कर्नाटक का संकट: कांग्रेस के 4 विधायक रहे गैर मौजूद, येदियुरप्पा ने वापस बुलाए भाजपा विधायक
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सिद्धरमैया ने कहा, नरेंद्र मोदी, अमित शाह और केंद्रीय मंत्री कर्नाटक सरकार को अस्थिर करने के घटनाक्रम में शामिल हैं। उन्होंने हमारे विधायकों से संपर्क किया और उन्हें 50-70 करोड़ रुपए ऑफर किए। मेरे पास इसका सबूत है। चौकीदार के पास इतना पैसा कहां से आया?
वहीं, कांग्रेस विधायक सौम्या रेड्डी ने कहा कि हम एक साथ बढ़िया काम कर रहे हैं, हमें काम करने दीजिए। हम सभी ईगलटन रिसॉर्ट जा रहे हैं। हम वहां एक दिन रुकेंगे, अपनी ताकत दिखाएंगे। आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर भी हम चर्चा करेंगे।
कर्नाटक में भाजपा द्वारा गठबंधन सरकार के कथित तख्तापलट की कोशिशों के बीच शक्ति प्रदर्शन के तौर पर शुक्रवार को बंगलुरू आयोजित की गई कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) की बैठक में चार नाराज विधायक नहीं पहुंचे। कांग्रेस चारों विधायकों को नोटिस जारी कर इस पर जवाब मांगेगी।
चार विधायकों की गैरमौजूदगी से एच डी कुमारस्वामी के नेतृत्व वाली सात महीने पुरानी कांग्रेस-जल(एस) गठबंधन सरकार को तत्काल कोई खतरा नहीं है लेकिन इससे संकेत मिलते हैं कि कांग्रेस में सबकुछ ठीक नहीं है जो विधायकों की नाराजगी से प्रभावित है।
बैठक से पहले कांग्रेस विधायकों को जारी नोटिस में सीएलपी नेता और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने चेतावनी दी थी कि विधायकों की गैरमौजूदगी को गंभीरता” से लिया जाएगा और दल-बदल विरोधी कानून के तहत उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सिद्धरमैया ने कहा कि कांग्रेस बैठक के दौरान अनुपस्थित रहने वाले इन चारों विधायकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगेगी।
ये चार विधायक रहे गैर मौजूद
जब बैठक चल रही थी तब कांग्रेस सूत्रों ने कहा कि गैरमौजूद विधायकों में रमेश जारखिहोली, बी नागेंद्र, उमेश जाधव और महेश कुमाताहल्ली थे। माना जा रहा है कि रमेश जारखिहोली हाल में मंत्रिमंडल फेरबदल के दौरान अपना नाम मंत्री पद से हटाए जाने से बेहद नाराज थे। जाधव ने सिद्धारमैया को लिखा कि बैठक के बारे में एक पत्र विधायक आवास में उनके कक्ष के बाहर चस्पा कर दिया गया लेकिन वह बीमार होने की वजह से सफर करने में सक्षम नहीं हैं इसलिये बैठक में शामिल नहीं होंगे।
उन्होंने अनुरोध किया कि उनकी अनुपस्थिति को माफ किया जा सकता है। नागेंद्र ने गुरुवार को कहा था कि एक अदालती मामले की वजह से वह सीएलपी बैठक में मौजूद नहीं रह पाएंगे। लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, सिद्धरमैया, अखिल भारतीय कांग्रेस समिति के महासचिव के सी वेणुगोपाल और प्रदेश इकाई के नेता इस बैठक में मौजूद रहे।
सीएलपी बैठक से पहले कांग्रेस में वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं ने जोर देकर कहा कि गठबंधन सरकार को कोई खतरा नहीं है। उन्होंने सरकार को अस्थिर करने के “विफल प्रयास” करने के लिये भगवा दल पर निशाना साधते हुए कहा कि उसकी साजिश का पर्दाफाश हो चुका है।
कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष दिनेश गुंडू राव ने कहा कि सभी संपर्क में हैं, आप यह नहीं कह सकते कि कोई एक व्यक्ति संपर्क में नहीं है...आपने (मीडिया ने) उन लोगों की सूची बाहर कर दी जो पार्टी से अलग हो सकते थे। उनमें से अधिकतर आए हैं, दूसरे भी आएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि चाहे जो भी हो, इस सरकार को कोई खतरा नहीं है। यह पांच साल पूरे करेगी। भाजपा सरकार को अस्थिर करने के विफल प्रयास कर रही है।