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कर्नाटक उपचुनाव परिणाम : भाजपा ने जदएस के गढ़ में लहराई विजय पताका

Tue, 10 Dec 2019 04:30 AM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू Published by: गौरव पाण्डेय Updated Tue, 10 Dec 2019 04:30 AM IST
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Karnataka Bypoll results : BJP won where JDS used to rule
बीएस येदियुरप्पा - फोटो : ट्विटर

कर्नाटक में भगवान शिव में आस्था रखने वाले समुदाय वोक्कालिगा के गढ़ कहे जाने वाले मांड्या जिले में भाजपा ने इन चुनाव में अपनी पहुंच बना ली है। यहां की दो सीटों चिक्कबल्लापुरा और गोकक में उसके विधायकों ने शानदार जीत हासिल कर विजय पताका फहराई। 

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केआर पेट सीट पर भी भाजपा प्रत्याशी नारायण गौड़ा ने जदएस के प्रत्याशी बीएल देवराज को 9700 वोटो से पराजित किया। यह सीट दशकों से कांग्रेस-जदएस के कब्जे में थी और भाजपा का यहां नामोनिशान नहीं था। पिछली विधानसभा में गौड़ा जदएस के ही विधायक थे और अयोग्य करार दिए गए थे।
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मांड्या में कुल आठ विधानसभा सीटें हैं, 2018 में जदएस ने इन सभी पर जीत हासिल की थी। इसकी वजह यहां वोक्कालिगा समुदाय की बड़ी आबादी को माना जाता है। पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा भी इसी समुदाय से आते हैं। जदएस के प्रभाव को ऐसे भी समझ सकते हैं कि नवंबर 2018 में हुए लोकसभा उपचुनाव में भी भाजपा को यहां हार मिली थी। 
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2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने प्रत्याशी खड़ा नहीं किया, बल्कि मांड्या से चुनाव लड़ने जा रहीं निर्दलीय प्रत्याशी सुमन लता अंबरीश को समर्थन दिया था। सुमन लता ने जदएस के प्रत्याशी और सीएम एचडी कुमारास्वामी के बेटे निखिल को पराजित कर दिया था।

बागियों ने जिताया गढ़, भाई ने भाई को हराया

भाजपा ने चिक्कबल्लापुरा में अपने पहली जीत हासिल की। यहां से दो बार के कांग्रेस विधायक सुधाकर ने भाजपा के टिकट पर कांग्रेस के एम अंजनप्पा को 34,801 वोटों से हराया। इस प्रकार गोकक में भाजपा के रमेश जर्किहोली के सामने उन्हीं के भाई व कांगेस प्रत्याशी लखन थे। 

येदियुरप्पा के लिए विशेष जीत

केआर पेट सीट के तहत आने वाले बुकनकेरे में येदियुरप्पा पैदा हुए थे। यहां विशेष महत्व देते हुए उन्होंने यहां का चुनाव प्रबंधन अपने बेटे बीवाई विजयेंद्र को सौंपा था। जीत के बाद उन्होंने गौड़ा को विशेष शुभकामनाएं दी।

रमेश ने अपने भाई को 23,006 वोटों से हराया। वे यहां से पांच दफा कांग्रेस के टिकट पर जीत चुके थे। सतीश और सुधाकर दोनों उन 13 बागी विधायकों में शामिल थे, जिन्हें पिछली विधानसभा में अयोग्य करार दिए जाने के बावजूद भाजपा ने टिकट दिए थे।

भाजपा के बागी भी जीते

दूसरी ओर भाजपा से निकाले जाने पर निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर लड़े शरथ बचेगौड़ा ने भी होसाकोट सीट पर जीत हासिल की। उन्हें भाजपा ने पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने की वजह से निकाल दिया था।

जिन्हें अयोग्य घोषित किया गया था, वे मंत्री बनेंगे : सीएम येदियुरप्पा

जीत से उत्साहित प्रदेश के सीएम बीएस येदियुरप्पा ने कहा कि कांग्रेस-जदएस के जिन पूर्व विधायकों को विधानसभा अध्यक्ष ने अयोग्य करार दिया था, उन्हें मंत्री बनाने का आश्वासन दिया गया है। वे इस वादे से पीछे नहीं हटेंगे। उन्हें मंत्री पद मिलेंगे और अपने-अपने क्षेत्रों में भाजपा का आधार बढ़ाने की जिम्मेदारी भी दी जाएगी। 

साथ ही वे बोले कि मतदाताओं ने अपना निर्णय सुना दिया है, परिणाम आ चुके हैं। अब वे प्रदेश के विकास पर केंद्रित हो सकेंगे। अगले साढ़े तीन वर्ष जनता को अच्छा प्रशासन मिलेगा, इसमें सभी मंत्री व विधायक सहयोग करेंगे। उन्होंने विपक्ष को भी बिना बाधा अपना कार्यकाल पूरा करने में सहयोग देने की अपील की।

भाजपा : जनता ने कांग्रेस-जदएस को अयोग्य करार दिया

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नलिन कुमार कटील ने कहा कि कांग्रेस के सिद्धारमैया और जदएस के एचडी कुमारास्वामी ने भाजपा के प्रत्याशियों को विधानसभा से अयोग्य करार देने का किस्सा रचा था। अब खुद जनता की अदालत में ये दोनों अयोग्य घोषित हो गए हैं। जनता ने भाजपा प्रत्याशियों को योग्य करार दिया है। उन्होंने विश्वास जताया कि येदियुरप्पा सरकार अपने साढ़े तीन साल के कार्यकाल को सफलता से पूरा करेगी और प्रदेश का विकास होगा।

कांग्रेस में इस्तीफों का दौर, सिद्धारमैया और दिनेश गुंडुराव ने पद छोड़े

वरिष्ठ कांग्रेस नेता व पूर्व सीएम सिद्धारमैया ने सोमवार को कांग्रेस विधायक दल नेता पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने उपचुनाव में हार की नैतिक जिम्मेदारी ली। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को लिखे पत्र में उन्होंने संतोषजनक परिणाम न आने पर पछतावा जताया। साथ ही कहा कि इस्तीफा देना जरूरी कदम है, वे पार्टी के हित में इस्तीफा देते हैं।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दिनेश गुंडुराव ने भी सोमवार को इस्तीफे की घोषणा की। उन्होंने भी सोनिया गांधी को इस्तीफा भेजा। साथ ही बताया कि वे पार्टी की हार की नैतिक ओर राजनीतिक जिम्मेदारी लेते हैं। उन्होंने कहा कि अगर कुछ गलत हुआ है तो उसके अनुसार उन्हें निर्णय लेना होगा।

उपचुनाव के बाद ऐसे बदली तस्वीर

पार्टी विधानसभा चुनाव 2018 विधानसभा चुनाव 2019
कांग्रेस  12 02
भाजपा 00 12
जदएस 03 00
निर्दलीय 00 01

 

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