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BJP-JDS: लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा-जेडीएस के बीच समझौते के आसार, इस गठबंधन से कर्नाटक में किसे क्या मिलेगा?

Tue, 12 Sep 2023 07:54 PM IST
शिवेंद्र तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवेंद्र तिवारी Updated Tue, 12 Sep 2023 07:54 PM IST
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सार
Election 2024: जेडीएस सुप्रीमो एचडी देवगौड़ा ने हाल ही में दिल्ली में भाजपा नेतृत्व के साथ गठबंधन पर चर्चा की है। इसकी जानकारी देवगौड़ा ने खुद जेडीएस कार्यकर्ताओं की एक बैठक को संबोधित करते हुए दी। इससे पहले बीएस येदियुरप्पा ने कहा था कि भाजपा ने लोकसभा चुनाव के लिए जेडीएस को चार सीटें देने पर सहमति जता दी है।
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Karnataka: BJP JDS pact for Lok Sabha elections, who will benefit from this alliance
भाजपा-जेडीएस गठबंधन - फोटो : AMAR UJALA

विस्तार

मई महीने में कर्नाटक में हुए विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के सामने भाजपा और जेडीएस को करारी हार झेलनी पड़ी थी। अब दोनों विपक्षी दल अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए हाथ मिलाने की योजना बना रहे हैं। बीते रविवार को जेडीएस सुप्रीमो और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा ने पुष्टि की कि उन्होंने कर्नाटक के हित में और अपने संगठन को बचाने के लिए दिल्ली में भाजपा नेतृत्व के साथ चर्चा की है। उधर भाजपा खेमे की ओर से मंगलवार को पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने कहा कि पार्टी का नेतृत्व इस बारे में अंतिम फैसला लेगा। 


इससे पहले दोनों दलों ने विधानसभा में मिलकर कांग्रेस के खिलाफ लड़ाई लड़ने का एलान किया था। अब दोनों पार्टियों ने आम चुनाव में भी एक साथ जाने की तैयारी कर ली है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि कर्नाटक की राजनीति में क्या हो रहा है? 2024 लोकसभा चुनाव के लिए दोनों दलों की तैयारी क्या है? गठबंधन पर भाजपा नेताओं का क्या कहना है? राज्य में मौजूदा सियासी समीकरण क्या हैं? 2024 चुनाव के लिए दोनों दलों के बीच सीटों का बंटवारा कैसे होगा? गठबंधन होने से फायदा किसका होगा? आइए जानते हैं...

एचडी देवगौड़ा (फाइल फोटो)
एचडी देवगौड़ा (फाइल फोटो) - फोटो : सोशल मीडिया
कर्नाटक की राजनीति में अभी क्या हुआ है? 
जेडीएस सुप्रीमो एचडी देवगौड़ा ने हाल ही में दिल्ली में भाजपा नेतृत्व के साथ गठबंधन पर चर्चा की है। इसकी जानकारी देवगौड़ा ने खुद रविवार को जेडीएस कार्यकर्ताओं की एक बैठक को संबोधित करते हुए दी। उन्होंने कहा, 'हां, मैंने दिल्ली में भाजपा नेताओं से संपर्क किया, एक बार फिर प्रधानमंत्री बनने के लिए नहीं। इस पार्टी को बचाने के लिए, एक क्षेत्रीय पार्टी जिसे मैंने 40 वर्षों तक पाला है। 

पूर्व पीएम ने कहा, 'मैं मोदी से मिला था, जब भाजपा नेताओं ने खुद मुझसे मिलने की इच्छा जताई थी। यह सच है कि मैंने उनसे बात की, लेकिन मैंने कोई सीट नहीं मांगी है।' जेडीएस प्रमुख ने कहा कि चुनावी तालमेल के मुद्दे पर पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा नेताओं के साथ चर्चा करेंगे कि वे कितनी सीटें देंगे और क्षेत्रीय दल कितनी सीटें लेगा और फैसला करेंगे। छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है।'

बसवराज बोम्मई और बीएस येदियुरप्पा।
बसवराज बोम्मई और बीएस येदियुरप्पा। - फोटो : Facebook : @BasavarajSBommai
गठबंधन पर भाजपा नेताओं का क्या कहना है?
भाजपा के वरिष्ठ नेता और कर्नाटक के पूर्व सीएम बीएस येदियुरप्पा ने इस राजनीतिक घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया दी है। मंगलवार को एक पत्रकार वार्ता में येदियुरप्पा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व 2024 के लोकसभा चुनावों के लिए कर्नाटक में जेडीएस के साथ हाथ मिलाने पर फैसला करेगा।

येदियुरप्पा का पार्टी की चुनाव समिति की बैठक में भाग लेने के लिए दिल्ली दौरा भी करना है। उन्होंने कहा कि वह दिल्ली में सभी नेताओं से मिलेंगे और राज्य की राजनीतिक स्थिति पर चर्चा करने और उनके सुझाव लेने का प्रयास करेंगे।

