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Karnataka: सीएम बोम्मई ने दिए बेंगलुरु में झीलों पर अतिक्रमण के जांच के आदेश, टास्क फोर्स का भी गठन
Mon, 19 Sep 2022 07:03 PM IST
Jeet Kumar
पीटीआई, बेंगलुरु
पीटीआई, बेंगलुरु
Published by: Jeet Kumar
Updated Mon, 19 Sep 2022 07:03 PM IST
सार
Bengaluru News: मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई (Basavaraj Bommai) ने कहा कि शहर में बाढ़ जैसे हालात अब पैदा न हों इसके लिए विशेष कार्यबल इस बात का ध्यान रखेगा कि अगले तीन से चार साल में नालों का निर्माण ठीक से हो।
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बसवराज बोम्मई
- फोटो : Social Media
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विस्तार
पिछले दिनों कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में भारी बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए। जिसके बाद एक बार फिर बेंगलुरु में झीलों पर हुए अतिक्रमण की जांच की मांग उठने लगी है। इसे देखते हुए कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने बेंगलुरु में बाढ़ के मद्देनजर सोमवार को झीलों और स्टॉर्म वाटर ड्रेन (जल निकासी) के अतिक्रमण की जांच के आदेश दिए हैं।
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विशेष टास्क फोर्स का भी हुआ गठन
उन्होंने कहा कि जल निकासी का निर्माण नियमों के अनुसार ठीक से सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष टास्क फोर्स का भी गठन किया गया है। बोम्मई ने कर्नाटक विधानसभा को बताया कि मैंने झीलों और जल निकासी के अतिक्रमण की जांच के आदेश दिए हैं। इसमें एक न्यायिक अधिकारी और दो तकनीकी विशेषज्ञ होंगे।
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विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने कहा कि शहर में बाढ़ जैसे हालात अब पैदा न हों इसके लिए विशेष कार्यबल इस बात का ध्यान रखेगा कि अगले तीन से चार साल में नालों का निर्माण ठीक से हो। सीएम बोम्मई ने शहर में बाढ़ की पुनरावृत्ति से बचने के लिए कड़े कदम उठाने की आवश्यकता पर बल दिया।
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हम किसी की बिना सुने अतिक्रमण हटाएंगे
उन्होंने कहा कि हमें अतिक्रमण हटाना है, लेकिन प्रभावशाली लोग हस्तक्षेप करते हैं और राजनीति करते हैं। हम किसी की बिना सुने अतिक्रमण हटाएंगे क्योंकि अगर हम कठोर कदम नहीं उठाते हैं, तो बेंगलुरु में फिर से बाढ़ आ जाएगी। आगे बोम्मई ने सदन कहा कि कर्नाटक उच्च न्यायालय ने आदेश दिया है कि किसी अन्य एजेंसी को अतिक्रमण हटाने पर रोक लगाने का अधिकार नहीं है, चाहे वह उपायुक्त हो या तहसीलदार।
मुख्यमंत्री ने सदन को बताया कि उन्होंने बृहत बेंगलुरु महानगर पालिका, बैंगलोर विकास प्राधिकरण और बेंगलुरु महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण को शामिल करते हुए एक व्यापक मास्टरप्लान तैयार करने का आदेश दिया है। साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा, पहले से ही, बेंगलुरु के दो मास्टरप्लान हैं, लेकिन एक नए की जरूरत है।
बेंगलुरु के विकास के लिए 600 करोड़ रुपये की मंजूरी
उन्होंने कहा कि उन्होंने बेंगलुरु के विकास के लिए 600 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है, जिसमें जल निकासी के पुनर्निर्माण के लिए 300 करोड़ रुपये शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि उन्होंने बेंगलुरु की सभी चार घाटियों - हेब्बल घाटी, कोरमंगला-चल्लाघाट घाटी और वृषभावती घाटी में प्रमुख झीलों में जल निकासी का आदेश दिया है।
बोम्मई ने लगाया कांग्रेस पर आरोप
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने नगर पालिका को सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने का निर्देश दिया है ताकि सीवेज को झीलों में जाने और उन्हें प्रदूषित करने से रोका जा सके। बोम्मई ने कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस के सत्ता में रहते हुए झीलों पर अतिक्रमण हुआ। जल निकासी की जगह नहीं है और भारी बारिश हो रही है जिसके कारण बाढ़ जैसे हालात हो जाते हैं।
उन्होंने कहा कि झीलों को बंद करने का लाइसेंस किसने दिया, यह किस कार्यकाल में हुआ, कौन सा अधिकारी, किसका राजनीतिक समर्थन था, और किसकी बेनामी संपत्ति थी, इस सबके संबंध में भी पूछताछ की जाएगी, जांच की जाएगी और सबकुछ जल्द ही पता चल जाएगा।