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AI APP: भारतवंशी छात्रा ने बनाया एआई एप, आंख की बीमारियों का लगाएगा पता
Thu, 30 Mar 2023 08:38 AM IST
वीरेंद्र शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: वीरेंद्र शर्मा
Updated Thu, 30 Mar 2023 08:38 AM IST
सार
लीना लिंक्डइन पर ‘ओलगर आई स्कैन’ नामक एप की जानकारी साझा की। लीना का दावा है कि उसके एप का उपयोग आंखों की बीमारियों जैसे मेलानोमा, पार्टिगियम और मोतियाबिंद आदि का पता लगाने के लिए किया जा सकता है।
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विस्तार
दुबई में एक 11 वर्षीय भारतवंशी छात्रा ने एआई-आधारित (कृत्रिम बुद्धिमता) एक एप तैयार किया है। जिसमें स्कैनिंग के माध्यम से आंखों की बीमारियों पता लगाया जा सकता है। मूलरूप से केरल की रहने वाली लीना रफीक को इसे बनाने में छह महीने का समय लगा।
लीना लिंक्डइन पर ‘ओलगर आई स्कैन’ नामक एप की जानकारी साझा की। लीना का दावा है कि उसके एप का उपयोग आंखों की बीमारियों जैसे मेलानोमा, पार्टिगियम और मोतियाबिंद आदि का पता लगाने के लिए किया जा सकता है। लीना ने कहा कि उसने 10 साल की उम्र में ‘ओलगर आई स्कैन’ नाम के इस एप पर काम करना शुरू कर दिया था। इसके बाद उन्होंने कंप्यूटर विजन, एल्गोरिदम, मशीन लर्निंग मॉडल, आंखों की स्थिति और एपल आईओएस के एडवांस लेवल एप डेवलपमेंट पर काम किया है। उन्होंने कहा कि ‘ओलगर आई स्कैन’ केवल आईफोन 10 और इसके बाद के संस्करण आईओएस 16+ में सपोर्ट करता है। लीना ने कहा िक मुझे उम्मीद है कि इसे जल्द ही सूचीबद्ध कर लिया जाएगा। इसके बाद वह आगे काम करेगी।
छोटी बहन को भी हासिल है महारत
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, लीना की बहन हना रफीक (9) ने भी आईओएस प्लेटफॉर्म के लिए एक एप बनाया था। एपल के सीईओ टिम कुक ने भी हना के काम की सराहना की थी।
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लीना लिंक्डइन पर ‘ओलगर आई स्कैन’ नामक एप की जानकारी साझा की। लीना का दावा है कि उसके एप का उपयोग आंखों की बीमारियों जैसे मेलानोमा, पार्टिगियम और मोतियाबिंद आदि का पता लगाने के लिए किया जा सकता है। लीना ने कहा कि उसने 10 साल की उम्र में ‘ओलगर आई स्कैन’ नाम के इस एप पर काम करना शुरू कर दिया था। इसके बाद उन्होंने कंप्यूटर विजन, एल्गोरिदम, मशीन लर्निंग मॉडल, आंखों की स्थिति और एपल आईओएस के एडवांस लेवल एप डेवलपमेंट पर काम किया है। उन्होंने कहा कि ‘ओलगर आई स्कैन’ केवल आईफोन 10 और इसके बाद के संस्करण आईओएस 16+ में सपोर्ट करता है। लीना ने कहा िक मुझे उम्मीद है कि इसे जल्द ही सूचीबद्ध कर लिया जाएगा। इसके बाद वह आगे काम करेगी।
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छोटी बहन को भी हासिल है महारत
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, लीना की बहन हना रफीक (9) ने भी आईओएस प्लेटफॉर्म के लिए एक एप बनाया था। एपल के सीईओ टिम कुक ने भी हना के काम की सराहना की थी।
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