसी जगहों के बारे में बताने जा रहे हैं जहां इतनी ठंड पड़ती है, जिसकी आप कल्पना भी नहीं कर सकते।
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सर्दियों में भारत के लोगों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। श्रीनगर, जम्मू कश्मीर और शिमला में बर्फबारी से हाल खराब है। लेकिन आज हम आपको दुनिया की ऐसी जगहों के बारे में बताने जा रहे हैं जहां इतनी ठंड पड़ती है, जिसकी आप कल्पना भी नहीं कर सकते।
नोरिल्स्क, रूस
नोरिल्सक शहर रूस के साइबेरिया में स्थित है। यहां इतनी ठंड पड़ती है कि साल में 2 महीने तक शहर अंधेरे में डूब जाता है। इस शहर को दुनिया का सबसे ठंडा शहर कहा जाता है। यहां साल के 365 दिनों में से 270 दिन यानी करीब 9 महीने तक बर्फ गिरती है। ठंड के समय यहां का न्यूनतम तापमान -61 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच जाता है।
इस शहर में हर तीसरे दिन लोगों को बर्फीले तूफानों का सामना करना पड़ता है। ये शहर राजधानी मॉस्को से करीब 2900 किमी की दूरी पर स्थित है। वहीं अार्कटिक वृत से इस शहर की दूरी 300 किमी है।
निकल, प्लेटिनम और पैलेडियम के भंडारों वाले इस शहर में रूस के सबसे अमीर लोग रहते हैं। इसे रूस का सबसे अमीर शहर भी कहा जाता है। बाकी देश से कटे रहने के कारण ये लोग देश के बाकी हिस्से को मेनलैंड कहते हैं। लेकिन यहां आधुनिक दौर की हर चीज मौजूद है।
यहां बड़े पैमाने पर माइनिंग और रिफाइनिंग का काम होता है, जिसके चलते इसे दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों में से एक माना जाता है। इस मामले पर नेशनल जियोग्राफिक का कहना है कि हवा में सल्फर डाइक्साइड की मात्रा यहां इतनी अधिक है कि करीब 30 किमी के दायरे की वनस्पति खत्म हो गई है।
याकूत्स्क शहर भी रूस में ही स्थित है। इसे भी दुनिया के सबसे ठंडे शहरों में से एक माना जाता है। सर्दियों में यहां का तापमान औसतन -40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है। अभी तक यहां सबसे कम तापमान -63 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है। यहां 3 लाख लोग रहते हैं। अधिक बर्फ गिरने के कारण यहां खेती करना बेहद मुश्किल काम है जिसके चलते लोग अधिकतर मछलियों पर ही निर्भर रहते हैं।
चीन-फिनलैंड
चीन और फिनलैंड में इस वक्त इतनी ठंड है कि वहां बर्फ के होटल बनाए जा रहे हैं। ऐसा ही कई होटल चीन के हैलर जिले में बने हैं। इन्हीं में से एक होटल है मंगोलिया ऑटोनॉमस रीजन। जहां होटल की दीवार, फर्श, कमरों के बेड और रेस्त्रां की टेबल और कुर्सियां भी बर्फ से बने हैं।
स्वीडन के दूरदराज गांव जॉकसजर्वी में एक बर्फ का होटल बनाया गया है। इस होटल को बनाने में 31 हजार टन बर्फ का इस्तेमाल हुआ है। यह होटल साल 1989 के बाद से हर साल बनता आ रहा है। इस होटल की शुरुआत 60 वर्गफुट में इग्लू (बर्फ का घर) बनने से हुई थी। आज ये होटल 59,200 वर्गफुट में फैला है।