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कर्नाटक: चन्नापटना में भाजपा और जेडीएस कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई, सिद्धारमैया की भाजपा को चुनौती

Sat, 01 Oct 2022 09:36 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेंगलुरु
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेंगलुरु Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Sat, 01 Oct 2022 09:36 PM IST
सार

कार्यकर्ताओं को इस बात की शिकायत थी कि उनकी पार्टी के सेकेंड-इन-कमांड और पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी (जो चन्नापटना निर्वाचन क्षेत्र से विधायक हैं) को शिलान्यास समारोह के लिए आमंत्रित नहीं किया गया था।

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Karnataka clash erupted between BJP JDS workers in Channapatna stone-laying ceremony of development projects
Karnataka - फोटो : ANI

विस्तार

कर्नाटक में विकास परियोजनाओं के शिलान्यास समारोह को लेकर रामनगर जिले के चन्नापटना में भाजपा और जेडीएस कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई। मौके पर पुलिस कर्मी मौजूद है। बताया जा रहा है कि जेडीएस कार्यकर्ताओं ने शनिवार को 50 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की नींव रखने के लिए चन्नापटना में भाजपा के विधान परिषद सदस्य और पूर्व मंत्री सीपी योगेश्वर की कार पर अंडे और पत्थर फेंके। 

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कार्यकर्ताओं को इस बात की शिकायत थी कि उनकी पार्टी के सेकेंड-इन-कमांड और पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी (जो चन्नापटना निर्वाचन क्षेत्र से विधायक हैं) को शिलान्यास समारोह के लिए आमंत्रित नहीं किया गया था। इसके बजाय योगेश्वर (जो 2018 के विधानसभा चुनाव में कुमारस्वामी से हार गए थे) मौजूदा विधायक को दरकिनार कर सार्वजनिक कार्यों का उद्घाटन कर रहे थे। 
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मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने घटना की निंदा की है। उन्होंने कहा कि एमएलसी सीपी योगेश्वर पर पत्थर और अंडे फेंकना अच्छा नहीं है। मैं इसकी निंदा करता हूं। जो भी मामला हो, इसे कानूनी रूप से सुलझाया जाना चाहिए और किसी को भी कानून अपने हाथ में नहीं लेना चाहिए।
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इस बीच कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने शनिवार को प्रदेश की भाजपा सरकार को चुनौती दी। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार उनके पांच साल के कार्यकाल सहित पिछले 16 वर्षों में हुए कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ न्यायिक जांच का आदेश दे। 

उन्होंने कहा कि जब वह मुख्यमंत्री थे, तो मार्च 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिना किसी दस्तावेजी सबूत के राज्य में 10 फीसदी कमीशन की सरकार होने का आरोप लगाया था। अब ठेकेदार निकाय केम्पन्ना के प्रमुख ने आरोप लगाया है कि भाजपा सरकार में मंत्री सार्वजनिक कार्यों के लिए 40 फीसदी कमीशन की मांग कर रहे हैं।


सिद्धारमैया ने कहा कि केम्पन्ना कह रहा है, एक न्यायिक आयोग का गठन करें। हम प्रासंगिक दस्तावेज पेश करेंगे। अगर हम अपने आरोप को साबित करने में विफल रहते हैं, तो आप हमारे खिलाफ कोई भी कार्रवाई कर सकते हैं। अगर आप ईमानदार हैं, तो आप ऐसा क्यों नहीं कर रहे हैं?

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