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खालिस्तान लिबरेशन फोर्स आतंकी संगठनों की सूची में शामिल, गृह मंत्रालय ने उठाया कदम
Thu, 27 Dec 2018 08:02 PM IST
अमित मंडल
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमित मंडल
Updated Thu, 27 Dec 2018 08:02 PM IST
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गृह मंत्रालय
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पंजाब में कई तरह की बड़ी अपराधिक गतिविधियों में शामिल खालिस्तान लिबरेशन फोर्स (केएलएफ) को अब गृह मंत्रालय ने प्रतिबंधित संगठनों की सूची में शामिल कर दिया है। इस सूची में अभी तक 39 आतंकी संगठनों का नाम है। गृह मंत्रालय ने वीरवार को 40 वें प्रतिबंधित संगठन के तौर पर केएलएफ का नाम इस सूची में जोड़ दिया है।
गृह मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया है कि केएलएफ 1986 के दौरान पंजाब में खालिस्तान की मांग लेकर अस्तित्व में आया था। इस संगठन का मकसद था कि किसी भी तरह की हिंसा से पंजाब को भारत से अलग करा लिया जाए।
बाद में केएलएफ का नाम अनेक बेगुनाह लोगों और पुलिस अफसरों की हत्या में सामने आया। इसके अलावा फिरौती, किडनेपिंग और बैंक डकैती के लिए इस संगठन ने अपने नेटवर्क को आगे बढ़ाने का काम किया। केएलएफ ने पंजाब के युवाओं को गुमराह कर उन्हें आतंक के रास्ते पर लाने का काम किया था।पुलिस ने अमृतसर में केएलएफ के चार आतंकियों को गिरफ़्तार कर एक बड़े मॉडयूल को तोड़ा था।
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पिछले साल सुरक्षा एजेंसियों ने इस सगंठन के कई सदस्यों को गिरफ़्तार कर उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया।केएलएफ ने आठ लोगों की हत्या कर एक बार फिर खड़ा होने का प्रयास किया। आईईडी और दूसरी तरह के बम बनाने में भी इस संगठन का हाथ रहा है।
केंद्र सरकार मानती है कि यह संगठन पूरी तरह से आतंकी गतिविधियों में शामिल है। यह देश के विभिन्न हिस्सों में अपनी पहुंच बढ़ा रहा है। सूची में शामिल अन्य आतंकी संगठनों में बब्बर खालसा इंटरनेशनल, खालिस्तान कमांडो फोर्स, खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स, लश्कर ए तैयबा, इंटरनेशनल सिख यूथ फेडरेशन, जैश ए मोहम्मद-तारिक ई फुरगन, अल उमर मुजाहिद्दीन, जम्मू कश्मीर इस्लामिक फ्रंट, 38 वें नंबर पर आईएसआईएस, 39 वें स्थान पर नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नागालैंड (के) और 40 वें नम्बर पर अब केएलएफ का नाम जोड़ा गया है।
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गृह मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया है कि केएलएफ 1986 के दौरान पंजाब में खालिस्तान की मांग लेकर अस्तित्व में आया था। इस संगठन का मकसद था कि किसी भी तरह की हिंसा से पंजाब को भारत से अलग करा लिया जाए।
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बाद में केएलएफ का नाम अनेक बेगुनाह लोगों और पुलिस अफसरों की हत्या में सामने आया। इसके अलावा फिरौती, किडनेपिंग और बैंक डकैती के लिए इस संगठन ने अपने नेटवर्क को आगे बढ़ाने का काम किया। केएलएफ ने पंजाब के युवाओं को गुमराह कर उन्हें आतंक के रास्ते पर लाने का काम किया था।पुलिस ने अमृतसर में केएलएफ के चार आतंकियों को गिरफ़्तार कर एक बड़े मॉडयूल को तोड़ा था।
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पिछले साल सुरक्षा एजेंसियों ने इस सगंठन के कई सदस्यों को गिरफ़्तार कर उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया।केएलएफ ने आठ लोगों की हत्या कर एक बार फिर खड़ा होने का प्रयास किया। आईईडी और दूसरी तरह के बम बनाने में भी इस संगठन का हाथ रहा है।
केंद्र सरकार मानती है कि यह संगठन पूरी तरह से आतंकी गतिविधियों में शामिल है। यह देश के विभिन्न हिस्सों में अपनी पहुंच बढ़ा रहा है। सूची में शामिल अन्य आतंकी संगठनों में बब्बर खालसा इंटरनेशनल, खालिस्तान कमांडो फोर्स, खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स, लश्कर ए तैयबा, इंटरनेशनल सिख यूथ फेडरेशन, जैश ए मोहम्मद-तारिक ई फुरगन, अल उमर मुजाहिद्दीन, जम्मू कश्मीर इस्लामिक फ्रंट, 38 वें नंबर पर आईएसआईएस, 39 वें स्थान पर नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नागालैंड (के) और 40 वें नम्बर पर अब केएलएफ का नाम जोड़ा गया है।