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Energy Crisis: 'ईरान-भारत पाइपलाइन से पीछे हटना थी ऐतिहासिक भूल', केरल के सीएम ने बताई ऊर्जा संकट की वजह
Sat, 21 Mar 2026 02:54 PM IST
राकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
Published by: राकेश कुमार
Updated Sat, 21 Mar 2026 02:54 PM IST
सार
सीएम विजयन ने कहा कि वर्ष 2006 में भारत ने प्रस्तावित भारत-ईरान गैस पाइपलाइन परियोजना से अपने हाथ खींच लिए थे। यह एक ऐतिहासिक गलती थी। उन्होंने सीधा आरोप लगाया कि मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली तत्कालीन यूपीए सरकार ने अमेरिका के दबाव में आकर यह कदम उठाया था।
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पिनाराई विजयन, केरल के मुख्यमंत्री
- फोटो : ANI
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विस्तार
Pinarayi Vijayan On India Energy Crisis: केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने देश में गहराते ऊर्जा संकट के लिए केंद्र सरकार की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया है। विजयन ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और भाजपा के नेतृत्व वाली सरकारों ने अमेरिकी प्रभाव में आकर ऐसे फैसले लिए, जिससे देश की ऊर्जा सुरक्षा आज अधर में लटक गई है।
विजयन ने किया 'ऐतिहासिक गलती' का जिक्र
सीएम विजयन ने कहा कि वर्ष 2006 में भारत ने प्रस्तावित भारत-ईरान गैस पाइपलाइन परियोजना से अपने हाथ खींच लिए थे। यह एक ऐतिहासिक गलती थी। उन्होंने सीधा-सीधा आरोप लगाया कि मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली तत्कालीन यूपीए सरकार ने अमेरिका के दबाव में आकर यह कदम उठाया था। अगर यह प्रोजेक्ट समय पर पूरा होता, तो आज देश की ऊर्जा जरूरतें सस्ती और सुलभ होतीं।
मणिशंकर अय्यर को लेकर विजयन ने क्या कहा?
विजयन ने तत्कालीन केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री मणिशंकर अय्यर को हटाए जाने के मामले को भी दोबारा हवा दी। उन्होंने दावा किया कि अय्यर को सिर्फ इसलिए हटाया गया क्योंकि वे पाइपलाइन परियोजना के प्रबल समर्थक थे। उनकी जगह मुरली देवड़ा को लाया जाना इस बात का संकेत था कि सरकार की प्राथमिकताएं 'देश हित' से हटकर 'कॉर्पोरेट हितों' की ओर झुक गई थीं।
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यह भी पढ़ें: पश्चिम एशिया: सरकार की चुप्पी पर कांग्रेस का तंज, जयराम रमेश ने मोदी सरकार से पूछे कड़े सवाल
वर्तमान सरकार पर विजयन ने साधा भी निशाना
मुख्यमंत्री ने वर्तमान मोदी सरकार को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि आज भी नीतियां कुछ खास निजी ऊर्जा कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए बनाई जा रही हैं। रूस से कच्चे तेल की खरीद के मामले में भी उन्होंने केंद्र के रुख को ढुलमुल बताया। उन्होंने कहा कि भारत बाहरी दबावों के आगे घुटने टेक रहा है।
विजयन के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार पर अत्यधिक निर्भरता के कारण आज देश का आम आदमी और उद्योग जगत बर्बादी की कगार पर हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र ने भविष्य की चुनौतियों को देखते हुए न तो पर्याप्त 'स्ट्रेटेजिक रिजर्व' बनाए और न ही घरेलू उत्पादन बढ़ाने पर कोई गंभीर काम किया। अब सरकार को सतर्क होने की जरूरत है।
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विजयन ने किया 'ऐतिहासिक गलती' का जिक्र
सीएम विजयन ने कहा कि वर्ष 2006 में भारत ने प्रस्तावित भारत-ईरान गैस पाइपलाइन परियोजना से अपने हाथ खींच लिए थे। यह एक ऐतिहासिक गलती थी। उन्होंने सीधा-सीधा आरोप लगाया कि मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली तत्कालीन यूपीए सरकार ने अमेरिका के दबाव में आकर यह कदम उठाया था। अगर यह प्रोजेक्ट समय पर पूरा होता, तो आज देश की ऊर्जा जरूरतें सस्ती और सुलभ होतीं।
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मणिशंकर अय्यर को लेकर विजयन ने क्या कहा?
विजयन ने तत्कालीन केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री मणिशंकर अय्यर को हटाए जाने के मामले को भी दोबारा हवा दी। उन्होंने दावा किया कि अय्यर को सिर्फ इसलिए हटाया गया क्योंकि वे पाइपलाइन परियोजना के प्रबल समर्थक थे। उनकी जगह मुरली देवड़ा को लाया जाना इस बात का संकेत था कि सरकार की प्राथमिकताएं 'देश हित' से हटकर 'कॉर्पोरेट हितों' की ओर झुक गई थीं।
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वर्तमान सरकार पर विजयन ने साधा भी निशाना
मुख्यमंत्री ने वर्तमान मोदी सरकार को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि आज भी नीतियां कुछ खास निजी ऊर्जा कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए बनाई जा रही हैं। रूस से कच्चे तेल की खरीद के मामले में भी उन्होंने केंद्र के रुख को ढुलमुल बताया। उन्होंने कहा कि भारत बाहरी दबावों के आगे घुटने टेक रहा है।
विजयन के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार पर अत्यधिक निर्भरता के कारण आज देश का आम आदमी और उद्योग जगत बर्बादी की कगार पर हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र ने भविष्य की चुनौतियों को देखते हुए न तो पर्याप्त 'स्ट्रेटेजिक रिजर्व' बनाए और न ही घरेलू उत्पादन बढ़ाने पर कोई गंभीर काम किया। अब सरकार को सतर्क होने की जरूरत है।
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