पार्टी के एक अन्य वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने कहा कि उम्मीद है कि दोनों विपक्षी दल साथ आएंगे। बोम्मई ने कहा कि अगली वार्ता दिल्ली स्तर पर होगी और सभी नफा-नुकसान पर विचार करने के बाद दोनों दलों के नेता निर्णय लेंगे। 

Karnataka BJP Celebration
Karnataka BJP Celebration - फोटो : SOCIAL MEDIA
राज्य में मौजूदा सियासी समीकरण क्या है?
कर्नाटक में लोकसभा कुल 28 सीटें हैं। भाजपा ने 2019 के लोकसभा चुनावों में यहां 25 सीटें जीती थीं। वहीं, कांग्रेस और जेडीएस को एक-एक सीट मिली थी। जनता दल सेक्युलर के उम्मीदवार प्रज्वल रेवन्ना ने हासन सीट से जीत दर्ज की थी। वहीं, बंगलूरू ग्रामीण से कांग्रेस की टिकट पर कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के भाई डीके सुरेश विजयी हुए थे। इसके अलावा एक सीट पर जेडीएस समर्थित निर्दलीय ने जीत हासिल की थी। मांड्या लोकसभा सीट से सुमालता अंबरीश ने जीत हासिल की थी। 

मोदी जेडीएस
मोदी जेडीएस - फोटो : अमर उजाला
2024 चुनाव के लिए कितनी सीटों पर होगा गठबंधन?
हाल ही में बीएस येदियुरप्पा ने एलान किया कि भाजपा ने लोकसभा चुनाव के लिए जेडीएस को चार सीटें देने पर सहमति जता दी है। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह ने इसके लिए हामी भर दी है। येदियुरप्पा ने कहा, 'इसने हमें काफी ताकत दी है और इससे साथ मिल कर हमें 25-26 लोकसभा सीट जीतने में मदद मिलेगी।'

जानकारी के मुताबिक, जेडीएस ने हासन, मांड्या के साथ बीजापुर, रायचूर, बीदर और चिकमंगलुरु सीट मांगी है। एचडी देवगौड़ा ने अपने हालिया वक्तव्य कहा कि बीजापुर और रायचूर में आप (भाजपा) तभी सीटें जीत सकते हैं जब आपको मेरी पार्टी की ताकत मिले, अगर नहीं तो आप नहीं जीत सकते, मैंने उन नेताओं से यह बात कही है। बीदर और चिकमंगलुरु में भी हमारे पास अच्छी संख्या में वोट हैं। हालांकि, भाजपा और भाजपा के साथ मिलकर लोकसभा चुनाव लड़ने के बारे में चर्चा अभी भी जारी है।  

जेडीएस नेता एचडी कुमारस्वामी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी।
जेडीएस नेता एचडी कुमारस्वामी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। - फोटो : सोशल मीडिया
गठबंधन होने से फायदा किसका?
फिलहाल राज्य में भाजपा और जेडीएस के सियासी ताकत की बात करें तो भाजपा जेडीएस से काफी आगे दिखती है। राज्य में 28 लोकसभा सीटों में से सबसे ज्यादा 25 सीटें भाजपा के पास हैं। जब कर्नाटक की बात आती है तो जेडीएस के साथ भाजपा के रिश्ते को लेकर कई तरह की बातें कही जाती हैं। कहा जाता है कि वोक्कालिंगा मतदाताओं पर जेडीएस का प्रभाव भाजपा को मजबूत करेगा। कुछ विश्लेषकों का भी मानना है कि एक साथ जाने से दोनों पार्टियों को मदद मिलेगी। 

वहीं, कुछ जानकारों का कहना है कि भाजपा के लिए संभावित मामूली लाभ गठबंधन के लायक नहीं हो सकता है। इससे पहले 2019 के लोकसभा चुनावों से पहले कांग्रेस और जेडीएस के बीच गठबंधन की ओर इशारा किया जाता है, जब दोनों पार्टियां केवल एक-एक सीट ही जीत सकीं।

अब भाजपा-जेडीएस गठबंधन पर बातचीत के साथ एक सवाल यह है कि क्या दोनों पार्टियां एक-दूसरे को वोट ट्रांसफर कर सकती हैं। हाल के विधानसभा चुनावों में भाजपा का वोट शेयर 36 फीसदी और जेडीएस का 14 फीसदी था, लेकिन पिछले लोकसभा चुनाव में अकेले भाजपा को 52 फीसदी वोट मिले थे। 

लोकसभा चुनाव में जेडीएस को साथ लेने के लिए भाजपा की ओर से गंभीर प्रयास किए जा रहे हैं। सतही तौर पर यह एक अच्छा समीकरण दिखता है, लेकिन जमीनी स्तर पर कई बड़े मुद्दे हैं, जिन्हें सुलझाना बाकी है। लोकसभा चुनाव से पहले बीबीएमपी और जिला पंचायत चुनाव हैं। कोई भी गठजोड़ होने पर उसे इन दो चुनावों में कमाल दिखाना होगा और गठबंधन के काम करने के लिए दोनों पार्टियों के बीच की केमिस्ट्री भी होनी चाहिए।
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