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Kerala High Court: सबरीमाला में भीड़ पर केरल हाईकोर्ट ने जताई चिंता, कहा- प्रबंधन बेहतर करे मंदिर प्रशासन
Sun, 11 Dec 2022 09:12 PM IST
Jeet Kumar
पीटीआई, कोच्चि
पीटीआई, कोच्चि
Published by: Jeet Kumar
Updated Sun, 11 Dec 2022 09:12 PM IST
सार
केरल हाईकोर्ट में सबरीमाला मंदिर को लेकर आयोजित अपनी विशेष बैठक में बताया गया कि विशेष रूप से शनिवार को ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से एक लाख के करीब बुकिंग की गई और लगभग 90,000 श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे। साथ ही अदालत को बताया गया कि भीड़ प्रबंधन में दिक्कतों के कारण ड्यूटी पर तैनात कुछ पुलिसकर्मियों को मामूली चोटें आईं।
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- फोटो : PTI
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विस्तार
सबरीमाला मंदिर में भीड़ प्रबंधन हमेशा से एक चुनौती रहा है। वर्तमान में सबरीमाला में प्रसिद्ध भगवान अयप्पा मंदिर के लिए तीर्थयात्रा चल रही है। इस कारण श्रद्धालुओं की संख्या में काफी ज्यादा वृद्धि होने से सड़कों पर भी दबाव बढ़ गया है। इसको लेकर केरल उच्च न्यायालय ने रविवार को पुलिस और मंदिर के अधिकारियों को भीड़ प्रबंधन करने के आदेश जारी किए हैं। साथ ही यातायात को नियंत्रित करने के लिए भी कहा है ताकि तीर्थयात्रियों के लिए दर्शन करने में परेशानी न हो।
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कोरोना के बाद से करीब दो साल तक कोविड-19 प्रतिबंधों के कारण बंद रही, राज्य के पठानमथिट्टा जिले के सबरीमाला में 17 नवंबर से दो महीने लंबी मंडला-मकरविलक्कु तीर्थयात्रा इस वर्ष शुरू कर दी गई है, जिसमें काफी संख्या में भक्त आ रहे हैं। इस बीच भीड़ से जुड़े और यातायात नियंत्रण के मुद्दे भी सामने आए हैं।
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उच्च न्यायालय में सबरीमाला मंदिर को लेकर आयोजित अपनी विशेष बैठक में बताया गया कि विशेष रूप से शनिवार को ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से एक लाख के करीब बुकिंग की गई और लगभग 90,000 श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे। साथ ही अदालत को बताया गया कि भीड़ प्रबंधन में दिक्कतों के कारण ड्यूटी पर तैनात कुछ पुलिसकर्मियों को मामूली चोटें आईं।
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पिछले दिन सोमवार को ऑनलाइन बुकिंग एक लाख से ऊपर थी। वहीं जस्टिस अनिल के नरेंद्रन और पीजी अजितकुमार की पीठ ने एक विशेष बैठक की और जिला कलेक्टर और पठानमथिट्टा के जिला पुलिस प्रमुख को मामलों पर नजर रखने का निर्देश दिया साथ ही भीड़ प्रबंधन योजना पर कहा कि लोगों की संख्या प्रतिदिन 75,000 से अधिक न हो। वहीं पीठ ने कहा कि यह योजना ऑनलाइन बुकिंग के अनुसार और त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (टीडीबी) और विशेष आयुक्त, सबरीमाला के परामर्श से विकसित की जाएगी।
साथ ही पीठ ने कहा कि सबरीमाला अयप्पा मंदिर का गर्भगृह दिन में 18 घंटे खुला रहता है, क्या यह अतिरिक्त 30 मिनट के लिए खुला रह सकता है या एक घंटे के लिए टीडीबी को सबरीमाला के पुजारियों से इसको लेकर परामर्श लेना चाहिए। सबरीमाला जाने वाले मार्गों पर वाहनों के आवागमन के प्रबंधन पर अदालत ने जिला पुलिस प्रमुख को मोटरसाइकिलों की प्रबंधन की व्यवस्था करने का निर्देश दिया। तीर्थयात्रा के दौरान वाहनों की आवाजाही काफी लंबी अवधि के लिए अवरुद्ध हो जाती है।
त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (टीडीबी) ऐसे वाहनों में तीर्थयात्रियों को 'चुक्कुवेलम' (पानी) और बिस्कुट प्रदान करने के लिए आवश्यक व्यवस्था करेगा। इसने आगे निर्देश दिया कि जब पठानमथिट्टा में निलक्कल में पार्किंग की अधिकतम क्षमता तक पहुंच जाए, तो वाहनों के प्रवेश को पुलिस द्वारा उचित रूप से नियंत्रित किया जाना चाहिए। टीडीबी को यह भी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया कि पार्किंग ठेकेदार वाहनों की उचित पार्किंग सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त कर्मचारियों को नियुक्त करे।