कश्मीर मुद्दे पर चीन ले सबक... एससीओ के लिए पाक को भी बुलाएंगे: विदेश मंत्रालय
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कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान को एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर शिकस्त का सामना करना पड़ा। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में कश्मीर मुद्दा उठाने को लेकर समर्थन पाने की पाकिस्तान की कोशिश बुधवार को फिर नाकाम हो गई। चीन ने इस मुद्दे को यूएन की बंद कमरे की बैठक में उठाया लेकिन उसे असफलता ही मिली। इसे लेकर आज विदेश मंत्रालय ने चीन को नसीहत भी दी। प्रेस ब्रीफिंग के दौरान विदेश मंत्रालय ने ये भी स्पष्ट किया है कि इस साल भारत में होने जा रहे शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की बैठक के लिए पाकिस्तान को भी निमंत्रण भेजा जाएगा।
चीन की कोशिश नाकाम
पिछली बार मात खाने के बावजूद पाकिस्तान ने चीन के जरिए बुधवार को फिर से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में कश्मीर मुद्दा उठाने की कोशिश की थी। चीन अन्य विषयों के अंतर्गत सुरक्षा परिषद के बंद कमरे में कश्मीर पर चर्चा चाहता था। लेकिन फ्रांस ने कश्मीर को भारत और पाकिस्तान का द्विपक्षीय मुद्दा बताते हुए इस पर चर्चा का विरोध किया था। चीन को छोड़ बाकी देशों ने भी एक सुर में कहा कि कश्मीर भारत-पाक का द्विपक्षीय मुद्दा है।
वहीं चीन के रुख को लेकर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने गुरुवार को कहा कि पाक द्वारा यूएनएससी सदस्य के रूप में मंच का दुरुपयोग करने का प्रयास किया गया। सुरक्षा परिषद का बहुमत के साथ विचार है कि इस तरह के मुद्दों के लिए यह सही मंच नहीं है और इस पर द्विपक्षीय रूप से चर्चा की जानी चाहिए।
कश्मीर पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के फैसले पर विदेश मंत्रालय ने चीन को नसीहत देते हुए कहा कि वैश्विक आम-सहमति के बारे में गंभीरता से सोचना चाहिए और भविष्य में इस तरह की कार्रवाई से बचना चाहिए। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि बंद दरवाजे में की गई अनौपचारिक बैठक बिना किसी नतीजे के खत्म हो गई। पाकिस्तान का आरोप निराधार था और वर्तमान परिदृश्यों को देखते हुए इसमें विश्वसनीयता का भी अभाव था।
रवीश कुमार ने कहा कि हम आशा करते हैं कि यह संदेश उन तक गया होगा और पाक को स्पष्ट हो गया होगा कि अगर भारत और पाक के बीच कोई बात है जिस पर चर्चा करने की आवश्यकता है, तो वह द्विपक्षीय रूप से किया जाना चाहिए। पाक के पास भविष्य में इस तरह की हरकतों से बचकर, वैश्विक शर्मिंदगी से बचने का विकल्प है।
Raveesh Kumar, MEA: We hope the message has gone loud & clear to Pak that if at all there's any matter between India & Pak that needs to be discussed, it should be done bilaterally. Pak has a choice to avoid this global embarrassment by refraining from such acts in future.
— ANI (@ANI) January 16, 2020
भारत एससीओ बैठक के लिए पाकिस्तान को भी करेगा आमंत्रित
इस साल भारत में होने जा रहे शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की बैठक के लिए पाकिस्तान को भी निमंत्रण भेजा जाएगा। विदेश मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक एससीओ के प्रोटोकॉल को ध्यान में रखते हुए भारत की तरफ से पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को बैठक में शामिल होने का औपचारिक बुलावा भेजा जाएगा। अब ये पाकिस्तान को तय करना है कि वह इसमें हिस्सा लेगा या नहीं। भारत पहली बार एससीओ की बैठक की मेजबानी कर रहा है।विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि यह सबको पता है कि भारत इस साल के अंत में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) परिषद के प्रमुखों की बैठक की मेजबानी करेगा। यह बैठक प्रधानमंत्री स्तर पर प्रतिवर्ष आयोजित की जाती है और इसमें एससीओ के कार्यक्रम और बहुपक्षीय आर्थिक और व्यापार सहयोग पर चर्चा की जाती है।
उन्होंने कहा कि बैठक के लिए एससीओ के सभी आठ सदस्य देशों के साथ-साथ एससीओ के भीतर स्थापित अभ्यास और प्रक्रिया के अनुसार चार पर्यवेक्षक राज्यों और अन्य अंतर्राष्ट्रीय संवाद भागीदारों को भाग लेने के लिए आमंत्रित किया जाएगा।
Raveesh Kumar, MEA: As per the established practice & procedure within SCO all 8 members of SCO, as well as 4 observer states & other international dialogue partners will be invited to attend the meeting. https://t.co/28MY5TVOzW
— ANI (@ANI) January 16, 2020
राष्ट्रपति ट्रंप के भारत आने पर विदेश मंत्रालय ने दिया यह जवाब
रवीश कुमार ने अमेरिका के राष्ट्रपति के भारत दौरे पर कहा कि महीनों से इस पर कयास लगाए जा रहे हैं। जब पीएम मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप से मिले थे, तो उन्होंने उन्हें भारत आने के लिए आमंत्रित किया था। दोनों देश इस बारे में संपर्क में हैं। जब भी हमें ठोस जानकारी मिलेगी हम आपके साथ साझा करेंगे।
MEA on speculations over US President's visit to India: Speculations have been made on this since months...When PM Modi met US President Trump, he had invited him to India...Both the countries are in contact over this. We will share with you as & when we get concrete information. pic.twitter.com/4UK3yW4IAr
— ANI (@ANI) January 16, 2020