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करूर भगदड़ मामला: पीड़ित परिवार ने लगाया राजनीतिक दबाव का आरोप, शीर्ष अदालत ने कहा- सीबीआई से करें संपर्क

Fri, 31 Oct 2025 01:11 AM IST
शिवम गर्ग न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवम गर्ग Updated Fri, 31 Oct 2025 01:11 AM IST
सार

सुप्रीम कोर्ट ने करूर भगदड़ पीड़ित परिवार को कथित राजनीतिक दबाव और धमकी के आरोपों पर सीबीआई से संपर्क करने की सलाह दी। कोर्ट ने कहा कि फिलहाल किसी नए आदेश की जरूरत नहीं है।

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Karur Stampede Case: SC asks victim’s family to approach CBI over allegations of political pressure
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : एएनआई

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को तमिलनाडु के करूर भगदड़ मामले में पीड़ित परिवार को कथित राजनीतिक दबाव और धमकी के आरोपों के संबंध में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से संपर्क करने की सलाह दी है। न्यायमूर्ति जे.के. महेश्वरी और विजय विष्णोई की पीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता के वकील ने यह दावा किया है कि राज्य के अधिकारियों ने परिवार को धमकाने और मनाने की कोशिश की। अदालत ने कहा याचिकाकर्ता इस मामले में सीबीआई से संपर्क कर सकते हैं। फिलहाल, इस पर किसी अतिरिक्त आदेश की आवश्यकता नहीं है।

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सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि यह हादसा सिर्फ एक राज्य का मामला नहीं, बल्कि नागरिकों के मौलिक अधिकारों से जुड़ा मुद्दा है, जिसे गंभीरता से लेना जरूरी है। अदालत ने तमिलनाडु सरकार को स्पष्ट निर्देश दिए कि वह सीबीआई जांच में पूरी तरह सहयोग करे।
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41 लोगों की मौत हुई थी
बता दें कि 13 अक्तूबर को सुप्रीम कोर्ट ने करूर भगदड़ मामले की जांच सीबीआई को सौंपने का आदेश दिया था, जिसमें 41 लोगों की मौत हुई थी। अदालत ने कहा था कि यह घटना राष्ट्रीय चेतना को झकझोर देने वाली है और इसमें निष्पक्ष जांच जरूरी है। कोर्ट ने अभिनेता-राजनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) की याचिका पर सुनवाई करते हुए तीन सदस्यीय पर्यवेक्षण समिति गठित की थी, जिसका नेतृत्व पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज न्यायमूर्ति अजय रस्तोगी कर रहे हैं। यह समिति सीबीआई की जांच की निगरानी करेगी।
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रैली में पहुंचे थे करीब 27 हजार लोग
सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति एन. सेंथिलकुमार की उस टिप्पणी की भी आलोचना की थी, जिसमें उन्होंने TVK और उसके सदस्यों पर बिना पक्षकार बनाए टिप्पणी की थी। अदालत ने कहा था कि इस तरह की टिप्पणियां निष्पक्ष जांच पर सवाल खड़े कर सकती हैं। मामले की जांच में यह भी सामने आया कि जिस रैली में यह घटना हुई, उसमें करीब 27 हजार लोग पहुंचे, जबकि आयोजन की अनुमति सिर्फ 10 हजार लोगों के लिए थी। पुलिस ने कहा कि विजय के सात घंटे देर से पहुंचने के कारण भीड़ नियंत्रण में मुश्किलें बढ़ीं और भगदड़ मच गई।

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विजय ने पीड़ित परिवारों के सदस्यों से की मुलाकात
वहीं तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) प्रमुख विजय ने करूर भगदड़ हादसे के पीड़ितों के परिवारों से सोमवार को मुलाकात की। यह मुलाकात महाबलीपुरम के एक रिसॉर्ट में हुई। रिसॉर्ट में करीब 200 लोग पहुंचे। इनमें 37 पीड़ित परिवार और कुछ घायल भी शामिल हैं। एक्टर विजय ने हर परिवार से अलग-अलग मुलाकात कर उनकी बात सुनी। मुलाकात बंद दरवाजों में हुई जहां मीडिया को अंदर जाने की इजाजत नहीं दी गई।

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