फुटबॉल था पहला प्यार, फिर बने पत्रकार और आज हैं सीएम
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भाजपा सरकार में मणिपुर के नए मुख्यमंत्री चुने गए नोंगथोएमबम बीरेन सिंह का राजनीतिक सफर उनकी उपलब्धियों के हिसाब से बहुत लंबा नहीं रहा है। साल 2002 में राजनीति शुरू करने के बाद बीरेन सिंह इससे पहले मात्र तीन बार ही विधायक चुने गए, चौथी बार में तो वह मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंच गए।
खास बात ये है कि भाजपा की ओर से मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाए गए बीरेन सिंह पांच महीने पहले ही कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे। जानिए राजनीति में आने से पहले एन बीरेन सिंह क्या करते थे।
राजनीति से पहले पत्रकारिता करते थे बीरेन सिंह
-अपने जीवन के शुरूआती वर्षों में एन बीरेन सिंह एक पेशेवर फुटबालर हुआ करते थे। फुटबाल में वह राष्ट्रीय स्तर तक खेले हैं, हालांकि कोई बड़ा मुकाम
हासिल न करने के कारण उन्होंने जल्द ही फुटबाल को छोड़ दिया।
-जवानी के दिनों में बीरेन सिंह ने पत्रकारिता शुरू की और अपना अखबार भी निकाला। हालांकि यह काम ज्यादा दिन नहीं चल सका और अखबार में लगातार घाटा आता रहा जिसकी वजह से उन्हें अपनी पुश्तैनी जमीन भी बेचनी पड़ी।
-साल 2000 में बीरेन सिंह ने स्थानीय स्तर पर राजनीति की शुरुआत की और जल्द ही साल 2002 में डेमोक्रेटिक रेवोल्यूशनरी पीपुल्स पार्टी के टिकट पर हेगंग
सीट से विधायक चुने गए। बीरेन सिंह डीआरपीपी की ओर से चुने जाने वाले दो विधायकों में से एक थे जिन्होंने बाद में कांग्रेस को समर्थन दे दिया। इसके बाद 2003 में वह राज्य सरकार में मंत्री बनाए गए
-जल्द ही उनकी पार्टी का कांग्रेस में विलय हो गया और साल 2007 में वह कांग्रेस के टिकट पर एक बार फिर अपनी पुरानी सीट से विधायक चुने गए।
- एक बार फिर वह ओकराम इबोबी सरकार में मंत्री बनाए गए।
-साल 2012 में वह तीसरी बार विधानसभा के लिए चुने गए और फिर मंत्री बनाए गए। उन्हें मुख्यमंत्री ओकराम इबोबी का करीबी समझा जाता था।
-साल 2016 में उनका मुख्यमंत्री से मतभेद हो गया और उन्होंने कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया।
-मार्च 2017 में भाजपा ने गठबंधन सरकार बनाने का दावा किया तो बीरेन सिंह को सीएम पद के लिए अपना उम्मीदवार बनाया।