गैस सब्सिडी छोड़ने में काशी पीछे, इलाहाबाद सबसे आगे
- जुलाई 2015 तक गैस सब्सिडी छोड़ने वालों में वाराणसी पहले स्थान पर था।
- इंडियन ऑयल कारपोरेशन के इलाहाबाद परिक्षेत्र के 12 जिलों में 67773 लोगों ने स्वेच्छा से गैस सब्सिडी छोड़ी।
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गैस सब्सिडी छोड़ने में काशी पिछड़ गया तो इलाहाबाद आगे है। इलाहाबाद जोन के 12 जिले के आंकड़े यही बताते हैं। इलाहाबाद में 22 हजार से ज्यादा उपभोक्ताओं ने गैस सब्सिडी छोड़ी।
इंडियन ऑयल कारपोरेशन के इलाहाबाद परिक्षेत्र के 12 जिलों में 67773 लोगों ने स्वेच्छा से गैस सब्सिडी छोड़ी। इस परिक्षेत्र में इलाहाबाद के साथ चित्रकूट, बांदा, कौशाम्बी, चंदौली, गाजीपुर, जौनपुर, संत रविदासनगर, मिर्जापुर, सोनभद्र, प्रतापगढ़, वाराणसी जिले शामिल हैं।
जुलाई 2015 तक गैस सब्सिडी छोड़ने वालों में वाराणसी पहले स्थान पर था। तब गैस सब्सिडी छोड़ने वाले कुल 8992 उपभोक्ताओं में से सर्वाधिक 5025 उपभोक्ता वाराणसी के थे। लेकिन इसके बाद संगम नगरी में गैस सब्सिडी छोड़ने वाले लोगों के ग्राफ ने तेजी पकड़ी।
तब यहां 2124 लोगों ने ही गैस सब्सिडी छोड़ी जो अब बढ़कर 22598 हो गई है। दस जिलों में चित्रकूट अब भी काफी पीछे चल रहा है। यहां मात्र 131 उपभोक्ताओं ने ही गैस सब्सिडी छोड़ी है।
‘ इलाहाबाद परिक्षेत्र में गैस सब्सिडी स्वेच्छा से छोड़ने वालों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। परिक्षेत्र के 12 जिलों में 67 हजार से ज्यादा उपभोक्ता गैस सब्सिडी छोड़ चुके हैं। ’
-टीडी साबू , मुख्य संभागीय प्रबंधक आईओसी
देश में 940 करोड़ की बचत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर देश भर में अब तक 57 लाख उपभोक्ताओं ने स्वेच्छा से गैस सब्सिडी छोड़ी है। इससे करीब 940 करोड़ की बचत हुई है। अब नए वित्तीय वर्ष से दस लाख से अधिक वार्षिक आमदनी वालों को गैस सब्सिडी बंद करने का सरकार ने फैसला लिया है। पिछले वित्तीय वर्ष के आयकर रिटर्न के मुताबिक दस लाख से अधिक वार्षिक आमदनी वालों की तादाद 20 लाख 26 हजार है।
बरतें सावधानी
गैस सब्सिडी की बुकिंग के दौरान उपभोक्ताओं को खास सावधानी बरतने की जरूरत है। रोजाना हर जिले में ऐसी शिकायतें भी पहुंच रही हैं जहां उपभोक्ता ऑनलाइन फोन बुकिंग के दौरान गलती से गैस सब्सिडी छोड़ने का विकल्प दबा देते हैं। बाद में गैस एजेंसियों के चक्कर काटते हैं।
इसी तरह गैस एजेंसियों से अब ऐसे संदेश भी मिल रहे हैं वे अपनी वार्षिक आय दस लाख से कम होने का शपथ पत्र दें। कई गैस एजेंसियों द्वारा उपभोक्ताओं को जबरन गैस सब्सिडी छोड़ने के लिए धन्यवाद संदेश भी जारी किए जाने की शिकायतें हैं।
इंडियन ऑयल के जम्मू के सीनियर मैनेजर मिथलेश सिन्हा कहते हैं कि ऑनलाइन बुकिंग के दौरान सब्सिडी स्वेच्छा से छोड़ने का विकल्प स्वीकार करने पर ही धन्यवाद संदेश पहुंचता है। अगर ऐसे उपभोक्ता शिकायत लेकर आते हैं तो गलती ठीक भी कर ली जाती है यानी सब्सिडी चालू कर दी जाती है।
इलाहाबाद जोन में कहां कितने उपभोक्ताओं ने छोड़ी गैस सब्सिडी
इलाहाबाद- 22598
वाराणसी- 17224
मिर्जापुर- 6661
प्रतापगढ़- 6073
बांदा- 3013
चंदौली- 868
गाजीपुर- 2408
जौनपुर- 2632
कौशाम्बी- 2227
संत रविदास नगर- 2146
सोनभद्र- 1762
चित्रकूट- 131