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Kerala: केरल में त्योहारों से पहले मुख्यमंत्री विजयन ने गैस की कमी पर जताई चिंता, पीएम मोदी से की ये बड़ी मांग
Mon, 16 Mar 2026 09:19 PM IST
Himanshu Singh Chandel
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
Published by: Himanshu Singh Chandel
Updated Mon, 16 Mar 2026 09:19 PM IST
सार
केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर राज्य के परिवारों को दो महीने के लिए एक अतिरिक्त एलपीजी सिलेंडर देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि रमजान, ईस्टर और विषु जैसे बड़े त्योहार एक साथ आने से गैस की मांग बढ़ेगी।
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केरल के सीएम ने पीएम मोदी को लिखा पत्र
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में कहा कि राज्य में दो महीने के लिए अतिरिक्त सिलेंडर की अस्थायी व्यवस्था की जाए ताकि त्योहारों के दौरान लोगों को परेशानी न हो। उन्होंने पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय से भी अनुरोध किया है कि इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन को निर्देश दिए जाएं कि वे केरल के उपभोक्ताओं को यह अतिरिक्त सिलेंडर उपलब्ध कराएं।
रमजान के दौरान क्यों बढ़ जाती है गैस की मांग?
मुख्यमंत्री ने पत्र में कहा कि रमजान के महीने में मुस्लिम परिवारों में रोजाना दो बार खाना पकाया जाता है। सुबह सहरी और शाम इफ्तार के लिए अलग-अलग भोजन तैयार किया जाता है। इसके अलावा ईद से जुड़ी विशेष पकवान भी बनाए जाते हैं। इस कारण रमजान के दौरान एलपीजी की खपत सामान्य दिनों के मुकाबले काफी बढ़ जाती है।
ये भी पढ़ें- क्या है भारत के एलपीजी संकट का स्वदेशी हल?: 2020 से अटकी योजना बन सकती है संजीवनी, जानें कैसे और कितने
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केरल में एलपीजी पर इतनी निर्भरता क्यों है?
पिनराई विजयन ने बताया कि केरल उन राज्यों में शामिल है जहां एलपीजी पर निर्भरता बहुत अधिक है। राज्य के 95 प्रतिशत से ज्यादा घरों में खाना बनाने के लिए एलपीजी का इस्तेमाल होता है। उन्होंने कहा कि राज्य में करीब 26.5 प्रतिशत आबादी मुस्लिम समुदाय की है और लगभग 25 लाख मुस्लिम परिवार घरेलू गैस कनेक्शन का उपयोग करते हैं। इनमें से कई परिवार प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत भी गैस का उपयोग कर रहे हैं।
पश्चिम एशिया के तनाव का क्या असर पड़ा?
मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल के दिनों में पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण एलपीजी आयात और टैंकरों की आवाजाही प्रभावित हुई है। इससे पूरे देश में गैस की आपूर्ति पर दबाव पड़ा है। इसके कारण कई जगह एलपीजी रीफिल मिलने में देरी भी हो रही है। उन्होंने कहा कि इसी वजह से राज्य में गैस की मांग और आपूर्ति के बीच अंतर बढ़ गया है।
राज्य सरकार ने क्या कदम उठाए हैं?
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने स्थिति को संभालने के लिए कई प्रशासनिक कदम उठाए हैं। घरेलू गैस सिलेंडरों की अवैध बिक्री रोकने के लिए निगरानी बढ़ाई गई है। गैस स्टॉक और वितरण की लगातार निगरानी की जा रही है। इसके साथ ही अस्पतालों और जरूरी संस्थानों को गैस आपूर्ति में प्राथमिकता दी जा रही है। हालांकि मुख्यमंत्री ने कहा कि मौजूदा स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार की अतिरिक्त मदद जरूरी है।
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रमजान के दौरान क्यों बढ़ जाती है गैस की मांग?
मुख्यमंत्री ने पत्र में कहा कि रमजान के महीने में मुस्लिम परिवारों में रोजाना दो बार खाना पकाया जाता है। सुबह सहरी और शाम इफ्तार के लिए अलग-अलग भोजन तैयार किया जाता है। इसके अलावा ईद से जुड़ी विशेष पकवान भी बनाए जाते हैं। इस कारण रमजान के दौरान एलपीजी की खपत सामान्य दिनों के मुकाबले काफी बढ़ जाती है।
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केरल में एलपीजी पर इतनी निर्भरता क्यों है?
पिनराई विजयन ने बताया कि केरल उन राज्यों में शामिल है जहां एलपीजी पर निर्भरता बहुत अधिक है। राज्य के 95 प्रतिशत से ज्यादा घरों में खाना बनाने के लिए एलपीजी का इस्तेमाल होता है। उन्होंने कहा कि राज्य में करीब 26.5 प्रतिशत आबादी मुस्लिम समुदाय की है और लगभग 25 लाख मुस्लिम परिवार घरेलू गैस कनेक्शन का उपयोग करते हैं। इनमें से कई परिवार प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत भी गैस का उपयोग कर रहे हैं।
पश्चिम एशिया के तनाव का क्या असर पड़ा?
मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल के दिनों में पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण एलपीजी आयात और टैंकरों की आवाजाही प्रभावित हुई है। इससे पूरे देश में गैस की आपूर्ति पर दबाव पड़ा है। इसके कारण कई जगह एलपीजी रीफिल मिलने में देरी भी हो रही है। उन्होंने कहा कि इसी वजह से राज्य में गैस की मांग और आपूर्ति के बीच अंतर बढ़ गया है।
राज्य सरकार ने क्या कदम उठाए हैं?
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने स्थिति को संभालने के लिए कई प्रशासनिक कदम उठाए हैं। घरेलू गैस सिलेंडरों की अवैध बिक्री रोकने के लिए निगरानी बढ़ाई गई है। गैस स्टॉक और वितरण की लगातार निगरानी की जा रही है। इसके साथ ही अस्पतालों और जरूरी संस्थानों को गैस आपूर्ति में प्राथमिकता दी जा रही है। हालांकि मुख्यमंत्री ने कहा कि मौजूदा स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार की अतिरिक्त मदद जरूरी है।
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