कर्नाटक उपचुनाव: बच गई येदियुरप्पा सरकार, अब तक छह सीटें जीतीं, कांग्रेस-जेडीएस ने हार स्वीकारी
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कर्नाटक विधानसभा के 15 सीटों पर हुए उपचुनाव में भाजपा को प्रचंड बहुमत मिलती दिख रही है। चुनाव आयोग के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, भाजपा ने अबतक छह सीटों पर जीत दर्ज कर ली है जबकि छह सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। वहीं कांग्रेस एक सीट जीत चुकी है और एक अन्य सीट पर आगे है। निर्दलीय प्रत्याशी भी एक सीट पर बढ़त बनाए हुए है। जबकि जनता दल सेक्युलर के सभी प्रत्याशी पीछे चल रहे हैं।
भाजपा ने चिकबलपुर विधानसभा सीट 34801 मतों से जीत ली है। भाजपा प्रत्याशी डॉ के सुधाकर ने कांग्रेस प्रत्याशी एम अनजानप्पा को हराया। वहीं येलापुर विधानसभा सीट पर भाजपा प्रत्याशी एएच शिवराम ने कांग्रेस प्रत्याशी भिमन्ना नाईक को 31408 मतों से पराजित कर दिया है।
रानीबेन्नूर विधानसभा सीट से भाजपा के अरुण कुमार ने कांग्रेस प्रत्याशी को 23222 मतों से हराया। विजयनगर विधानसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी आनंद सिंह ने 30125 मतों से कांग्रेस प्रत्याशी को मात दी। महालक्ष्मी लेआउट विधानसभा सीट से के गोपालिया ने कांग्रेस प्रत्याशी एम शिवराजू को 54386 मतों से हरा दिया है। वहीं कृष्णाराजपेठ विधानसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी नारायन गोड्डवा ने जनता दल सेक्युलर प्रत्याशी बीएल देवराज को 9731 मतों से हराया है।
कांग्रेस के खाते में अभी तक एक सीट ही आ सकी है। हुनाशुरू विधानसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी एचपी मंजूनाथ ने भाजपा के एएच विश्वनाथ को 39727 मतों से हरा दिया है।
कांग्रेस ने स्वीकारी हार
कर्नाटक उपचुनाव के नतीजों पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डीके शिवकुमार ने कहा कि हमें इन 15 निर्वाचन क्षेत्रों के मतदाताओं के जनादेश से सहमत होना होगा। लोगों ने दलबदलुओं को स्वीकार कर लिया है। हमने भी हार स्वीकार कर ली है। उन्होंने कहा कि मुझे नहीं लगता कि हमें निराश होना पड़ेगा।
क्यों आई थी उपचुनाव की नौबत
कांग्रेस और जेडीएस के 17 बागी विधायकों को अयोग्य घोषित किए जाने के बाद 15 सीटों पर उपचुनाव कराया गया। हाईकोर्ट में चल रहे मुकदमे की वजह से दो सीटों पर उपचुनाव नहीं कराया गया है। इन 15 सीटों में से 12 पर कांग्रेस और तीन जेडीएस के पास थीं। 224 सदस्यों वाली विधानसभा में 17 विधायकों के अयोग्य घोषित होने के बाद यह संख्या 207 पर आ गई थी और 29 जुलाई को बीएस येदियुरप्पा ने विश्वास मत हासिल कर लिया।