कर्नाटक: राहुल गांधी से मुलाकात के बाद कांग्रेस नेताओं ने किया एकता के मंत्र का जाप, सत्ता में लौटने का दावा
सिद्धारमैया के मुताबिक, राहुल गांधी ने राजनीतिक स्थिति का जायजा लेने, चुनाव जीतने और सत्ता में वापसी की रणनीति पर चर्चा करने के लिए कर्नाटक में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की बैठक बुलाई था।
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कर्नाटक में अगले साल विधानसभा चुनाव से पहले बड़े नेताओं ने कांग्रेस में एकता के मंत्र का जाप किया। राहुल गांधी से मुलाकात के एक दिन बाद विधानसभा में नेता विपक्ष सिद्धारमैया और कर्नाटक कांग्रेस के अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने दिल्ली में एक संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस करते हुए दावा किया कि कांग्रेस दोबारा सत्ता में लौटेगी। सिद्धारमैया ने कहा कि राज्य में विधानसभा चुनाव के लिए एक साल बचा है, यहां कांग्रेस की वापसी के लिए अच्छा माहौल है क्योंकि जब से भाजपा ऑपरेशन लोटस के जरिए सत्ता में लौटी है उसने यहां कोई विकास कार्य नहीं कराए हैं। लोग इस सरकार को श्राप दे रहे हैं।
सिद्धारमैया का दावा, हमारे बीच कोई मतभेद नहीं
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने राजनीतिक स्थिति का जायजा लेने और चुनाव जीतने और सत्ता में वापस आने की रणनीति पर चर्चा करने के लिए कर्नाटक में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की बैठक बुलाई था। राहुल गांधी को संदेश मिला है कि पार्टी में हर कोई राज्य में एक साथ काम कर रहा है और पार्टी सत्ता में वापस आएगी। हम सभी एक साथ काम कर रहे हैं, कोई मतभेद नहीं हैं। भाजपा यह दिखाने की कोशिश कर रही है कि मतभेद हैं, यह सच नहीं है। चूंकि हम एक लोकतांत्रिक पार्टी हैं, इसलिए मतभेद हो सकते हैं, बस इतना ही।
शिवकुमार बोले, जनता के बीच जाने का निर्देश
शिवकुमार ने कहा कि लगभग 15 राज्य कांग्रेस नेताओं ने पार्टी महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला और केसी वेणुगोपाल की उपस्थिति में राहुल गांधी से मुलाकात की। हमने उन्हें कर्नाटक में सियासी माहौल और पार्टी के संगठनात्मक मामलों के बारे में जानकारी दी है। हमारे पास एक साल का समय है और हमें राष्ट्रीय राजनीति में बदलाव, राज्य के लोगों के मुद्दों को ध्यान में रखते हुए लोगों के सामने जाने के लिए कहा गया है। नेताओं को मैदान पर अधिक समय बिताने के लिए कहा गया है। पार्टी को सत्ता में वापस लाना हमारा कर्तव्य है और हमने साथ काम करने का वादा किया है। उन्होंने कहा कि मेकेदातु परियोजना को लागू करने की कांग्रेस की पदयात्रा 27 फरवरी को रामनगर से शुरू होगी और 3 मार्च को बेंगलुरु के नेशनल कॉलेज ग्राउंड में समाप्त होगी।
कहा जा रहा है कि राज्य के कांग्रेस नेताओं के साथ राहुल गांधी की बैठक का उद्देश्य सिद्धारमैया और शिवकुमार के बीच राजनीतिक एकता की खबरों के बीच सामूहिक नेतृत्व का संदेश भेजना था क्योंकि दोनों की मुख्यमंत्री बनने की महत्वाकांक्षा है।