बड़ा संकट: यूक्रेन में डर के खौफ में जी रहे केरल के छात्र, बोले- कभी भी कट सकती है बिजली
डर के साए में जी रहे छात्रों ने बताया कि हमें अधिकारियों द्वारा विश्वविद्यालय के छात्रावास से जल्द से जल्द आवश्यक सामान लेकर बंकरों में जाने के लिए कहा गया था। हमारे पास केवल भोजन और पानी का सीमित भंडारण है। नेटवर्क की समस्या भी कभी भी शुरू हो सकती है।
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रूस और यूक्रेन में आखिरकार जंग शुरू हो गई है। यूक्रेन की हालत खराब होते देख वहां फंसे भारतीय छात्र जल्द से जल्द देश वापसी के लिए भारत सरकार से गुहार लगा रहे हैं। जंग के कारण यूक्रेन के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में पढ़ाई कर रहे केरल के कई विद्यार्थी फंस गए हैं। फ्लाइट रद्द होने के कारण छात्र वापस भी नहीं लौट पा रहे हैं। छात्रों की मानें तो उन्हें अपने आसपास बम के धमाके सुनाई दे रहे हैं। उनका कहना है कि यहां हालात बहुत खराब हैं। हमारे पास सीमित मात्रा में भोजन और पानी है। हमें कहीं बंकरों में रखा गया है। नेटवर्क की समस्या भी कभी भी शुरू हो सकती है। ऐसे में हम अपने घरों से संपर्क कैसे करेंगे।
डर के साए में जी रही छात्रा अरुंधती ने कहा कि हमें अधिकारियों द्वारा विश्वविद्यालय के छात्रावास से जल्द से जल्द आवश्यक सामान लेकर बंकरों में जाने के लिए कहा गया था। हमारे पास केवल भोजन और पानी का सीमित भंडारण है। नेटवर्क की समस्या भी कभी भी शुरू हो सकती है।
केरल की रहने वाली 20 साल की एक मेडिकल की छात्रा ने बताया कि सुबह से ही विस्फोट और धमाकों की आवाजें आ रही हैं। मध्य यूक्रेन में स्थित एक विश्वविद्यालय में पढ़ने वाली एक अन्य छात्रा अशरा ने बताया कि वह और अन्य भारतीय छात्र बहुत परेशान हैं। यहां कोई स्पष्ट मार्गदर्शन नहीं है कि उन्हें क्या करना चाहिए और कहां रहना चाहिए।
उसने बताया, 'हमारे परिसर में अकेले केरल के ही 200-300 छात्र हैं। हमें क्या करना है, इस बारे में एंबेसी से भी कोई स्पष्ट मार्गदर्शन नहीं मिल रहा है। शुरू में, हमें बंकर में जाने के लिए कहा गया... जब हम अपना बैग पैक करके वहां पहुंचे, तो हमारे विश्वविद्यालय हेड ने हमसे छात्रावास के कमरे में वापस जाने के लिए कहा। यहां बहुत जोखिम है।' अशरा ने आगे बताया कि हालांकि अभी तक उनके क्षेत्र में कोई हमला नहीं हुआ है.
केरल से जाकर यूक्रेन में एमबीबीएस की पढ़ाई करने वाले स्वालिका और अमेया ने बताया कि यहां पानी और बिजली की आपूर्ति कभी भी बंद हो सकती है। यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्र बहुत परेशानियों का सामना कर रहे हैं। उनकी सबसे बड़ी चिंता इस बात की है कि बिजली नहीं होने पर वे अपने मोबाइल फोन नहीं चार्ज कर पाएंगे। परेशान छात्रों ने कहा कि हम नहीं जानते कि मोबाइल फोन के चार्ज नहीं होने पर हम केरल में अपने परिवारों से कैसे संपर्क कर सकते हैं। हम एटीएम और बैंकों से पैसे नहीं निकाल पा रहे हैं। हमारे पास खाने का सामान भी बहुत सीमित मात्रा में बचा है।
यूक्रेन में 24 फरवरी को रूस के हमले के बाद से ही हालात बेहद खराब हैं। यूक्रेन में एक निजी फर्म में काम करने वाले श्रीकेश ने बताया कि जिस स्थान पर वह रह रहे थे, वहां की सड़कों पर स्ट्रीट लाइट बंद कर दी गई है और अपार्टमेंट और घरों में लाइट बंद करने का निर्देश दिया गया है।
गौरतलब है कि यूक्रेन के खिलाफ रूसी हमले के बाद गुरुवार को विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने वहां फंसे लोगों से कीव में भारतीय दूतावास के निर्देशों का पालन करने की अपील की । उन्होंने कहा कि भारत पूर्वी यूरोपीय देश में फंसे भारतीयों को सुरक्षित निकालने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था कर रहा है. केंद्र सरकार वहां फंसे छात्रों सहित 18,000 से अधिक भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी।
दरअसल, रूस के हमले के बाद अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया है. जिसके कारण भारतीयों को स्वदेश लाने के लिए यूक्रेन के लिए उड़ान भरने वाला एयर इंडिया का एक विमान दिल्ली के लिए वापस लौट आया था। करीब 20 हजार भारतीय अब भी यूक्रेन में फंसे हैं। वह स्वदेश लौटने का इंतजार कर रहे हैं।