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केरल: कोडकारा काला धन मामले में 20 लोग गिरफ्तार, शामिल भाजपा नेताओं से भी पूछताछ
Tue, 08 Jun 2021 02:42 AM IST
Kuldeep Singh
एजेंसी, तिरुवनंतपुरम
एजेंसी, तिरुवनंतपुरम
Published by: Kuldeep Singh
Updated Tue, 08 Jun 2021 02:42 AM IST
सार
- पिनाराई ने सदन को बताया, ‘कोडकारा मामले की जांच के हिस्से के रूप में 96 गवाहों के बयान दर्ज किए गए थे। 20 आरोपियों को गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई की गई है।
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पिनराई विजयन
- फोटो : Facebook
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विस्तार
केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने सोमवार को केरल विधानसभा को सूचित किया कि कोडकारा काला धन मामले में 20 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें भारतीय जनता पार्टी के कई नेता भी शामिल हैं। विशेष जांच दल ने भाजपा नेताओं से भी पूछताछ की है।
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मुख्यमंत्री इस मसले पर कांग्रेस विधायक शफी परम्बिल द्वारा स्थगन नोटिस का सदन में जवाब दे रहे थे। पिनाराई ने सदन को बताया, ‘कोडकारा मामले की जांच के हिस्से के रूप में 96 गवाहों के बयान दर्ज किए गए थे। 20 आरोपियों को गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई की गई है। लूटे गए 3.5 करोड़ रुपये में से 1.12 करोड़ रुपये का इस्तेमाल 347 ग्राम सोने के आभूषण, मोबाइल फोन और घड़ियां खरीदने में किया गया। इन सामानों को पुलिस ने जब्त कर लिया है। जांच जारी है ।’
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मामले का विवरण देते हुए, विजयन ने कहा कि एक शमजीर की शिकायत के आधार पर शुरू में धारा 395 भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के तहत मामला दर्ज किया गया था कि त्रिशूर कोडकारा बाईपास पर लोगों के एक समूह द्वारा 25 लाख रुपये और उसकी कार चोरी की गई थी। 3 अप्रैल को शिकायतकर्ता शमजीर और कोझीकोड के मूल निवासी धर्मराजन, जिन्होंने पैसे भेजे थे, से विस्तार से पूछताछ की गई। पूछताछ में पता चला कि चोरी की कार में साढ़े तीन करोड़ रुपये थे।
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इसके आधार पर मामले में आईपीसी की धारा 412, 212 और 120 (बी) जोड़ी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाद में राज्य पुलिस प्रमुख के 5 मई के आदेश के अनुसार मामले की जांच के लिए त्रिशूर रेंज के डीआईजी और एर्नाकुलम क्राइम ब्रांच एसपी की देखरेख में एक विशेष जांच दल का गठन किया गया था।
केरल के मुख्यमंत्री ने कहा, ‘पलक्कड़ के पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है और जांच अच्छी तरह से आगे बढ़ रही है। प्रवर्तन निदेशालय ने कोचीन जोनल ऑफिस से एक पत्र जारी कर जांच से संबंधित जानकारी मांगी है। जांच अधिकारी द्वारा 1 जून को प्रवर्तन निदेशालय को आवश्यक जानकारी प्रदान की गई है ।