फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   kiren rijiju on supreme court collegium sysytem said its mindgame

Kiren Rijiju: 'कॉलेजियम मुद्दा बस एक माइंडगेम है', जानिए कानून मंत्री ने क्यों कही ये बात

Sun, 23 Apr 2023 10:08 AM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: नितिन गौतम Updated Sun, 23 Apr 2023 10:08 AM IST
सार

रिजिजू ने कहा कि 'जजों की नियुक्ति पर तब तक विवाद रहेगा, जब तक कॉलेजियम सिस्टम रहेगा। रिजिजू ने कहा कि जब से कॉलेजियम सिस्टम आया है, तब से हाईकोर्ट के तीन वरिष्ठ जज तय करते हैं कि हाईकोर्ट का अगला जज कौन होगा। 

विज्ञापन
kiren rijiju on supreme court collegium sysytem said its mindgame
केंद्रीय विधि मंत्री किरेन रिजिजू - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

केंद्रीय कानून मंत्री अक्सर सुप्रीम कोर्ट की कॉलेजियम व्यवस्था पर मुखर रहे हैं। अब अपने ताजा बयान में रिजिजू ने कहा कि कॉलेजियम मुद्दा बस एक माइंडगेम है और वह इस बारे में बात नहीं करेंगे। दरअसल किरेन रिजिजू से सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिशों के लंबित रहने को लेकर सवाल किया गया था, जिस पर किरेन रिजिजू ने उक्त जवाब दिया। अरुणाचल प्रदेश में 4जी सेवाओं वाले 254 मोबाइल टावरों के उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान किरेन रिजिजू ने ये बयान दिया। 

विज्ञापन


बता दें कि हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के जजों की नियुक्ति में केंद्र सरकार और सुप्रीम कोर्ट के बीच टकराव की कई खबरें आ चुकी हैं लेकिन पिछले कुछ समय में यह टकराव गहराया है। केंद्र सरकार जहां कॉलेजियम सिस्टम पर सवाल उठा रही है। केन्द्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने तो अपने एक बयान में कॉलेजियम व्यवस्था को संविधान से परे और एलियन भी बता दिया था। सरकार का कहना है कि नेशनल ज्यूडिशियल अप्वाइंटमेंट कमीशन के तहत न्यायपालिका में नियुक्तियां होनी चाहिए। वहीं सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम सिस्टम को बरकरार रखने के पक्ष में है और यही सरकार और सुप्रीम कोर्ट में टकराव की वजह बना हुआ है।
विज्ञापन


कॉलेजियम सिस्टम को लेकर देते रहते हैं बयान
एक न्यूज चैनल के कार्यक्रम के दौरान किरेन रिजिजू ने कहा कि 'जजों की नियुक्ति पर तब तक विवाद रहेगा, जब तक कॉलेजियम सिस्टम रहेगा। रिजिजू ने कहा कि जब से कॉलेजियम सिस्टम आया है, तब से हाईकोर्ट के तीन वरिष्ठ जज तय करते हैं कि हाईकोर्ट का अगला जज कौन होगा। वही नाम भेजते हैं। इसी तरह सुप्रीम कोर्ट में पांच वरिष्ठ जज नाम तय करते हैं और अपनी समझ के आधार पर तय करते हैं। जज उन्हीं का नाम भेजते हैं, जिन्हें वो जानते हैं।'
विज्ञापन
विज्ञापन


सीमावर्ती इलाकों में बुनियादी ढांचे का विकास जरूरी
अरुणाचल प्रदेश में मोबाइल टावर लगाए जाने को लेकर उन्होंने कहा कि सीमावर्ती इलाकों में आधारभूत निर्माण की कमी है और मुश्किल इलाकों में यह स्थानीय लोगों के लिए एक बड़ी समस्या है। रिजिजू ने कहा कि पहले सुरक्षा बल और सीमावर्ती क्षेत्र के लोग नेपाली कंपनी के मोबाइल सिम पर निर्भर थे लेकिन पीएम मोदी को इस बारे में सूचित करने के बाद हालात बदल गए हैं। बुनियादी ढांचे की कमी सीमावर्ती इलाकों में आबादी कम होने की प्रमुख वजह है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed